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अब खेतों में जाकर लिए जाऐंगें मिट्टी व पानी के सैंपल, 10 लाख सैंपल एकत्रित का रखा गया लक्ष्य

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 13 Mar 2022 10:08 PM IST
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Now soil and water samples will be taken by going to the fields, target has been set to collect 10 lakh samples
मिट्टी एवं जल परीक्षण प्रयोगशाला में पानी की जांच करती जांचकर्ता। - फोटो : Sirsa
सिरसा। मिट्टी व पानी के सैंपल जांच के लिए अब किसानों को लैब तक आने की जरूरत नहीं होगी, बल्कि कृषि विभाग खुद उनसे ही संपर्क जोड़ेगा। योजना के तहत खेतों से ही सैंपल भरे जाएंगे और चार्ज के रूप में उन्हें मात्र 10 रुपये देने होंगे। इससे किसानों की परेशानी कम होगी तो वहीं उन्हें आर्थिक रूप से भी लाभ मिलेगा।
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15 अप्रैल से इस योजना की शुरुआत की जा रही है, जिसमें सक्षम युवाओं को शामिल किया जाएगा जो खेतों में जाकर मिट्टी व पानी के सैंपल भरेंगे। इससे पहले किसानों को मिट्टी में जांच करवाने के लिए लैब में खुद ही आना पड़ता था। जिसके कारण उनका समय व धन बर्बाद होता था। कई बार समय के अभाव में किसान मिट्टी व पानी की जांच करवाना भी उचित नहीं समझते थे। लेकिन इस योजना के बाद किसानों की यह राह आसान हो जाएगी। हालांकि इसके लिए किसानों को 10 रुपये का चार्ज देना होगा। अक्सर देखा जाता है कि समय के अभाव के चलते किसान मिट्टी व पानी की जांच करवाना उचित नहीं समझते थे। जिसके कारण मिट्टी की जांच का दायरा सिमटा हुआ था लेकिन अब इसमें इजाफा होने की संभावना अधिक है। मिट्टी व पानी की जांच समय पर न होने के कारण किसानों को खुद की भूमि में उर्वरकों की कमी या अधिकता की जानकारी नहीं होती और अज्ञानता में ही रासायनिक खादों का अंधाधुंध प्रयोग होता था। लेकिन अब इससे राहत मिलेगी, क्योंकि विभाग की ओर से किसानों को कहीं जाने की आवश्यकता नहीं होगी बल्कि टीम खुद खेतों में जाएगी और वहीं से सैंपल एकत्रित कर लिए जाएंगे।
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करीब 10 लाख एकड़ भूमि से सैंपल एकत्रित करने का लक्ष्य
विभागीय अधिकारियों के अनुसार जिले भर से करीब 10 लाख सैंपल एकत्रित करने का लक्ष्य रखा गया है। सक्षम युवाओं को इसमें शामिल किया जाएगा और प्रति सक्षम युवा को 200 सैंपल भरने का लक्ष्य दिया जाएगा। जो खेतों में जाकर किसानों से मिलेंगे और खेत से ही सैंपल भरेंगे और यही प्रक्रिया पानी की भी रहेगी। किसान को केवल इसके लिए मात्र 10 रुपये चार्ज ही देना होगा।
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निजी लैब से जांच करवाने पर आता है 300 रुपये का खर्च
देखा जाए तो यही जांच अगर किसी निजी लैब से करवाई जाए तो इसके लिए 300 रुपये प्रति सैंपल खर्च आता है। लेकिन 10 रुपये का सरकारी खर्च इसके मुुकाबले कुछ ही नहीं है। इससे अधिक तो किसानों को सरकारी लैब तक आने में किराये के रूप में खर्च हो जाते हैं। उदाहरण के तौर पर जमाल या चोपटा से कोई किसान सिरसा की सरकारी लैब तक आता है तो आने व जाने में ही 60 से 70 रुपये खर्च हो जाते हैं।
कृषि विभाग के खाते में जमा होगी राशि
जो राशि किसान से ली जाएगी यह उसके अगले ही दिन कृषि विभाग के खाते में जमा हो जाएगी। जिसके बाद यह सरकार के राजस्व में जुड़ेगी। 10 रुपये का चार्ज लिए जाने के बाद इसकी जांच रिपोर्ट विभाग उन्हें उपलब्ध करवाएगा।

वर्जन
15 अप्रैल से इस योजना को शुरू कर दिया जाएगा, क्योंकि फसल कटने के बाद ही भूमि से सैंपल भरे जाते हैं। फसल पूरी तरह से कटने व नई बोने से पहले खाद का असर कम हो जाता है। तभी सही रिपोर्ट आती है।
-मुकुल मेहता, जांचकर्ता मिट्टी व जल परीक्षण प्रयोगशाला।
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