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Sirsa News: धान खरीद धीमी, 39 फीसदी फसल खुले में
Fri, 06 Nov 2026 11:00 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Fri, 06 Nov 2026 11:00 PM IST
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धान की धीमी खरीद और उठान से मंडियों में परेशान किसान
लखविंदर औलख ने प्रशासन पर लगाए मिलीभगत के आरोप
फोटो-- -- 21
संवाद न्यूज एजेंसी
रोड़ी। अनाज मंडियों में धान की खरीद और उठान की धीमी रफ्तार से किसान परेशान हैं। दिवाली के त्योहार के दौरान भी किसान अपनी फसल बेचने का इंतजार करने को मजबूर हैं। भारतीय किसान एकता के प्रदेशाध्यक्ष लखविंदर सिंह औलख ने रोड़ी अनाज मंडी में किसानों की समस्याएं सुनीं।
लखविंदर सिंह औलख ने प्रशासन और सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारी मिलीभगत में व्यस्त हैं। सिरसा जिले में खरीद के प्रशासनिक दावों और जमीनी हकीकत में काफी अंतर है।
खरीद में अनियमितताएं रोकने के नियम किसानों को परेशान कर रहे हैं। राइस मिलरों, मार्केट कमेटी और खरीद एजेंसियों के अधिकारियों की मिलीभगत से फसल पंजीकरण में गड़बड़ी हो रही है। किसानों को फसल बेचने के दौरान मोटी कटौती भी झेलनी पड़ रही है।
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मंडियों में धान की स्थिति
जिले की मंडियों में 33 लाख 81 हजार क्विंटल धान की आवक हुई है जिसमें से 29 लाख 44 हजार क्विंटल की सरकारी खरीद हुई। करीब 4 लाख 36 हजार क्विंटल धान अभी भी खुले आसमान के नीचे पड़ा है जो कुल का 39 फीसदी है। कुल धान का केवल 61 फीसदी उठान होने से मंडियों में जगह की कमी है जिससे नए किसानों को परेशानी हो रही है। भारतीय किसान एकता के हस्तक्षेप के बाद रोड़ी मंडी में खरीद दोबारा शुरू हुई। उपायुक्त सिरसा ने भंडारण क्षमता बढ़ाने का आश्वासन दिया है लेकिन औलख ने खरीद सुचारु न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
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लखविंदर औलख ने प्रशासन पर लगाए मिलीभगत के आरोप
फोटो
संवाद न्यूज एजेंसी
रोड़ी। अनाज मंडियों में धान की खरीद और उठान की धीमी रफ्तार से किसान परेशान हैं। दिवाली के त्योहार के दौरान भी किसान अपनी फसल बेचने का इंतजार करने को मजबूर हैं। भारतीय किसान एकता के प्रदेशाध्यक्ष लखविंदर सिंह औलख ने रोड़ी अनाज मंडी में किसानों की समस्याएं सुनीं।
लखविंदर सिंह औलख ने प्रशासन और सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारी मिलीभगत में व्यस्त हैं। सिरसा जिले में खरीद के प्रशासनिक दावों और जमीनी हकीकत में काफी अंतर है।
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खरीद में अनियमितताएं रोकने के नियम किसानों को परेशान कर रहे हैं। राइस मिलरों, मार्केट कमेटी और खरीद एजेंसियों के अधिकारियों की मिलीभगत से फसल पंजीकरण में गड़बड़ी हो रही है। किसानों को फसल बेचने के दौरान मोटी कटौती भी झेलनी पड़ रही है।
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मंडियों में धान की स्थिति
जिले की मंडियों में 33 लाख 81 हजार क्विंटल धान की आवक हुई है जिसमें से 29 लाख 44 हजार क्विंटल की सरकारी खरीद हुई। करीब 4 लाख 36 हजार क्विंटल धान अभी भी खुले आसमान के नीचे पड़ा है जो कुल का 39 फीसदी है। कुल धान का केवल 61 फीसदी उठान होने से मंडियों में जगह की कमी है जिससे नए किसानों को परेशानी हो रही है। भारतीय किसान एकता के हस्तक्षेप के बाद रोड़ी मंडी में खरीद दोबारा शुरू हुई। उपायुक्त सिरसा ने भंडारण क्षमता बढ़ाने का आश्वासन दिया है लेकिन औलख ने खरीद सुचारु न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।