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चौटाला के रितेश्दार को दी मात

Tue, 19 Jan 2016 01:21 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला ऐलनाबाद (सिरसा)
ब्यूरो/अमर उजाला ऐलनाबाद (सिरसा) Updated Tue, 19 Jan 2016 01:21 AM IST
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ऐलनाबाद खंड में 17 जनवरी को आयोजित पंचायती राज चुनाव में अनेक गांवों में यह चुनाव आकर्षण का केंद्र रहे। कहीं अत्याधिक पढ़ा-लिखा तो कहीं सबसे कम उम्र का सरपंच निर्वाचित हुआ। इसी तरह ऐलनाबाद खंड के गांव मिठी सुरेरां में इंडियन नेशनल लोकदल के दो वरिष्ठ नेताओं के पुत्र सरपंच पद के लिए चुनावी दंगल में आमने-सामने थे।

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इनमें एक उम्मीदवार चरण सिंह जो कि पूर्व मंत्री चौ. भागीराम का पुत्र है, जबकि दूसरा उम्मीदवार सज्जन सिंह झोरड़ जो कि इनेलो के वरिष्ठ एवं वयोवृद्ध नेता मोहन लाल झोरड़ के पुत्र है। इस गांव मिठी सुरेरां में कुल 2493 मतदाता है जिनमें से 2346 वोट पोल हुए थे।
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इनमें पूर्व मंत्री चौ. भागीराम के पुत्र चरण सिंह ने 990 वोट हासिल कर विजय पाई। वहीं, इनेलो के वरिष्ठ नेता मोहन लाल झोरड़ के पुत्र सज्जन सिंह 866 वोट लेकर दूसरे स्थान पर रहे। बता दें कि ये दोनों ही नेता इनेलो के वरिष्ठ नेताओं में गिने जाते है। चौ. भागीराम वर्ष 1977 से चौटाला परिवार से जुड़े हुए है तो मोहन लाल झोरड़ चौटाला परिवार के रिश्तेदार है। दोनों ही नेताओं की गांव में साफ-सुथरी छवि है, जबकि इनके पुत्र चुनाव मैदान में एक-दूसरे को पटखनी देने के लिए आमने-सामने डट गए।
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गांव पोहड़का में प्राइवेट स्कूल की अध्यापिका बनी सरपंच
ऐलनाबाद। ऐलनाबाद खंड में 17 जनवरी को संपन्न हुए पंचायती राज चुनाव में खंड के गांव पोहड़का से उच्च शिक्षित महिला ने सरपंच पद पर विजय हासिल की है। गांव पोहड़का की यह महिला सरपंच 33 वर्षीय माया ब्यावत बीए, बीएड तक शिक्षित है, जबकि इनके पति जयचंद ब्यावत एमएम, एमएड, एमफिल तक शिक्षित है। संभवत: ऐसी सरपंच दंपति ऐलनाबाद खंड के किसी गांव में नहीं है। 


गांव पोहड़का का सरपंच पद अनुसूचित जाति की महिला के लिए आरक्षित था। इस गांव में कुल 3767 वोट है जिनमें 3527 वोट पोल हुए। निवाचत माया ब्यावत को 1472 वोट मिले, जबकि उनकी प्रतिद्वंदी रितु बेरवाल को 849 वोटों से सब्र करना पड़ा। नवनिर्वाचित सरपंच माया ब्यावत एक निजी स्कूल में बतौर अध्यापिका कार्यरत है। उन्होंने बताया कि गांव में हाई स्कूल तक के राजकीय विद्यालय की सुविधा है, जबकि इससे ऊपर की शिक्षा ग्रहण करने के लिए छात्र-छात्राओं को शहर की ओर भागना पड़ता है।

उन्होंने बताया कि वे अपने इसी कार्यकाल की अवधि में इस विद्यालय को वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय तक क्रमोन्नत करवाने के लिए हरसंभव प्रयास करेगी।
चित्र :- पोहड़का की नवनिर्वाचित एवं उच्च शिक्षित सरपंच माया ब्यावत।

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