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ओमिक्रॉन का साया : आमजन के लिए नियमों की सख्ती, अधिकारी-कर्मचारी बेपरवाह
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समाज कल्याण विभाग में बिना मास्क के काम करता कर्मचारी।
- फोटो : Sirsa
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सिरसा। कोरोना के बढ़ते मामलों के चलते जिला प्रशासन द्वारा हिदायतें जारी की गई है कि प्रत्येेक नागरिक मास्क लगाकर रखेगा। वहीं प्रशासन द्वारा मास्क न पहनने वाले के चालान भी काटे जा रहे हैं। लेकिन लगता है प्रशासन द्वारा जारी हिदायतें सिर्फ आमजन के लिए है। सरकारी अधिकारियों व कर्मचारियों के लिए ये आदेश मान्य नहीं है। जिले में कोरोना के बढ़ते मामलों के चलते उपायुक्त अनीश यादव ने मास्क पहनने व सामाजिक दूरी नियम का पालन करने के आदेश जारी किए हैं। लेकिन किसी भी सरकारी कार्यालय में आदेशों की पालना नहीं की जा रही है। दफ्तरों में काम करने वाले कर्मचारी मास्क का इस्तेमाल नहीं कर रहा है। वहीं किसी भी विभाग में हाथों को सैनिटाइज मशीन नहीं मिली। लेकिन लगभग कार्यालयों के बाहर बिना मास्क नो एंट्री के पोस्टर जरूर चस्पा किए गए है, वहीं अंदर कर्मचारियों ने ही मास्क नहीं पहने हैं।
शुक्रवार को टीम ने सरकारी कार्यालयों का दौरा किया जिसमें ये देखा गया कि किस प्रकार से अधिकारी व कर्मचारी आदेशों की अवहेलना कर रहे हैं। लघु सचिवालय के प्रथम व द्वितीय तल पर यह देखा गया कि कोई भी व्यक्ति न तो मास्क लगाए हुए है और न ही सामाजिक दूरी नियम की पालना की जा रही। यहां तक की जिस कार्यालय में लोग पेंशन बनवाने के लिए आते है वहां तो कर्मचारी बिल्कुुल भी मास्क इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं। वहीं ई दिशा कार्यालय में बिना मास्क व वैक्सीनेशन के लोगों की एंट्री को बैन किया गया है। लेकिन केंद्र में स्वयं कर्मचारी ही बिना मास्क के बैठे हैं।
जानिये.... कहां, कैसी मिली स्थिति
समय : 12 बजे : लघु सचिवालय पहली मंजिल
जब लघु सचिवालय के प्रथम पर पहुंचे तो वहां देखा गया कि प्रवेश द्वार पर ही जिला प्रशासन का हेल्प डेस्क लगाया गया है। जिसमें एक महिला कर्मचारी व पुरुष तैनात किए हैं। लेकिन दोनों में से किसी ने भी मास्क नहीं लगाया। वहीं हर समय इस डेस्क पर पब्लिक डीलिंग का काम किया जाता है। लेकिन यहां के कर्मचारी ही गंभीर नहीं है। वहीं उच्च अधिकारियों को भी यहीं से निकलना होता है लेकिन किसी की भी नजर इस डेस्क पर नहीं गई है।
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समय 12 बजकर 5 मिनट : लघु सचिवालय द्वितीय तल
जब लघु सचिवालय के द्वितीय तल पर स्थापित शिक्षा विभाग में देखा गया तो वहां भी किसी कर्मचारी ने मास्क का इस्तेमाल नहीं किया हुआ था। हालांकि पेपर जरूर चस्पा हुआ था। जिसमें नो मास्क नो एंट्री लिखा हुआ था। लेकिन कार्यालय में हर किसी ने मास्क से परहेज किया हुआ था।
समय 12 बजकर 8 मिनट : जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय
जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के समक्ष बैठे सेवादार द्वारा भी मास्क का इस्तेमाल नहीं किया गया था। जबकि सेवादार का हर 5 मिनट में अधिकारी के कार्यालय में जाना होता है।
समय 12 बजकर 30 मिनट : जिला समाज कल्याण विभाग
जिला समाज कल्याण विभाग में पेंशनधारकों की भीड़ लगी हुई थी। लेकिन पेंशन बनाने वाले किसी भी कर्मचारी ने मास्क का इस्तेमाल नहीं किया हुआ था। वहीं पब्लिक डीलिंग के लिए आए हुए लोगों के बीच सामाजिक दूरी की व्यवस्था बनाई गई थी। लोगों के लिए सैनिटाइजर का भी विभाग द्वारा कोई प्रबंध नहीं किया गया था।
समय 1.00 बजे : एसडीएम ऑफिस
एसडीएम ऑफिस के बाहर बैठे सेवादार ने भी मास्क नहीं लगा रखा था। वहीं एसडीएम कार्यालय में बनी खिड़की में बैठे कर्मचारी जो लोगों की एप्लीकेशन लेते हैं उन्होंने भी मास्क का इस्तेमाल नही कर रखा था।
समय : 2 बजे, कानूनगो कार्यालय
कानूनगो कार्यालय में जाकर देखा गया तो वहां भी किसी भी कर्मचारी ने मास्क नहीं लगाया हुआ था। यह कार्यालय भी पब्लिक डीलिंग करता है। आने-जाने वालों को तो हिदायतें दी जाती है। लेकिन स्वयं मास्क लगाना भूल गए हैं।
उपभोक्ताओं के लिए मास्क और वैक्सीन अनिवार्य, कर्मचारी खुद नहीं कर रहे नियमों का पालन
सिरसा। प्रशासन द्वारा आम नागरिक पर सख्ती भर्ती जा रही है ताकि कोरोना संक्रमण के लिए लोग वैक्सीन की डोज ले और सर्वजनिक स्थलों पर मास्क का प्रयोग करे। लेकिन ई-दिशा केंद्र में बैठे कर्मचारी ही नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं। जुर्माने व अधिकारियों के गुस्से से बचने के लिए कर्मचारी मास्क को कानों पर लगा काम करते नजर आए।
बता दें कि कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए जिला प्रशासन ने लघु सचिवालय में स्थित ई- दिशा केंद्र में बिना वैक्सीनेेशन वाले उपभोक्ताओं की एंट्री को बैन किया हुआ है। संवाददाता ने देखा कि ई-दिशा के काउंटरों पर बैठे अधिकतर कर्मचारियों ने मास्क नहीं पहन रखे थे। तो कही कर्मचारियों ने जुर्माने से बचने के लिए व अधिकारियों की नाराजगी ना हो इसलिए मास्क को कानों में टांग रखा था। लंच समय के बाद दो बजे शुरू हुई ई-दिशा केंद्र के काउंटर पर बैठी महिला का कहना था कि वह अभी भोजन कर रही है इसलिए मास्क नहीं पहन रखा था।
गर्म टोपी और गमछे से मुंह ढक उपभोक्ता अंदर कर रहे थे प्रवेश
ई-दिशा केंद्र में टीकाकरण का प्रमाण पत्र दिखाने या रजिस्ट्रेशन करने के बाद ही अंदर जाने दिया गया। मास्क की अनिवार्यता थी लेकिन आने वाले लोगों के पास मास्क ना होने के चलते गर्म टोपी, गमछा, कंबल व रुमाल से मुंह ढंककर व कोविड वैक्सीन का पंजीकरण नंबर दर्ज कर अंदर जाने की अनुमति दी जा रही थी। उपभोक्ता परेशान होते नजर आए लेकिन ई-दिशा केंद्र पर बैठे कर्मचारी मास्क के बिना काम करते नजर आए।
मास्क व सैनिटाइजर की सुविधा नहीं, कर्मचारी आ रहे है उपभोक्ता के संपर्क में
