फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Sirsa News ›   Migration of people started from Saharni and Nejadela Khurd, said - have suffered the pain of flood before, do not want to take risk this time

Sirsa News: सहारणी व नेजाडेला खुर्द से लोगों का पलायन शुरू, बोले- पहले भी झेल चुके हैं बाढ़ का दर्द, इस बार जोखिम नहीं लेना चाहते

Tue, 18 Jul 2023 12:15 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा Updated Tue, 18 Jul 2023 12:15 AM IST
विज्ञापन
Migration of people started from Saharni and Nejadela Khurd, said - have suffered the pain of flood before, do not want to take risk this time
गांव सहारणी में ट्राॅली में सामान भरकर ले जाते ग्रामीण।   संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

बडागुढ़ा। घग्गर नदी में बढ़ रहे जलस्तर के चलते गांव सहारणी, नेजाडेला खुर्द, खैरेकां, मल्लेवाला, बुढ़ाभाणा, किराडक़ोट, अहमदपुर सहित साथ लगते गांवों के लोग भय के साये में जी रहे हैं। सहारणी व नेजाडेला खुर्द से काफी लोग गांव छोड़कर जा रहे हैं। लोगों ने अपना कीमती सामान व मवेशियों आदि को रिश्तेदारों के घर पहुंचा दिया है।
गांव सहारणी व नेजाडेला में निचले क्षेत्र लगभग पूरी तरह से खाली हो चुके हैं। नेजाडेला व सहारणी के ग्रामीण जयमल चंद, कश्मीर चंद, जय किशन, रमेश कुमार व मदन लाल का कहना है कि गांव के पास घग्गर के तटबंध कभी भी टूट सकते हैं। ऐसे में वे किसी तरह का जोखिम नहीं लेना चाहते। वे पहले भी बाढ़ का दर्द झेल चुके हैं, तब उनका काफी नुकसान हुआ था। इस बार वे सचेत हैं। गांव नेजाडेला खुर्द में रह रहे कुछ परिवारों ने बताया कि जहां उनकी रिश्तेदारियां हैं, वहां भी बाढ़ का खतरा बना हुआ है, इसलिए वे गांव छोड़कर अन्य जगह नहीं जा सकते।
विज्ञापन




आपातकालीन स्थिति के लिए मोटर बोट का प्रबंध
प्रशासन ने आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए 12 से अधिक मोटर बोट का प्रबंध किया है। गांव रंगा, मुसाहिबवाला, मल्लेवाला, नेजाडेला के पास विशेष निगरानी रखी जा रही है। रविवार रात्रि गांव सहारणी के निकट तटबंध लीक होने से एक बार स्थिति भयग्रस्त हो गई। सूचना के बाद ग्रामीण ट्रैक्टर-ट्राॅलियां लेकर लीकेज को पाटने के लिए पहुंच गए। इसके बाद स्थिति पर काबू पा लिया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन



टापू के रूप में दिखने लगा गांव बुर्जकर्मगढ़
गांव बुर्जकर्मगढ़ एक टापू मेें तब्दील हो गया है। गांव को जाने वाली एकमात्र सड़क भी पानी में बह गई। गांव किराडक़ोट, बुढ़ाभाणा, झीड़ी व बप्पां क्षेत्र से सिरसा जाने वाले मुख्य कच्चे रास्ते में पानी भरने के कारण संपर्क टूट गया है। मल्लेवाला की तरफ जाने वाले रास्ते व बांध को मजबूत करने के लिए मनरेगा मजदूर व जेसीबी मशीनें लगी हुई हैं।



जी-जान से जुटी समाजसेवी संस्थाएं

संकट की घड़ी में डेरा सच्चा सौदा के सेवादार अन्य समाजसेवी संस्थाएं तथा युवा क्लब अहम भूमिका निभा रहे हैं। सोमवार को डेरा के शाह सतनाम जी ग्रीन-एस वेलफेयर फोर्स विंग के सदस्य गांव पनिहारी, झुग्गियां व सहारणी में तटबंध को मजबूत करने में लगे हुए हैं। सेवादारों द्वारा लोगों के लिए लंगर व मवेशियों के लिए हरे चारे का भी प्रबंध किया जा रहा है। बडागुढ़ा के बाबा छोटा सिंह युवा क्लब, बीरूवाला यूथ क्लब व दोनों गांवों की गुरुद्वारा कमेटियां भी राहत कार्य में लगी हुई हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed