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Sirsa News: अब 100 रुपये में होगी खाद्य पदार्थों की मोबाइल जांच
Fri, 06 Nov 2026 10:59 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Fri, 06 Nov 2026 10:59 PM IST
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सिरसा। वैन की खाद्य सुरक्षा टीम मिठाई के गोदाम में कर्मचारियों की प्रशिक्षण देते हुए। विभाग
मिलावट की जांच के लिए सिरसा पहुंची मोबाइल फूड टेस्टिंग वैन, 15 मिनट में मिलेगी रिपोर्ट
पहले दिन एक घी और सात दूध के नमूनों की जांच, सभी मानकों के अनुरूप मिले सुरक्षित
फोटो-- - 23,24
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। खाद्य पदार्थों में मिलावट पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से शुक्रवार को मोबाइल फूड टेस्टिंग वैन सिरसा पहुंची। इस वैन का लक्ष्य आमजन को मौके पर ही जांच की सुविधा उपलब्ध कराना है।
विभागीय कार्यक्रम के अनुसार, हिसार के बाद यह वैन सुबह करीब 11 बजे लालबत्ती चौक पर पहुंची। यहां खाद्य सुरक्षा विभाग के नोडल अधिकारी गौरव छाबड़ा और तकनीकी टीम ने लोगों को वैन की कार्यप्रणाली समझाई। उन्होंने सरकार की इस महत्वपूर्ण पहल के बारे में भी जानकारी दी।
विभाग की इस सुविधा के तहत आम नागरिक महज 100 रुपये शुल्क देकर अपने खाद्य पदार्थों की जांच करवा सकते हैं। जांच के बाद करीब 15 से 20 मिनट में रिपोर्ट भी उपलब्ध करा दी जाती है। वैन के सिरसा पहुंचने के पहले दिन कुल आठ खाद्य नमूनों की मौके पर ही जांच की गई।
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इनमें एक घी और सात दूध के नमूने शामिल थे। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, जांच में सभी नमूने निर्धारित खाद्य मानकों के अनुरूप सुरक्षित पाए गए। वीटा दूध और बादाम मिल्क के नमूने भी जांचे गए जिनकी रिपोर्ट संतोषजनक रही।
वैन को लेकर लोगों में काफी उत्साह देखने को मिला। यह पहल उपभोक्ताओं के लिए काफी उपयोगी साबित होगी।
जांच प्रक्रिया और जागरूकता
खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम के एनालिस्ट राजकुमार, एलए सचिव कुमार और आनंद कुमार ने लोगों को जागरूक करने का काम किया। उन्होंने बताया कि मिलावट की आशंका होने पर अब जांच के लिए दूर स्थित प्रयोगशालाओं के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। मोबाइल फूड टेस्टिंग वैन में उपलब्ध तकनीकी सुविधाओं के माध्यम से दूध और अन्य खाद्य सामग्री के नमूनों की प्राथमिक जांच मौके पर ही की जा सकती है। इसके लिए प्रति नमूना 100 रुपये का सरकारी शुल्क निर्धारित किया गया है। जांच पूरी होने के बाद संबंधित व्यक्ति को रिपोर्ट भी तुरंत उपलब्ध करवाई जाती है। यह सुविधा आमजन में मिलावट के प्रति जागरूकता भी बढ़ाएगी।
लोगों की संतुष्टि और शंकाओं का निवारण
दूध का सैंपल लेकर आए राजकुमार ने बताया कि दूध में सबसे ज्यादा मिलावट होने की आम धारणा है। लोग यूरिया व अन्य पदार्थ मिलाने के आरोप लगाते हैं। उन्होंने वीटा के दूध की जांच करवाई जिसकी रिपोर्ट 10 मिनट के अंदर मिल गई। जांच में दूध की गुणवत्ता बेहतर पाई गई। इस वैन के माध्यम से अब लोगों को खाद्य पदार्थों को लेकर अपने दिलों की शंकाओं और भ्रम आदि को दूर करने का मौका मिलेगा। जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी गौरव छाबड़ा ने बताया कि सरकार की यह पहल उपभोक्ताओं के लिए काफी उपयोगी है।
दुकानदारों को प्रशिक्षण और पहल का महत्व
इस दौरान टीम ने तीन जगहों पर विशेष प्रशिक्षण प्रयोग भी आयोजित किए। मिठाई के गोदामों की जांच की गई। वहां कर्मचारियों को खाद्य सुरक्षा के नियमों और सफाई आदि के बारे में बताया गया। उन्हें खाद्य पदार्थों को बनाते समय और रखते समय विशेष ध्यान रखने की सलाह दी गई। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि वे उपभोक्ताओं की सेहत को नुकसान न पहुंचाएं।
कोट्स
सरकार की यह पहल उपभोक्ताओं के लिए काफी उपयोगी साबित होगी। इससे आमजन स्वयं अपने खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच करवा सकेंगे और मिलावट के प्रति जागरूकता भी बढ़ेगी। उन्होंने बताया कि सरकार की ओर से मोबाइल फूड टेस्टिंग वैन चलाने की घोषणा के बाद से ही उनका प्रयास था कि इसे सिरसा लाकर लोगों को इस सुविधा का लाभ दिलाया जाए। आमजन से अपील की कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर किसी प्रकार की आशंका होने पर मोबाइल फूड टेस्टिंग वैन की सुविधा का अधिक से अधिक लाभ उठाएं।
-गौरव छाबड़ा, जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी।
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पहले दिन एक घी और सात दूध के नमूनों की जांच, सभी मानकों के अनुरूप मिले सुरक्षित
फोटो
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। खाद्य पदार्थों में मिलावट पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से शुक्रवार को मोबाइल फूड टेस्टिंग वैन सिरसा पहुंची। इस वैन का लक्ष्य आमजन को मौके पर ही जांच की सुविधा उपलब्ध कराना है।
विभागीय कार्यक्रम के अनुसार, हिसार के बाद यह वैन सुबह करीब 11 बजे लालबत्ती चौक पर पहुंची। यहां खाद्य सुरक्षा विभाग के नोडल अधिकारी गौरव छाबड़ा और तकनीकी टीम ने लोगों को वैन की कार्यप्रणाली समझाई। उन्होंने सरकार की इस महत्वपूर्ण पहल के बारे में भी जानकारी दी।
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विभाग की इस सुविधा के तहत आम नागरिक महज 100 रुपये शुल्क देकर अपने खाद्य पदार्थों की जांच करवा सकते हैं। जांच के बाद करीब 15 से 20 मिनट में रिपोर्ट भी उपलब्ध करा दी जाती है। वैन के सिरसा पहुंचने के पहले दिन कुल आठ खाद्य नमूनों की मौके पर ही जांच की गई।
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इनमें एक घी और सात दूध के नमूने शामिल थे। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, जांच में सभी नमूने निर्धारित खाद्य मानकों के अनुरूप सुरक्षित पाए गए। वीटा दूध और बादाम मिल्क के नमूने भी जांचे गए जिनकी रिपोर्ट संतोषजनक रही।
वैन को लेकर लोगों में काफी उत्साह देखने को मिला। यह पहल उपभोक्ताओं के लिए काफी उपयोगी साबित होगी।
जांच प्रक्रिया और जागरूकता
खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम के एनालिस्ट राजकुमार, एलए सचिव कुमार और आनंद कुमार ने लोगों को जागरूक करने का काम किया। उन्होंने बताया कि मिलावट की आशंका होने पर अब जांच के लिए दूर स्थित प्रयोगशालाओं के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। मोबाइल फूड टेस्टिंग वैन में उपलब्ध तकनीकी सुविधाओं के माध्यम से दूध और अन्य खाद्य सामग्री के नमूनों की प्राथमिक जांच मौके पर ही की जा सकती है। इसके लिए प्रति नमूना 100 रुपये का सरकारी शुल्क निर्धारित किया गया है। जांच पूरी होने के बाद संबंधित व्यक्ति को रिपोर्ट भी तुरंत उपलब्ध करवाई जाती है। यह सुविधा आमजन में मिलावट के प्रति जागरूकता भी बढ़ाएगी।
लोगों की संतुष्टि और शंकाओं का निवारण
दूध का सैंपल लेकर आए राजकुमार ने बताया कि दूध में सबसे ज्यादा मिलावट होने की आम धारणा है। लोग यूरिया व अन्य पदार्थ मिलाने के आरोप लगाते हैं। उन्होंने वीटा के दूध की जांच करवाई जिसकी रिपोर्ट 10 मिनट के अंदर मिल गई। जांच में दूध की गुणवत्ता बेहतर पाई गई। इस वैन के माध्यम से अब लोगों को खाद्य पदार्थों को लेकर अपने दिलों की शंकाओं और भ्रम आदि को दूर करने का मौका मिलेगा। जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी गौरव छाबड़ा ने बताया कि सरकार की यह पहल उपभोक्ताओं के लिए काफी उपयोगी है।
दुकानदारों को प्रशिक्षण और पहल का महत्व
इस दौरान टीम ने तीन जगहों पर विशेष प्रशिक्षण प्रयोग भी आयोजित किए। मिठाई के गोदामों की जांच की गई। वहां कर्मचारियों को खाद्य सुरक्षा के नियमों और सफाई आदि के बारे में बताया गया। उन्हें खाद्य पदार्थों को बनाते समय और रखते समय विशेष ध्यान रखने की सलाह दी गई। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि वे उपभोक्ताओं की सेहत को नुकसान न पहुंचाएं।
कोट्स
सरकार की यह पहल उपभोक्ताओं के लिए काफी उपयोगी साबित होगी। इससे आमजन स्वयं अपने खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच करवा सकेंगे और मिलावट के प्रति जागरूकता भी बढ़ेगी। उन्होंने बताया कि सरकार की ओर से मोबाइल फूड टेस्टिंग वैन चलाने की घोषणा के बाद से ही उनका प्रयास था कि इसे सिरसा लाकर लोगों को इस सुविधा का लाभ दिलाया जाए। आमजन से अपील की कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर किसी प्रकार की आशंका होने पर मोबाइल फूड टेस्टिंग वैन की सुविधा का अधिक से अधिक लाभ उठाएं।
-गौरव छाबड़ा, जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी।