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Sirsa News: मौसम के उतार-चढ़ाव से बच्चों की ओपीडी 80 के पार
Wed, 30 Sep 2026 11:57 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Wed, 30 Sep 2026 11:57 PM IST
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डबवाली। खांसी की शिकायत होने पर बच्ची की जांच करती हुई चिकित्सक। संवाद
फोटो - 38, 39
- दिन में गर्मी और रात-सुबह ठंडक के कारण बुखार, खांसी-जुकाम के मरीज बढ़े
संवाद न्यूज एजेंसी
डबवाली। दिन में तेज गर्मी और रात व सुबह की ठंडक के कारण तापमान में लगातार बदलाव हो रहा है। इस मौसमी उतार-चढ़ाव से बच्चों में वायरल संक्रमण और अन्य बीमारियां बढ़ गई हैं। उपमंडल नागरिक अस्पताल में बच्चों की ओपीडी 80 के पार पहुंच गई है।
अस्पताल में बुखार, खांसी, जुकाम, गले में खराश और पेट दर्द जैसी शिकायतों के साथ बच्चे आ रहे हैं। चिकित्सकों के अनुसार तापमान में अचानक बदलाव से बच्चों में संक्रमण का खतरा बढ़ता है। बाल रोग विशेषज्ञ शिप्रा सूरी ने बताया कि बदलते मौसम से बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता प्रभावित होती है।
इससे वायरल संक्रमण के मामले बढ़ सकते हैं। इन दिनों ओपीडी में बुखार, खांसी-जुकाम और गले में खराश की शिकायतें आम हैं। बड़ी संख्या में बच्चे इन समस्याओं के साथ अस्पताल पहुंच रहे हैं। कुछ बच्चों में बुखार कभी कम तो कभी तेज होने के साथ कमजोरी भी दिख रही है। चिड़चिड़ेपन की समस्या भी बच्चों में देखी जा रही है।
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बचाव के उपाय
बच्चों को मौसम के अनुसार कपड़े पहनाना जरूरी है। उन्हें पर्याप्त साफ पानी और पौष्टिक भोजन देना चाहिए। पसीने से भीगे बच्चों को तुरंत कूलर या एसी की तेज हवा में बैठाने से बचें। खुले में बिकने वाले खाद्य पदार्थों से बच्चों को दूर रखना चाहिए। नियमित रूप से हाथ धुलवाने की आदत डालना भी महत्वपूर्ण है।
गंभीर लक्षण और सलाह
शिप्रा सूरी ने गंभीर लक्षणों पर तुरंत चिकित्सक को दिखाने की सलाह दी। लगातार तेज बुखार, सांस लेने में परेशानी होने पर डॉक्टर से मिलें। बार-बार उल्टी-दस्त या पानी-दूध पीने में दिक्कत भी चिंताजनक है। अत्यधिक सुस्ती जैसे लक्षण दिखने पर भी तुरंत चिकित्सा सहायता लें। बिना चिकित्सकों की सलाह के एंटीबायोटिक या अन्य दवाएं बच्चों को न दें।
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- दिन में गर्मी और रात-सुबह ठंडक के कारण बुखार, खांसी-जुकाम के मरीज बढ़े
संवाद न्यूज एजेंसी
डबवाली। दिन में तेज गर्मी और रात व सुबह की ठंडक के कारण तापमान में लगातार बदलाव हो रहा है। इस मौसमी उतार-चढ़ाव से बच्चों में वायरल संक्रमण और अन्य बीमारियां बढ़ गई हैं। उपमंडल नागरिक अस्पताल में बच्चों की ओपीडी 80 के पार पहुंच गई है।
अस्पताल में बुखार, खांसी, जुकाम, गले में खराश और पेट दर्द जैसी शिकायतों के साथ बच्चे आ रहे हैं। चिकित्सकों के अनुसार तापमान में अचानक बदलाव से बच्चों में संक्रमण का खतरा बढ़ता है। बाल रोग विशेषज्ञ शिप्रा सूरी ने बताया कि बदलते मौसम से बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता प्रभावित होती है।
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इससे वायरल संक्रमण के मामले बढ़ सकते हैं। इन दिनों ओपीडी में बुखार, खांसी-जुकाम और गले में खराश की शिकायतें आम हैं। बड़ी संख्या में बच्चे इन समस्याओं के साथ अस्पताल पहुंच रहे हैं। कुछ बच्चों में बुखार कभी कम तो कभी तेज होने के साथ कमजोरी भी दिख रही है। चिड़चिड़ेपन की समस्या भी बच्चों में देखी जा रही है।
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बचाव के उपाय
बच्चों को मौसम के अनुसार कपड़े पहनाना जरूरी है। उन्हें पर्याप्त साफ पानी और पौष्टिक भोजन देना चाहिए। पसीने से भीगे बच्चों को तुरंत कूलर या एसी की तेज हवा में बैठाने से बचें। खुले में बिकने वाले खाद्य पदार्थों से बच्चों को दूर रखना चाहिए। नियमित रूप से हाथ धुलवाने की आदत डालना भी महत्वपूर्ण है।
गंभीर लक्षण और सलाह
शिप्रा सूरी ने गंभीर लक्षणों पर तुरंत चिकित्सक को दिखाने की सलाह दी। लगातार तेज बुखार, सांस लेने में परेशानी होने पर डॉक्टर से मिलें। बार-बार उल्टी-दस्त या पानी-दूध पीने में दिक्कत भी चिंताजनक है। अत्यधिक सुस्ती जैसे लक्षण दिखने पर भी तुरंत चिकित्सा सहायता लें। बिना चिकित्सकों की सलाह के एंटीबायोटिक या अन्य दवाएं बच्चों को न दें।