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Sirsa News: पानी से तबाह हुई धान की फसल, सहायता के लिए गुरुद्वारा और किसान अब तैयार कर रहे नई पौध

Fri, 21 Jul 2023 11:10 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा Updated Fri, 21 Jul 2023 11:10 PM IST
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Paddy crop destroyed by water, Gurudwara and farmers are now preparing new plants for help
धान की बिजाई करते किसान।
अमनदीप कंबोज
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सिरसा। घग्गर नदी में बाढ़ के कारण हरियाणा और पंजाब के कई जिलों में धान की फसल पूरी तरह से चौपट हो चुकी है। खेतों में अभी पांच से छह फुट तक पानी जमा है। बाढ़ के बाद प्रभावित क्षेत्रों में किसानों की जमीन खाली न रहे इसके लिए अन्य किसानों और गुरुद्वारा की ओर से सहायता के लिए हाथ बढ़ाया गया है। गुरुद्वारा और किसान अपने खेत में धान की पछेती किस्म की पौध तैयार कर रहे है ताकि बाढ़ के पानी की निकासी होने के बाद उन क्षेत्र के किसानों को तैयार की हुई पौध वितरित की जा सके।
सिरसा में अभी घग्गर नदी के साथ लगते 49 गांवों में करीब 18 हजार एकड़ धान व नरमे की फसल प्रभावित हो चुकी है। खेतों में जलभराव होने के कारण किसान अब परेशानी में हैं। धान की फसल अगर न हो पाई तो किसानों के समक्ष रोटी के भी लाले पड़ने की आशंका बनी हुई है। घग्गर नदी के बीच वाले क्षेत्र और अन्य स्थानों पर किसी किसान ने काश्त पर तो किसी ने हिस्से पर जमीन लेकर उसमें धान की रोपाई की थी। किसान की ओर से अब तक प्रति एकड़ 10 हजार के करीब का खर्च किया जा चुका है। लेकिन बाढ़ के कारण उनका वह खर्च भी फसल के साथ ही पानी में बह गया है। प्रभावित किसानों के परेशानी को देखते हुए जिले के कई अन्य किसानों ने उनके खेतों को हरा-भरा करने के लिए धान की पौध तैयार करनी शुरू कर दी है। वहीं चिल्ला साहिब गुरुद्वारा की ओर से पांच एकड़ में पौध की बिजाई की गई है। जबकि अन्य किसान भी अपने स्तर पर सहायता के लिए पौध तैयार करने की सोशल मीडिया के माध्यम से प्रभावित क्षेत्र के किसानों को इसकी जानकारी दे रहे है। किसान पौध की किस्म, जगह, गांव और मोबाइल नंबर की भी जानकारी दे रहे हैं ताकि प्रभावित किसान उनके साथ संपर्क कर सके।
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1509, 1692, 126 और 1857 धान की किस्म कर रहे हैं तैयार
वहीं गांव मल्लेकां निवासी किसान गुरी शेखो ने बताया के हरियाणा और पंजाब में किसानों का धान पूरी तरह से तबाह हो चुका है। जिसके चलते उन्होंने गांव में ही पांच एकड़ में धान की पौध तैयार की है। जोकि 15 से 20 दिनों में तैयार हो जाएगी। उन्होंने धान की पछेती किस्म 1509, 1692, 126 और 1857 की खेत में बिजाई कर दी है। पौध तैयार होने के बाद वह किसानों को मुफ्त में वितरित करेंगे ताकि किसी भी किसान का बाढ़ के कारण खेत खाली न रह सके और वह दोबारा से फसल को तैयार कर सके। कई जिलों व गांवों में अभी किसानों के पास पौध तैयार करने के लिए खाली जगह तक नहीं है। ऐसे में उन्होंने अपने स्तर पर ही धान की पौध तैयार करना शुरू कर दिया है।
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चिल्ला साहिब गुरुद्वारा ने पांच एकड़ में पौध की बिजाई की
वहीं सिरसा के चिल्ला साहिब गुरुद्वारा की ओर से घग्गर से प्रभावित गांवों में लगातार लंगर, चाय, पानी सहित अन्य सेवा पहुंचाई जा रही है। गुरुद्वारा की ओर से प्रभावित किसानों की सहायता के लिए पांच एकड़ में धान की पौध की बिजाई की गई है। बाढ़ से उभरने के बाद किसानों को पौध के लिए एक जगह से दूसरी जगह पर भटकना न पड़े इसके लिए गुरुद्वारा ने पहले से ही तैयारी शुरू कर दी है। हालांकि कई क्षेत्रों में इस तरह की सहायता के लिए आगे आ रहे है।
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