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सरकारी शिक्षा व्यवस्था संकट में निजीकरण को बढ़ावा : सांसद

Wed, 01 Jul 2026 12:01 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा Updated Wed, 01 Jul 2026 12:01 AM IST
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mp sad for education system
संवाद न्यूज एजेंसी
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सिरसा। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव व सांसद कुमारी सैलजा ने हरियाणा की सरकारी शिक्षा व्यवस्था की स्थिति पर गंभीर चिंता जताते हुए भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार की नीतियों के कारण सरकारी स्कूलों की व्यवस्था लगातार कमजोर हो रही है। शिक्षा के क्षेत्र में निजीकरण को बढ़ावा देने का वातावरण तैयार किया जा रहा है।
कुमारी सैलजा ने कहा कि सरकारी स्कूलों में शिक्षकों के हजारों पद लंबे समय से रिक्त पड़े हैं। उनके अनुसार 5,573 वरिष्ठ माध्यमिक शिक्षक, 8,449 प्राथमिक शिक्षक और 2,413 माध्यमिक शिक्षक पद खाली हैं। इससे लाखों विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। उन्होंने कहा कि समय पर भर्ती नहीं होने से शिक्षण व्यवस्था पर प्रतिकूल असर पड़ा है। स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना चुनौती बन गया है।
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सांसद ने बताया कि प्रदेश के 968 सरकारी प्राथमिक विद्यालय केवल एक शिक्षक के भरोसे संचालित हो रहे हैं जबकि 22.1 प्रतिशत विद्यालयों में शिक्षक-छात्र अनुपात निर्धारित मानकों से भी कम है। उन्होंने इसे शिक्षा के अधिकार अधिनियम की भावना के विपरीत बताते हुए कहा कि सरकार बच्चों के भविष्य के प्रति गंभीर नहीं दिखाई देती।
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कुमारी सैलजा ने शिक्षा सुविधाओं की कमी का मुद्दा उठाते हुए कहा कि आज भी 63 बस्तियों में प्राथमिक विद्यालय, 112 बस्तियों में उच्च प्राथमिक विद्यालय, 132 गांवों में माध्यमिक विद्यालय और 215 गांवों में वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय उपलब्ध नहीं हैं। उनका कहना था कि ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को बुनियादी शिक्षा सुविधाओं से वंचित रखना सामाजिक असमानता को बढ़ावा देता है।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विद्यालयों के विकास से जुड़े लगभग 691.88 करोड़ रुपये के कार्य अब भी लंबित हैं। जब स्कूलों में पर्याप्त शिक्षक, भवन और मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं होंगी तो विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा कैसे मिल सकेगी। उन्होंने कहा कि सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के बजाय विज्ञापनों पर अधिक ध्यान दे रही है।
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