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स्टेशनरी की दुकान चलाने के कागजात नहीं मिले फिर भी शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने नहीं की कार्रवाई

Wed, 13 May 2020 11:15 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Wed, 13 May 2020 11:15 PM IST
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officer did not act stationery shop
कोविड-19 के तहत प्रदेश सरकार ने छात्रों के अभिभावकों को आर्थिक बोझ से उभारने के लिए सभी पुस्तक विक्रेताओं को 25 फीसदी छूट देने के निर्देश दिए थे। मगर इन निर्देशों के बावजूद भी अभिभावकों को गुमराह करके छूट के नाम पर लूटा जा रहा है। जिसकी शिकायतें जिला प्रशासन को दी जाने के बाद जिला शिक्षा अधिकारी के नेेतृत्व में एक टीम रानियां में तीन दुकानों की जांच की। वहीं एक दुकान पर कागज न मिलने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की गई। टीम में जिला शिक्षा अधिकारी आत्म प्रकाश मेहरा, बीईओ कृष्ण कुमार, प्रिसिंपल जगमिंद्र सिंह शामिल थे।
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जांच के दौरान भगत सिंह चौक के साथ दो दुकानदारों के पास विभागीय आदेश के कागजात पूरे पाए गए। जबकि पटवार भवन के सामने स्थित एक दुकानदार के पास किसी प्रकार के आदेश और जीएसटी नंबर, सेल टैक्स की बिल बुक इत्यादि नहीं पाए गए। जबकि दुकान लाखों रुपये की किताबें और स्टेशनरी भरी हुई मिली। कागजात में कमी और परमिट न होने पर भी शिक्षा विभाग के अधिकारी बिना कार्रवाई के ही वापस लौट गए। शिकायतकर्ता राकेश दहिया, सुरेश कुमार, अमृत, अमन कंबोज ने छापेमारी के दौरान जिला शिक्षा अधिकारी को बताया कि उन्होंने अपने बच्चों की पढ़ाई के लिए निजी स्कूलों की किताबें खरीदे थे। उन्होंने बताया कि प्राइवेट किताबों पर प्रशासन द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुसार छूट नहीं दी गई।
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जिसकी जानकारी उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी को व्हट्सएप के माध्यम से अवगत करवाया। जिला शिक्षा विभाग की ओर से टीम का गठन कर दुकानों पर छापेमारी की। शिकायतकर्ताओं ने कहा कि पुस्तक विक्रेता प्रशासन के निर्देशों की पालना न करते हुए अपनी मर्जी के अनुसार बिना छूट किए मोटे दामों पर किताबें बेच रहे हैं और कई अभिभावकों को छूट न देकर लूट रहे हैं। शिकायतकर्ता का कहना है कि दुकान के बाहर छूट से संबंधित कोई भी बोर्ड चस्पा नहीं किया हुआ है और न ही लोगों को जानकारी दी जाती है। उन्होंने बताया कि प्राइवेट स्कूलों की छोटी से छोटी किताबें महंगे दामों पर बेची जा रही हैं। अभिभावकों ने तुरंत प्रभाव से कार्रवाई करने की मांग की है।
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कोट्स
सेल टैक्स विभाग को सूचित करके उचित कार्रवाई को लिखेंगे। इसके अलावा जिला प्रशासन को अवगत करवाकर कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
- आत्म प्रकाश, जिला शिक्षा अधिकारी।
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