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Sirsa News: सभी एसडीएम कार्यालयों की जांच के आदेश, एक वर्ष का खंगाला जाएगा रिकॉर्ड
Thu, 27 Apr 2023 10:16 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Thu, 27 Apr 2023 10:16 PM IST
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उपायुक्त पार्थ गुप्ता।
सिरसा। ऐलनाबाद के उपमंडल कार्यालय में चालक लाइसेंस व वाहन पंजीकरण की फीस में गबन मामले के बाद प्रशासन हरकत में आया है और सख्ती शुरू कर दी है। जहां एक ओर तीनों आरोपियों को निलंबित कर दिया गया है, वहीं दूसरी ओर जिले सभी एसडीएम कार्यालयों की भी जांच के आदेश उपायुक्त ने दे दिए हैं। एक वर्ष का वाहन पंजीकरण और डीएल फीस सहित जिस भी तरह से सरकारी पर्ची कटती है, उनकी जांच की जाएगी।
पत्रकारों से बात करते हुए उपायुक्त पार्थ गुप्ता ने कहा कि उपमंडल कार्यालय ऐलनाबाद में वाहन पंजीकरण एवं चालक लाइसेंस आदि से प्राप्त सरकारी फीस में से करीब 2 करोड़ 32 लाख रुपये के गबन का मामला सामने आने के बाद कार्यालय के तीन कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई गई है। इसके साथ ही तीनों कर्मचारियों को सस्पेंड भी कर दिया गया है। मामले की हर एंगल से जांच की जा रही है। कोई भी व्यक्ति इसमें संलिप्त पाया जाता है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। उन्होंने बताया कि एसडीएम को शक हुआ था और मोहर नकली होने का संदेह था। इसकी जांच की, तो खुलासा हुआ।
उपायुक्त पार्थ गुप्ता ने सभी एसडीएम कार्यालय में एक साल के रिकॉर्ड की जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि सभी एसडीएम अपने-अपने कार्यालय में पिछले एक साल में वाहन पंजीकरण, चालक लाइसेंस व अन्य सरकारी कार्यों के एक साल के रिकॉर्ड की जांच करेंगे। इस दौरान किसी स्तर पर कोई लापरवाही मिलती है तो संबंधित कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हर अधिकारी व कर्मचारी का दायित्व बनता है कि वह अपने जिम्मेवारी का निर्वहन पूरी ईमानदारी व निष्ठा के साथ करें।
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फीस काटकर सरकारी खजाने में नहीं जमा करवाते थे
एसडीएम ऐलनाबाद की ओर से की गई रिकॉर्ड जांच में यह मामला सामने आया था। वाहन पंजीकरण व चालक लाइसेंस की सरकारी फीस को सरकारी खजाने में जमा नहीं करवाया गया था। डीसी ने बताया कि इसमें करीब 2 करोड़ 32 लाख रुपये का गबन हुआ पाया गया। कोई अन्य व्यक्ति भी इसमें संलिप्त पाया जाता है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
उपायुक्त बोले
गबन का यह मामला सामने आने के बाद एसडीएम कार्यालयों में लंबे समय से एक ही सीट पर कार्यरत लिपिकों व अन्य कर्मचारियों की ड्यूटियां बदलने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही सभी को सख्त हिदायत दी गई है कि सभी कर्मचारी अपना कार्य पूरी ईमानदारी व निष्ठा के साथ करें। किसी भी प्रकार की कोताही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
- पार्थ गुप्ता, डीसी, सिरसा।
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पत्रकारों से बात करते हुए उपायुक्त पार्थ गुप्ता ने कहा कि उपमंडल कार्यालय ऐलनाबाद में वाहन पंजीकरण एवं चालक लाइसेंस आदि से प्राप्त सरकारी फीस में से करीब 2 करोड़ 32 लाख रुपये के गबन का मामला सामने आने के बाद कार्यालय के तीन कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई गई है। इसके साथ ही तीनों कर्मचारियों को सस्पेंड भी कर दिया गया है। मामले की हर एंगल से जांच की जा रही है। कोई भी व्यक्ति इसमें संलिप्त पाया जाता है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। उन्होंने बताया कि एसडीएम को शक हुआ था और मोहर नकली होने का संदेह था। इसकी जांच की, तो खुलासा हुआ।
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उपायुक्त पार्थ गुप्ता ने सभी एसडीएम कार्यालय में एक साल के रिकॉर्ड की जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि सभी एसडीएम अपने-अपने कार्यालय में पिछले एक साल में वाहन पंजीकरण, चालक लाइसेंस व अन्य सरकारी कार्यों के एक साल के रिकॉर्ड की जांच करेंगे। इस दौरान किसी स्तर पर कोई लापरवाही मिलती है तो संबंधित कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हर अधिकारी व कर्मचारी का दायित्व बनता है कि वह अपने जिम्मेवारी का निर्वहन पूरी ईमानदारी व निष्ठा के साथ करें।
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फीस काटकर सरकारी खजाने में नहीं जमा करवाते थे
एसडीएम ऐलनाबाद की ओर से की गई रिकॉर्ड जांच में यह मामला सामने आया था। वाहन पंजीकरण व चालक लाइसेंस की सरकारी फीस को सरकारी खजाने में जमा नहीं करवाया गया था। डीसी ने बताया कि इसमें करीब 2 करोड़ 32 लाख रुपये का गबन हुआ पाया गया। कोई अन्य व्यक्ति भी इसमें संलिप्त पाया जाता है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
उपायुक्त बोले
गबन का यह मामला सामने आने के बाद एसडीएम कार्यालयों में लंबे समय से एक ही सीट पर कार्यरत लिपिकों व अन्य कर्मचारियों की ड्यूटियां बदलने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही सभी को सख्त हिदायत दी गई है कि सभी कर्मचारी अपना कार्य पूरी ईमानदारी व निष्ठा के साथ करें। किसी भी प्रकार की कोताही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
- पार्थ गुप्ता, डीसी, सिरसा।