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नौनिहालों को लेकर रोड पर दौड़ रहे निजी स्कूलों के 350 से अधिक अनफिट वाहन

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 26 Apr 2022 10:54 PM IST
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More than 350 unfit vehicles of private schools running on the road with the children
सिरसा निजी वाहन में बच्चों को स्कूल लेकर जाते हुए। - फोटो : Sirsa
सिरसा। विद्यार्थियों को घरों से स्कूल से लाने व ले जाने के लिए चल रहे 350 से अधिक वाहन अनफिट हैं। आरटीए की ओर से संबंधित स्कूलों को नोटिस दिए गए हैं। अनफिट स्कूल वाहनों के कारण हादसा होने का खतरा बना रहता है। ऐसे में आरटीए विभाग ने कार्रवाई शुरू कर दी है। जिले के निजी स्कूलों के 740 वाहन आरटीए विभाग के पास पंजीकृत हैं।
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आरटीए की ओर से हर बुधवार को जिले के पुराने व नए वाहनों की पासिंग की जाती है और उनकी जानकारी रिकॉर्ड में दर्ज की जाती है। विभाग के रिकॉर्ड में अब स्कूल से बच्चों को लाने व ले जाने वाली छोटे से लेकर बड़ी 740 वाहनों का रिकॉर्ड दर्ज है। हालांकि इनमें से अधिक वाहनों के न तो परमिट है और न ही कागजात पूरे है। जिसके चलते आरटीए ने इन स्कूल बस संचालकों को नोटिस जारी कर खामियां दूर करने के आदेश दिए गए थे। लेकिन इसके बाद अभी भी कंडम और खटारा वाहन रोड पर दौड़ते हुए नजर आते हैं। बसों से बच्चों को उतारने और चढ़ाने को लेकर सहायक अनिवार्य होता है लेकिन इक्का दुक्का वाहनों को छोड़कर अन्य किसी भी निजी स्कूल बस में चालक के साथ सहायक नजर नहीं आता। जिसके कारण हादसा होने का डर भी बना रहता है। हालांकि क्षमता से भी अधिक बच्चों को बसों में सवार करवाया जाता है।
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बच्चों को छोड़ने और लाने के लिए निजी वाहनों का किया जा रहा है इस्तेमाल
स्कूल के बच्चों को छोड़ने व लाने के लिए बस या अन्य वाहन पर पीला रंग किया जाना आवश्यक होता है। लेकिन निजी स्कूलों के बाहर छोटा हाथी और अन्य निजी वाहन खड़े हुए नजर आते हैं। जिनमें बच्चों की सुरक्षा के लिए न तो एंगल लगी है और न ही इन पर पीला रंग किया गया है। नियमों की अवहेलना किए जाने के कारण ये वाहन कभी भी हादसे का शिकार हो सकते हैं। जिसमें सवार बच्चों को नुकसान पहुंचने की संभावना बनी रहती है।
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ये हैं स्कूल बसों के लिए नियम
- स्कूल बसों में अच्छी क्वालिटी के सीसीटीवी कैमरे की व्यवस्था।
- सीटों के अनुसार ही विद्यार्थियों को सवार किए जाने की व्यवस्था
- बसों में महिला एवं पुरुष सहायक होना अनिवार्य।
- स्कूल बस कंडम नहीं होनी चाहिए।
- बस पर स्कूल नाम, नंबर, इमरजेंसी नंबर एवं अन्य सहायता नंबर अंकित हो।
- बस के चालक सारी योग्यताओं को पूरा करते हों।
- बसों के हर प्रकार के दस्तावेज और परमिट होना अनिवार्य है।
- बस चालक का नाम और मोबाइल नंबर अंतिम होना आवश्यक
- स्कूल बस पर पीला रंग किया होना अनिवार्य व स्कूल बस अंकित होना अनिवार्य
- अग्निशमन यंत्र, फर्स्ट एड बॉक्स व बस पर सुरक्षा एंगल लगी होना अनिवार्य
स्कूल बसों संचालकों द्वारा नियमों का उल्लंघन करने व अनफिट होने पर स्कूल संचालकों को पत्र जारी किए गए है। कई स्कूल संचालकों की ओर से बसों को बेचने के बाद कागजी कार्रवाई नहीं की जाती है। स्कूल संचालकों द्वारा जो भी बसें बेची जा कंडम कर दी गई है वह उनके दस्तावेज भी दुरुस्त करवाएं।
-हीरा सिंह, आरटीए, सिरसा।
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