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Hindi News ›   Haryana ›   Sirsa News ›   no warntey meer you pay 890 rupee

बिजली मीटर वारंटी में न मिला तो देने होंगे 890 रुपये

Sat, 23 Jan 2016 01:50 AM IST
ब्ययूराो/अमर उजाला /सिरसा/ डबवाली
ब्ययूराो/अमर उजाला /सिरसा/ डबवाली Updated Sat, 23 Jan 2016 01:50 AM IST
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अगर आपका बिजली मीटर सही काम कर रहा है, लेकिन डिजिटल नहीं है। वारंटी भी समाप्त हो चुकी है तो बिजली निगम मीटर बदलने के बाद आप से 890 रुपये वसूल करेगा।

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डेढ़ साल पहले एक निजी कंपनी से हुए करोड़ों रुपये के करार को अमलीजामा पहनाने के लिए निगम उपभोक्ताओं को जोर का झटका धीरे से देने जा रहा है। वहीं दूसरी ओर इनेलो का कहना है कि वे शहर में मीटर नहीं बदलने देगी।
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अगस्त 2014 में दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम ने जयपुर की एक कंपनी से एक लाख बिजली मीटर खरीद का कंट्रेक्टर साइन किया था। एक मीटर की कीमत 890 रुपये आंकी गई है।
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890 लाख रुपये के भारी भरकम बजट वाले समझौते को सिरे चढ़ाने के लिए निगम ने 11 फरवरी 2015 को सेल्स सर्कुलर नंबर डी-6/2015 जारी कर दिया। सर्कुलर में टीटीएल, इंडोटेक, ए-वन, जीनस, एचपीएल सहित 11 कंपनियों के इलेक्ट्रो मैकेनिकल मीटर हटाने के आदेश जारी कर दिए।

निगम डिफेक्टिव तथा बर्न मीटर बदलने पर चार्जेज वसूल करेगा। उन उपभोक्ताओं से भी मीटर चार्ज वसूलेगा। जिनका मीटर ओके नहीं है, लेकिन वारंटी की समय अवधि समाप्त हो चुकी है। डबवाली शहर में बिजली निगम के करीब 37 हजार कनेक्शन चल रहे हैं। निगम छह फीडरों से बिजली आपूर्ति करता है।

निगम का मानना है कि प्रत्येक फीडर पर 500 से 600 डिफेक्टिव मीटर हैं। ऐसे में सभी फीडरों पर डिफेक्टिव मीटरों की संख्या करीब 3000 से 3600 के आस-पास बैठती है। ऐसे सभी मीटरों को बदला जाएगा। निगम दावा करता है कि अब तक शहर में 800 मीटर बदले जा चुके हैं।

हालांकि बिजली मीटरों की कम आपूर्ति के चलते अभियान रुक-रुककर चला। पंचायत चुनावों के बाद अब एकाएक बिजली निगम शहरी क्षेत्र में एक्टिव हो गया है। बिजली मीटरों को घरों से बाहर करके उन्हें बदला जा रहा है। डबवाली में इनेलो विरोध दर्ज करवा रही है। इनेलो कार्यकर्ता कर्मचारियों के साथ-साथ अधिकारियों को बैरंग लौटा रहे हैं।  

डिफेक्टिव मीटर ?
बिजली बिल बनाने के लिए पूर्व सैनिक मीटरों की रीडिंग लेते हैं। वे ही रिपोर्ट देते हैं कि डिफेक्टिव मीटर किस क्षेत्र में कितने हैं। रिपोर्ट के बाद निगम उन क्षेत्रों में अमलीजामा पहना रहा है।


निगम का असली चेहरा सामने आ गया है। निगम पहले मुफ्त में बिजली मीटर लगाने की बात कर रहा था, अब सर्कुलर के अनुसार कार्य करने की बात की जा रही है। हम पहले ही कह रहे थे कि निगम नजला जनता पर ही गिराएगा।

वैसा ही हो रहा है। 890 रुपये  बिल में लगकर आएंगे। क्या इसके बाद निगम कभी मीटर नहीं बदलेगा? जब मीटर ओके है, तो फिर उसे बदलेगा क्यों? हम इसका पुरजोर विरोध करेंगे। अगर निगम नहीं माना तो आंदोलन तेज किया जाएगा।
रणवीर राणा, वरिष्ठ इनेलो नेता



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