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Sirsa News: पराली न जलाने के बारे में किसानों को जागरूक करें अधिकारी
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सिरसा। पराली जलाने को लेकर जागरूक करते हुए अधिकारी। प्रवक्ता
सिरसा। एसडीएम राजेंद्र कुमार की अध्यक्षता में मंगलवार को पंचायत भवन में तहसील सिरसा व नाथूसरी चोपटा के सभी नोडल अधिकारियों के साथ बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में नोडल अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी नोडल अधिकारी किसानों को अधिक से अधिक जागरूक करें कि वे पराली में आग न लगाएं।
किसानों को फसल अवशेष में आग लगाने से होने वाले नुकसान जैसे भूमि की उर्वरा शक्ति व मित्र कीट नष्ट होना, पर्यावरण को नुकसान, बुजुर्गों व छोटे बच्चों के स्वास्थ्य पर बुरा असर तथा दुर्घटनाओं के बारे में जागरूक करें। बैठक में उप निदेशक कृषि डाॅ. सुखदेव सिंह सहित संबंधित नोडल अधिकारी मौजूद रहे।
उन्होंने बताया कि सभी अधिकारी ग्राम स्तर पर उपस्थित रहकर किसानों को जागरूक करते हुए आगजनी की घटनाओं पर रोकथाम करेंगे। प्रत्येक रेड, येलो जोन के गांवों में 50 किसानों पर एक नोडल अधिकारी और प्रत्येक ग्रीन जोन गांव में 100 किसानों पर एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।
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ये अधिकार आवंटित गांव व किसानों का एप की ओर से भौतिक सत्यापन करेंगे व आगजनी की घटना पाए जाने पर एप के माध्यम से सूचित करेंगे ताकि आगामी आवश्यक कार्रवाई (चालान, एफआईआर व रेड एंट्री) ग्राम स्तरीय टीम की ओर से की जा सके। कृषि विभाग के उप निदेशक डाॅ. सुखदेव सिंह ने बताया कि यदि कोई व्यक्ति पराली में आगजनी की घटना करते पाए गए तो एक एकड़ भूमि तक पांच हजार रुपये प्रति घटना, दो से पांच एकड़ भूमि तक दस हजार रुपये प्रति घटना व पांच एकड़ भूमि से ज्यादा पर तीस हजार रुपये प्रति घटना के हिसाब से जुर्माना वसूल किया जाएगा व एफआईआर दर्ज की जाएगी।
उन्होंने बताया कि इन किसान की जमीन की रेड एंट्री भी की जाएगी जिस कारण संबंधित किसान दो वर्ष तक विभागीय स्कीमों का लाभ नहीं ले पाएगा और न ही अपनी फसल एमएसपी पर बेच पाएगा। उन्होंने सभी किसानों से अपील की है कि वे पराली में आग न लगाकर उचित पराली प्रबंधन अपनाएं, ताकि जिले के बुजुर्गों, बच्चों व युवाओं को प्रदूषण से बचाया जा सके।
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किसानों को फसल अवशेष में आग लगाने से होने वाले नुकसान जैसे भूमि की उर्वरा शक्ति व मित्र कीट नष्ट होना, पर्यावरण को नुकसान, बुजुर्गों व छोटे बच्चों के स्वास्थ्य पर बुरा असर तथा दुर्घटनाओं के बारे में जागरूक करें। बैठक में उप निदेशक कृषि डाॅ. सुखदेव सिंह सहित संबंधित नोडल अधिकारी मौजूद रहे।
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उन्होंने बताया कि सभी अधिकारी ग्राम स्तर पर उपस्थित रहकर किसानों को जागरूक करते हुए आगजनी की घटनाओं पर रोकथाम करेंगे। प्रत्येक रेड, येलो जोन के गांवों में 50 किसानों पर एक नोडल अधिकारी और प्रत्येक ग्रीन जोन गांव में 100 किसानों पर एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।
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ये अधिकार आवंटित गांव व किसानों का एप की ओर से भौतिक सत्यापन करेंगे व आगजनी की घटना पाए जाने पर एप के माध्यम से सूचित करेंगे ताकि आगामी आवश्यक कार्रवाई (चालान, एफआईआर व रेड एंट्री) ग्राम स्तरीय टीम की ओर से की जा सके। कृषि विभाग के उप निदेशक डाॅ. सुखदेव सिंह ने बताया कि यदि कोई व्यक्ति पराली में आगजनी की घटना करते पाए गए तो एक एकड़ भूमि तक पांच हजार रुपये प्रति घटना, दो से पांच एकड़ भूमि तक दस हजार रुपये प्रति घटना व पांच एकड़ भूमि से ज्यादा पर तीस हजार रुपये प्रति घटना के हिसाब से जुर्माना वसूल किया जाएगा व एफआईआर दर्ज की जाएगी।
उन्होंने बताया कि इन किसान की जमीन की रेड एंट्री भी की जाएगी जिस कारण संबंधित किसान दो वर्ष तक विभागीय स्कीमों का लाभ नहीं ले पाएगा और न ही अपनी फसल एमएसपी पर बेच पाएगा। उन्होंने सभी किसानों से अपील की है कि वे पराली में आग न लगाकर उचित पराली प्रबंधन अपनाएं, ताकि जिले के बुजुर्गों, बच्चों व युवाओं को प्रदूषण से बचाया जा सके।