{"_id":"23fd1a010ba5ab27dc6478f141c8855e","slug":"mist-the-momentum-stopped-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"धुंध ने रोकी रफ्तार ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
धुंध ने रोकी रफ्तार
अमर उजाला सिरसा/ब्यूरो
Updated Mon, 30 Nov 2015 01:51 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रविवार सुबह घनी धुंध के कारण वाहनों की रफ्तार धीमी हो गई। सुबह बसें और ट्रेनें अपने निर्धारित समय से देरी से गंतव्य स्थानों तक पहुंची। मौसम के जानकारों के अनुसार अब लगातार ठंड बढ़ने के आसार हैं।
विज्ञापन
धुंध के कारण ठंड भी बढ़ गई। दोपहर को मौसम साफ हुआ, उसके बाद जनजीवन सामान्य हुआ। सुबह घरों से निकलने वाले लोगों ने गर्म वस्त्र पहनकर ठंड से बचने का प्रयास किया।
विज्ञापन
किसानों के अनुसार धुंध और ठंड फसलों के लिए फायदेमंद होगी। धुंध के कारण सड़क हादसों की संभावना बढ़ गई है।
धुंध के कारण आज सर्दी के मौसम का अहसास किया गया। अब लगातार ठंड बढ़ेगी। मौसम के जानकारों के अनुसार दिसबंर के प्रथम सप्ताह के बाद कड़ाके की ठंड शुरू हो जाएगी।
विज्ञापन
गुलाबी ठंड के बाद आज सुबह छाई धुंध से लोगों ने गर्म वस्त्र निकाल लिए हैं। गर्म वस्त्रों की दुकानों पर भी ग्राहकों की संख्या बढ़ने लगी है।
आज सुबह-सवेरे से ही धुंध छा गई थी, जो करीब 12 बजे जाकर छंटी। सड़कों पर वाहनों की रफ्तार धीमी हो गई थी।
धुंध से हादसा, एक की मौत
धुंध के कारण हादसे भी होने से शुरू हो गए हैं। धुंध के कारण डिंग के पास सड़क हादसा हुआ, जिसमें एक की मौत हो गई और एक व्यक्ति घायल हो गया।
हादसों की संभावना को लेकर यातायात पुलिस और सड़क सुरक्षा संगठन ने भी जागरूकता अभियान चलाने का कार्यक्रम बनाना शुरू कर दिया है।
दिल्ली, चंडीगढ़, जयपुर, जालंधर आदि शहरों से आने वाली बसें अपने निर्धारित समय से एक या डेढ़ घंटे देरी से पहुंची। इसी प्रकार सुबह की ट्रेनें भी लेट हुईं। यात्रियों को ठंड के कारण परेशानी का सामना करना पड़ा।
गर्म पेय पदार्थों की बढ़ी मांग
मूंगफली और सूप की बिक्री बढ़ गई है। मौसम में बदलाव होते ही ठंड ने दस्तक दे दी है। मौसम के जानकारों के अनुसार आने वाले कुछ दिनों में बरसात के आसार हैं, जिसके बाद कड़ाके की ठंड शुरू हो जाएगी।
ठंड से बचाव करें
आईएमए के प्रदेश संरक्षक डॉक्टर वेद बैनीवाल ने कहा कि ठंड के कारण कई प्रकार की बीमारियां आने की संभावना बढ़ जाती है। ठंड के दिनों में गर्म व ऊनी वस्त्र जरूर पहनें।
ठंडी तासीर की वस्तुएं खाने से परहेज करें। खासकर छोटे बच्चों को नंगे पांव न रखें और हवा से बचाने के लिए गर्म वस्त्र पहनाएं। ठंड के कारण सर्दी, जुकाम, निमोनिया आदि बीमारियां बढ़ सकती हैं। शीत लहरों के दौरान सिर पर भी ऊनी टोपी लगाएं। बच्चों को ठंडे पानी के संपर्क में न आने दें।
फसलों के लिए धुंध होगी वरदान
किसानों के अनुसार जितनी ज्यादा धुंध पड़ेगी गेहूं की फसल उतनी ही अच्छी होगी। कृषि विशेषज्ञ राजेंद्र सिंह ने बताया कि धुंध से गेहूं का पौधा फुटाव अधिक करता है, जिससे उत्पादन अच्छा होता है।
इसके अलावा तेला, चेपा आदि कई बीमारियों पर भी धुंध से बचाव होता है। गेहूं की फसल का उत्पादन ज्यादा ठंड से ही अच्छा होता है। इसके अलावा जौ, सरसों और चने की फसल को भी धुंध से फायदा होता है।
बता दें कि इस बार जिले में दो लाख 90 हजार हेक्टेयर में गेहूं, 60 हजार हेक्टेयर में सरसों, 10 हजार हेक्टेयर में जौ व सात हजार हेक्टेयर में चने की फसल की बिजाई हुई है। सभी फसलों को ठंड व धुंध से लाभ मिलेगा। केवल कोहरे से आलू और सरसों सहित कुछ फसलों को नुकसान होता है।