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नवजात की मौत, परिजनों ने अस्पताल में किया हंगामा

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 17 Nov 2021 10:57 PM IST
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Newborn's death, relatives created a ruckus in the hospital
सिरसा। शहर के आंबेडकर चौक स्थित निजी अस्पताल में नवजात की मौत हो गई। इसके बाद परिजनों ने स्टाफ और डॉक्टर पर लापरवाही बरतने के आरोप लगाते हुए अस्पताल में हंगामा कर दिया। परिजनों ने आरोप लगाया कि डॉक्टर और स्टाफ ने सही समय पर जानकारी नहीं दी, जिसके चलते उनके बच्चे की मौत हुई है। इसके बाद परिजनों ने हंगामा करते हुए मामले की सूचना पुलिस को दी है।
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पीड़ित परिवार के रवि सैनी ने बताया कि उनकी पत्नी ललिता का 14 नवंबर को ऑपरेशन के बाद बच्चे का जन्म हुआ था। बच्चे को कुछ दिक्कत होने के कारण उन्होंने डॉक्टर से इसके बारे में पूछा तो डॉक्टर ने नर्सरी और उनके अस्पताल में रखने की सलाह दी। इसके बाद उन्होंने बच्चे को अस्पताल में ही दाखिल करवा गया। 15 नवंबर को दोपहर बाद उनका बच्चा बार-बार रोने लगा। इसके बाद उसने डॉक्टर और नर्स को जांच करने के लिए तो वे बच्चे को भूख लगी होने की बात कहकर लौट गए, लेकिन 16 नवंबर सुबह तक बच्चा रोता रहा तो उन्होंने फिर से डॉक्टरों को बताया। इसके बाद डॉक्टर्स ने उन्हें बच्चों को दूसरे अस्पताल में नर्सरी में दाखिल करनेे को कह दिया। इसके बाद उन्होंने दूसरे अस्पताल में बच्चे को दाखिल करवाया, लेकिन कुछ समय बाद बच्चे की मौत हो गई। परिजनों ने आरोप लगाया कि डॉक्टर की ओर से सही समय पर सही ढंग से जानकारी न दिए जाने के कारण उनके बच्चे की मौत हुई है। जब उन्होंने नर्सरी में बच्चे को दाखिल करवाया तब तक जहर उनके बच्चे के शरीर में फैल चुका था। अगर डॉक्टर सही जानकारी देते तो उनके बच्चे की जांच बच सकती थी।
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पुलिस को सूचना देने के बाद किया समझौता
बच्चे की मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल में हंगामा कर दिया तो पुलिस को मौके पर तैनात कर दिया। इसके बाद शाम को परिजनों और डॉक्टरों में आपसी समझौता हो गया और पुलिस को दी हुई शिकायत परिजनों ने वापस ले ली। रवि सैनी ने बताया कि डॉक्टर ने उन से माफी मांगी है जिसके बाद उन्होंने शिकायत वापस ली है।
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ऑपरेशन के बाद बच्चे का जन्म हुआ था। बच्चे के जन्म के बाद परिजनों को उससे नर्सरी में रखने की जानकारी दी थी। लेकिन परिजनों ने उसे अस्पताल में ही रखे रखा। इसके बाद उन्होंने 15 नवंबर को भी बच्चे की स्थिति खराब होने की जानकारी दी, तो दो घंटे बाद वे बच्चे को लेकर नर्सरी में लेकर गए थे, लेकिन बच्चे की वहां पर मौत हो गई थी। इसमें स्टाफ और डॉक्टरों की कोई गलती नहीं है।
डॉ. अरुणा ज्याणी, ज्याणी अस्पताल, सिरसा।
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