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Sirsa News: सांसों पर प्रदूषण का पहरा, 24 घंटे में एक्यूआई 439 पहुंचा

Sat, 04 Nov 2023 11:55 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा Updated Sat, 04 Nov 2023 11:55 PM IST
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Pollution on breath, AQI reached 439 in 24 hours
संवाद न्यूज एजेंसी
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सिरसा। अब जिले में धान की कटाई पूरी ही नहीं हुई कि लोगों का दम फूलने लगा। हवा जहरीली होने लगी है। जिले में 24 घंटे में प्रदूषण का स्तर दो गुना बढ़ गया है। शनिवार को रात आठ बजे जिले के औसत 439 दर्ज किया गया है, जोकि स्वस्थ्य के लिए बेहद खतरनाक स्तर है। इसका असर स्वस्थ्य पर भी पड़ रहा है। नागरिक अस्पताल में आंखों संबंधी ओपीड़ी में भी 100 फीसदी से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई है।
पराली प्रबंधन को लेकर प्रशासन बड़े-बड़े दावे कर रहा है, वहीं पराली जलने के भी अभी मामले कम ही आए हैं। इसके बावजूद प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ रहा है। अधिकारी की मानें तो पंजाब में पराली जलाने के प्रदूषण बढ़ रहा है। हरसेक के अनुसार जिले में शनिवार को एक स्थान पर पराली जली है। इससे पहले शुक्रवार को तीन और वीरवार को पांच जगह पराली जली थी।
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प्रदूषण के स्तर पर गौर करें तो सिरसा में शुक्रवार को वायुप्रदूषण का स्तर 226 दर्ज किया गया था। शनिवार को स्तर बढ़कर 439 पहुंच गया। दिन भर धूल, धुएं और हानिकारण तत्वों के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। आंकड़ों पर गौर करें तो प्रदूषण का निम्न स्तर 315 और अधिकतर स्तर 468 दर्ज किया गया है। वहीं अभी तक जिले में धान निकालने की गति 10 दिनों में बढ़ेगी।
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200 के करीब पहुंची नेत्र रोगों की ओपीडी
नगारिक अस्पताल में अब रोजाना करीब 1100 ओपीडी हो रही है। इसमें से करीब 200 मरीज आंखों संबंधी दिक्कत का इलाज करवाने के लिए पहुंच रहे है। पूर्व में नेत्र रोग की ओपीड़ी 80 से 90 के आस पास होती थी।


बॉक्स
तीन नंवबर -
रात 12 बजे - 455
रात 1 बजे -- 468
चार नवंबर
सुबह 5 बजे -- 447
सुबह 6 बजे - 449
सुबह 7 बजे - 455
सुबह 10 बजे - 465
दोपहर 1 बजे - 443
दोपहर 3 बजे - 440
शाम 5 बजे - 421
शाम 7 बजे - 422

बॉक्स
यह है प्रदूषण के मुख्य कारक
1 पराली जलाना
2 कूड़ा जलाना
3 त्योहारी सीजन में फैक्टिरयों का अधिक उत्पादन करना।
4 गांवों में खेतों की सफाई उपरांत कचरा जलाया जाना



पानी का छिड़काव करना जरूरी
हवाओं में प्रदूषण होने पर सड़कों पर पानी का छिड़काव कर सफाई होना बेहद जरूरी है। लेकिन ऐसा नजर नहीं आ रहा है। यही कारण है कि धूल कण भी बड़ी मात्रा में वायुमंडल में जमा हो रहे हैं। वहीं अधिकारियों का कहना है कि पानी के छिड़काव को लेकर उच्चाधिकारियों से बातचीत की जाएगी। रोड स्वीपिंग मशीन में पानी छिडकाव की व्यवस्था होती है। इसका प्रयास किया जाएगा।


बकरियांवाली प्लांट में नहीं बूझी आग
बकरियांवाली कूड़ा प्लांट में निरंतर आग जलती देखने को मिल रही है। किसानों के लिए इस मौसम में प्लांट के कारण जीना मुहाल हो गया है। सालों पुराने कचरे को लेकर कोई व्यवस्था नहीं होने के कारण आगजनी की घटनाएं रुकने का नाम नहीं ले रही हैं। लाखों टन कचरा अभी तक सेग्रीगेट नहीं हो पाया है।


कोट्स
प्लांट का निरीक्षण किया जाएगा। प्लांट में आग लगने की सूचना मुझे प्राप्त नहीं हुई है। यदि ऐसा है तो आग बुझाई जाएगी। पानी के छिड़काव को लेकर उच्चाधिकारियों से बातचीत की जाएगी। रोड स्वीपिंग मशीन में पानी छिड़काव की व्यवस्था होती है। इसका प्रयास किया जाएगा। - जयवीर सिंह, सीएसआई , नगर परिषद
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