ई-दिशा पर हर रोज हजारों लोग काम करवाने आते हैं। लेकिन ई-दिशा केंद्र में बैठे कर्मचारी नियमों के ताक पर रख मास्क नहीं लगा रहे। साथ ही सैनिटाइजर का कोई विशेष प्रबंध नहीं है। दस्तावेजों का आदान प्रदान करते समय उपभोक्ता व कर्मचारी सीधे तौर पर एक दूसरे के संपर्क में आ रहे हैं।
उपभोक्ताओं के लिए मास्क अनिवार्य लेकिन सामाजिक दूरी नियम नहीं
कोरोना संक्रमण ना फैले इसलिए तीन नियम मास्क अनिवार्य, सैनिटाइजर और सामाजिक दूरी नियम को अपनाया गया था। वैक्सीन को केवल संक्रमण की रोकथाम के लिए लगाया जा रहा है। लेकिन प्रशासन द्वारा अब मास्क को अनिवार्य किया गया है ना तो सामाजिक दूरी नियम और ना ही सैनिटाइजर का कोई विशेष प्रबंध है।
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शुक्रवार को टीम ने सरकारी कार्यालयों का दौरा किया जिसमें ये देखा गया कि किस प्रकार से अधिकारी व कर्मचारी आदेशों की अवहेलना कर रहे हैं। लघु सचिवालय के प्रथम व द्वितीय तल पर यह देखा गया कि कोई भी व्यक्ति न तो मास्क लगाए हुए है और न ही सामाजिक दूरी नियम की पालना की जा रही। यहां तक की जिस कार्यालय में लोग पेंशन बनवाने के लिए आते है वहां तो कर्मचारी बिल्कुुल भी मास्क इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं। वहीं ई दिशा कार्यालय में बिना मास्क व वैक्सीनेशन के लोगों की एंट्री को बैन किया गया है। लेकिन केंद्र में स्वयं कर्मचारी ही बिना मास्क के बैठे हैं।
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जानिये.... कहां, कैसी मिली स्थिति
समय : 12 बजे : लघु सचिवालय पहली मंजिल
जब लघु सचिवालय के प्रथम पर पहुंचे तो वहां देखा गया कि प्रवेश द्वार पर ही जिला प्रशासन का हेल्प डेस्क लगाया गया है। जिसमें एक महिला कर्मचारी व पुरुष तैनात किए हैं। लेकिन दोनों में से किसी ने भी मास्क नहीं लगाया। वहीं हर समय इस डेस्क पर पब्लिक डीलिंग का काम किया जाता है। लेकिन यहां के कर्मचारी ही गंभीर नहीं है। वहीं उच्च अधिकारियों को भी यहीं से निकलना होता है लेकिन किसी की भी नजर इस डेस्क पर नहीं गई है।
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समय 12 बजकर 5 मिनट : लघु सचिवालय द्वितीय तल
जब लघु सचिवालय के द्वितीय तल पर स्थापित शिक्षा विभाग में देखा गया तो वहां भी किसी कर्मचारी ने मास्क का इस्तेमाल नहीं किया हुआ था। हालांकि पेपर जरूर चस्पा हुआ था। जिसमें नो मास्क नो एंट्री लिखा हुआ था। लेकिन कार्यालय में हर किसी ने मास्क से परहेज किया हुआ था।
समय 12 बजकर 8 मिनट : जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय
जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के समक्ष बैठे सेवादार द्वारा भी मास्क का इस्तेमाल नहीं किया गया था। जबकि सेवादार का हर 5 मिनट में अधिकारी के कार्यालय में जाना होता है।
समय 12 बजकर 30 मिनट : जिला समाज कल्याण विभाग
जिला समाज कल्याण विभाग में पेंशनधारकों की भीड़ लगी हुई थी। लेकिन पेंशन बनाने वाले किसी भी कर्मचारी ने मास्क का इस्तेमाल नहीं किया हुआ था। वहीं पब्लिक डीलिंग के लिए आए हुए लोगों के बीच सामाजिक दूरी की व्यवस्था बनाई गई थी। लोगों के लिए सैनिटाइजर का भी विभाग द्वारा कोई प्रबंध नहीं किया गया था।
