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Sirsa News: सीडीएलयू ओर संबंधित कॉलेजों में एनईपी-2020 शैक्षणिक सत्र शुरू
Thu, 06 Jun 2024 12:23 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Thu, 06 Jun 2024 12:23 AM IST
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नई शिक्षा नीति के उपलक्ष्य में सिरसा में आयोजित इंटरेक्शन कार्यक्रम को संबोधित करते कुलपति प्
सिरसा। चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय से संबंधित महाविद्यालयों में एनईपी-2020 शैक्षणिक सत्र 2024-25 से लागू होगी। हरियाणा राज्य उच्च शिक्षा परिषद के उपाध्यक्ष प्रो. एसके गक्खड़ ने विश्वविद्यालय के डीन एकेडमिक अफेयर्स कार्यालय द्वारा एनईपी-2020 के क्रियान्वन विषय पर आयोजित इंटरेक्शन कार्यक्रम में वक्तव्य प्रस्तुत किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कुलपति प्रोफेसर अजमेर सिंह मलिक द्वारा की गई।
प्रो. एसके गक्खड़ ने कहा कि टीचर्स को अपने स्किल को विकसित करना होगा, जिससे कि विद्यार्थियों के स्किल्स को निखारा जा सके। आने वाला समय एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) का है। प्राध्यापकों को एआई के क्षेत्र में महारत हासिल करनी चाहिए। विद्यार्थियों के मस्तिष्क को भी एक अच्छी दिशा में विकसित करना होगा ताकि वह अपना, समाज व देश के विकास में सहयोग प्रदान कर सके।
विश्वविद्यालय के डीन एकेडमिक अफेयर्स प्रोफेसर सुरेश कुमार गहलावत ने विश्वविद्यालय में एनईपी-2020 के अंतर्गत चल रहे कोर्सों के बारे में मुख्य अतिथि को अवगत करवाया। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय में 2022 से यूनिवर्सिटी स्कूल फॉर ग्रेजुएट स्टडीज में एनईपी के अंतर्गत 6 एजुकेशन प्रोग्राम शुरू किए गए थे जो अब बढ़कर 13 हो गए हैं। कुलपति प्रोफेसर अजमेर सिंह मलिक ने बताया कि विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ी है। पहले 2700 की संख्या थी जो बढ़कर अब 5600 के करीब पहुंच गई है। इसके अलावा विश्वविद्यालय में स्कॉलर्स भी बढ़े हैं।
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उन्होंने कहा कि टेक्नोलॉजी में भी सुधार करते हुए डिजिटलाइजेशन किया जा रहा है। जिसके अंतर्गत स्टूडेंट की आईडी बनाई जा रही है। इसके साथ-साथ इंफ्रास्ट्रक्चर भी डेवलप हो रहा है। इसके उपरांत विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. राजेश कुमार बंसल तथा डीन स्टूडेंट वेलफेयर प्रोफेसर राज कुमार ने मुख्य अतिथि का धन्यवाद किया। मंच संचालन विश्वविद्यालय के एनईपी कोऑर्डिनेटर प्रोफेसर सुरेंद्र कुंडू द्वारा किया गया।
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प्रो. एसके गक्खड़ ने कहा कि टीचर्स को अपने स्किल को विकसित करना होगा, जिससे कि विद्यार्थियों के स्किल्स को निखारा जा सके। आने वाला समय एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) का है। प्राध्यापकों को एआई के क्षेत्र में महारत हासिल करनी चाहिए। विद्यार्थियों के मस्तिष्क को भी एक अच्छी दिशा में विकसित करना होगा ताकि वह अपना, समाज व देश के विकास में सहयोग प्रदान कर सके।
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विश्वविद्यालय के डीन एकेडमिक अफेयर्स प्रोफेसर सुरेश कुमार गहलावत ने विश्वविद्यालय में एनईपी-2020 के अंतर्गत चल रहे कोर्सों के बारे में मुख्य अतिथि को अवगत करवाया। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय में 2022 से यूनिवर्सिटी स्कूल फॉर ग्रेजुएट स्टडीज में एनईपी के अंतर्गत 6 एजुकेशन प्रोग्राम शुरू किए गए थे जो अब बढ़कर 13 हो गए हैं। कुलपति प्रोफेसर अजमेर सिंह मलिक ने बताया कि विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ी है। पहले 2700 की संख्या थी जो बढ़कर अब 5600 के करीब पहुंच गई है। इसके अलावा विश्वविद्यालय में स्कॉलर्स भी बढ़े हैं।
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उन्होंने कहा कि टेक्नोलॉजी में भी सुधार करते हुए डिजिटलाइजेशन किया जा रहा है। जिसके अंतर्गत स्टूडेंट की आईडी बनाई जा रही है। इसके साथ-साथ इंफ्रास्ट्रक्चर भी डेवलप हो रहा है। इसके उपरांत विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. राजेश कुमार बंसल तथा डीन स्टूडेंट वेलफेयर प्रोफेसर राज कुमार ने मुख्य अतिथि का धन्यवाद किया। मंच संचालन विश्वविद्यालय के एनईपी कोऑर्डिनेटर प्रोफेसर सुरेंद्र कुंडू द्वारा किया गया।