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आबादी 13 लाख, एंबुलेंस 20, 4 कंडम हालत में

Sat, 08 Nov 2014 11:38 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, सिरसा
ब्यूरो/अमर उजाला, सिरसा Updated Sat, 08 Nov 2014 11:38 PM IST
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Population of 13 million, 20 ambulances, 4 wastel condition

स्वास्थ्य सुविधाओं को मुहैया कराने की अहम कड़ी ‘एंबुलेंस’ की कमी से जिले के स्वास्थ्य महकमे को दो-चार होना पड़ रहा है।

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विभाग में एंबुलेंस गाड़ियों की संख्या आवश्यक से कम होने का खामियाजा आम जनता को भोगना पड़ रहा है।

13 लाख से अधिक की आबादी वाले सिरसा जिले में विभाग के पास 20 एंबुलेंस गाड़ियां हैं। इनमें से भी चार एंबुलेंस गाड़ियों को कंडम घोषित करने की सिफारिश की जा चुकी है।

ईएमटी की संख्या भी कम
सामान्य अस्पताल के ट्रामा सेंटर में स्थापित एंबुलेंस कंट्रोल रूम के कर्मचारियों का कहना है कि एंबुलेंस की संख्या 25 से 30 होनी चाहिए।

पहले यहां 22 एंबुलेंस थी, जिनमें दो को कंडम घोषित करने के बाद यह संख्या घटकर 20 पर आ गई। विभाग में एंबुलेंस चालक की संख्या के अनुसार ईएमटी (एमरजेंसी मेडिकल ट्रेनर) की संख्या कुछ कम है।
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20 एंबुलेंस गाड़ियों पर 49 चालकों की नियुक्ति है, वहीं ईएमटी की संख्या 35 ही है। ईएमटी कम होने के कारण कई बार परेशानी झेलनी पड़ती है। कंट्रोल रूम में चार ऑपरेटरों की नियुक्ति है जो 12-12 घंटे की ड्यूटी देते हैं।
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छह माह से खराब जीपीएस
स्वास्थ्य विभाग द्वारा 17 एंबुलेंस गाड़ियों को जीपीएस सिस्टम से जोड़ा गया था, जो पिछले छह माह से खराब पड़ा है। बता दें कि एंबुलेंस की तत्काल सटीक लोकेशन पता लगाने के लिए उसे जीपीएस सिस्टम से जोड़ा गया था।

लेकिन जीपीएस सिस्टम खराब रहने से अब एंबुलेंस की लोकेशन पता करने के लिए चालक से संपर्क पर निर्भर रहना पड़ता है।

फेक कॉल से भारी दिक्कत
कंट्रोल रूम में ऑपरेटरों का कहना है कि रोज कम से कम 70 कॉल आती हैं। लेकिन दिक्कत फेक कॉल से होती है। कई लोग झूठी सूचना देते हैं और जब एंबुलेंस घटना स्थल पर पहुंचती है तो वहां कुछ भी नहीं मिलता।

वॉशिंग सेंटर की व्यवस्था नहीं
कई बार इमरजेंसी मामलों में एंबुलेंस की सीट पर खून गिर जाता है। लेकिन सामान्य अस्पताल परिसर में वॉशिंग सेंटर की व्यवस्था न होने के कारण एंबुलेंस को वाशिंग के लिए बाहर लेकर जाना पड़ता है।

वहीं एंबुलेंस चालक व ऑपरेटर समय पर वेतन नहीं मिलने की समस्या से जूझ रहे हैं। चालकों का कहना है कि डेढ़ माह बीत जाने पर मासिक वेतन मिलता है। अभी तक अक्टूबर माह का वेतन नहीं मिला।


पर्याप्त है एंबुलेंस की संख्या : सिविल सर्जन
सिविल सर्जन सुरेंद्र नैण एंबुलेंस की संख्या को पर्याप्त मानते हैं। उनका कहना है कि जिले के हर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में एंबुलेंस सुविधा की जरूरत नहीं।

कहीं से भी फोन आता है कि तुरंत एंबुलेंस वहां पहुंच जाती है। जहां तक जीपीएस सिस्टम खराब होने की बात है तो जल्द ही इसे ठीक करवाया दिया जाएगा।

एंबुलेंस का जीपीएस सिस्टम से जुड़ा होना बेहद जरूरी है। उन्होंने बताया कि जल्द ही वाशिंग सेंटर खोले जाने की योजना है।

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