समय 1.00 बजे : एसडीएम ऑफिस
एसडीएम ऑफिस के बाहर बैठे सेवादार ने भी मास्क नहीं लगा रखा था। वहीं एसडीएम कार्यालय में बनी खिड़की में बैठे कर्मचारी जो लोगों की एप्लीकेशन लेते हैं उन्होंने भी मास्क का इस्तेमाल नही कर रखा था।
समय : 2 बजे, कानूनगो कार्यालय
कानूनगो कार्यालय में जाकर देखा गया तो वहां भी किसी भी कर्मचारी ने मास्क नहीं लगाया हुआ था। यह कार्यालय भी पब्लिक डीलिंग करता है। आने-जाने वालों को तो हिदायतें दी जाती है। लेकिन स्वयं मास्क लगाना भूल गए हैं।
उपभोक्ताओं के लिए मास्क और वैक्सीन अनिवार्य, कर्मचारी खुद नहीं कर रहे नियमों का पालन
सिरसा। प्रशासन द्वारा आम नागरिक पर सख्ती भर्ती जा रही है ताकि कोरोना संक्रमण के लिए लोग वैक्सीन की डोज ले और सर्वजनिक स्थलों पर मास्क का प्रयोग करे। लेकिन ई-दिशा केंद्र में बैठे कर्मचारी ही नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं। जुर्माने व अधिकारियों के गुस्से से बचने के लिए कर्मचारी मास्क को कानों पर लगा काम करते नजर आए।
बता दें कि कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए जिला प्रशासन ने लघु सचिवालय में स्थित ई- दिशा केंद्र में बिना वैक्सीनेेशन वाले उपभोक्ताओं की एंट्री को बैन किया हुआ है। संवाददाता ने देखा कि ई-दिशा के काउंटरों पर बैठे अधिकतर कर्मचारियों ने मास्क नहीं पहन रखे थे। तो कही कर्मचारियों ने जुर्माने से बचने के लिए व अधिकारियों की नाराजगी ना हो इसलिए मास्क को कानों में टांग रखा था। लंच समय के बाद दो बजे शुरू हुई ई-दिशा केंद्र के काउंटर पर बैठी महिला का कहना था कि वह अभी भोजन कर रही है इसलिए मास्क नहीं पहन रखा था।
गर्म टोपी और गमछे से मुंह ढक उपभोक्ता अंदर कर रहे थे प्रवेश
ई-दिशा केंद्र में टीकाकरण का प्रमाण पत्र दिखाने या रजिस्ट्रेशन करने के बाद ही अंदर जाने दिया गया। मास्क की अनिवार्यता थी लेकिन आने वाले लोगों के पास मास्क ना होने के चलते गर्म टोपी, गमछा, कंबल व रुमाल से मुंह ढंककर व कोविड वैक्सीन का पंजीकरण नंबर दर्ज कर अंदर जाने की अनुमति दी जा रही थी। उपभोक्ता परेशान होते नजर आए लेकिन ई-दिशा केंद्र पर बैठे कर्मचारी मास्क के बिना काम करते नजर आए।
मास्क व सैनिटाइजर की सुविधा नहीं, कर्मचारी आ रहे है उपभोक्ता के संपर्क में
ई-दिशा पर हर रोज हजारों लोग काम करवाने आते हैं। लेकिन ई-दिशा केंद्र में बैठे कर्मचारी नियमों के ताक पर रख मास्क नहीं लगा रहे। साथ ही सैनिटाइजर का कोई विशेष प्रबंध नहीं है। दस्तावेजों का आदान प्रदान करते समय उपभोक्ता व कर्मचारी सीधे तौर पर एक दूसरे के संपर्क में आ रहे हैं।
उपभोक्ताओं के लिए मास्क अनिवार्य लेकिन सामाजिक दूरी नियम नहीं
कोरोना संक्रमण ना फैले इसलिए तीन नियम मास्क अनिवार्य, सैनिटाइजर और सामाजिक दूरी नियम को अपनाया गया था। वैक्सीन को केवल संक्रमण की रोकथाम के लिए लगाया जा रहा है। लेकिन प्रशासन द्वारा अब मास्क को अनिवार्य किया गया है ना तो सामाजिक दूरी नियम और ना ही सैनिटाइजर का कोई विशेष प्रबंध है।