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डिलीवरी के दौरान बच्चे की मौत, अस्पताल में परिजनों का हंगामा
अमर उाला ब्यूरो/सिरसा
Updated Sun, 18 Dec 2016 01:13 AM IST
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धरना देते परिजन
- फोटो : amarujala
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सिविल अस्पताल में शुक्रवार रात को डिलीवरी के दौरान बच्चे की मौत होने से शनिवार सुबह परिजनों ने जमकर हंगामा किया। परिवार वाले मृत बच्चे को गोद में लेकर अस्पताल परिसर में धरने पर बैठ गए। घटना की सूचना मिलने पर शहर थाना प्रभारी राम सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने परिजनों को समझाने का प्रयास किया लेकिन वे नहीं माने। परिवार वाले डिलीवरी के दौरान लापरवाही बरतने वाले स्टाफ के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे। दोपहर बाद चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर सुभाषिणी घटना की जांच और कार्रवाई का भरोसा दिया, तब जाकर पीड़ित परिवार ने धरना समाप्त किया।
जानकारी के अनुसार गांव ममेरा खुर्द निवासी अभय सिंह की पत्नी प्रियंका को 14 दिसंबर को प्रसव पीड़ा होने लगी। परिवार वालों ने उसे ऐलनाबाद अस्पताल में दाखिल करवा दिया। डॉक्टरों ने उपचार के बाद से सिरसा सिविल अस्पताल मेें रेफर कर दिया। अभय सिंह का कहना है कि डॉक्टरों व स्टाफ ने उन्हेें बताया कि डिलीवरी सामान्य हो जाएगी। वीरवार को प्रियंका को प्रसव पीड़ा होने लगी तो वह ड्यूटी पर तैनात नर्स व डॉक्टर के पास गया। आरोप है कि बार-बार बुलाने के बाद भी न नर्स आई और न ही महिला डॉक्टर।
शुक्रवार शाम को फिर से प्रसव पीड़ा हुई तो डॉक्टर सोनिया ने कहा कि प्रियंका का ऑपरेशन करना पड़ेगा। ऑपरेशन के बाद डॉक्टर ने उनसे कहा कि बच्चा मरा हुआ पैदा हुआ है। यह सुनकर परिजन बिफर पड़े और उन्होंने शिशु वार्ड में हंगामा शुरू कर दिया। सुरक्षा गार्ड ने हंगामा न करने को कहा तो उसके साथ मारपीट करनी शुरू कर दी। शनिवार सुबह परिवार वालों ने एमरजेंसी वार्ड समक्ष सिविल अस्पताल प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। पिता अपने मृत बच्चे को गोद में लेकर धरने पर बैठ गया। परिवार वाले डिलीवरी स्टाफ व महिला डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की मांग करने लगे। अस्पताल में नारेबाजी और शोर की आवाज सुनकर जेजे कॉलोनी चौकी पुलिस मौके पर पहुंची।
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उन्होंने परिजनों को शांत करवाने का प्रयास किया लेकिन वे अपनी मांग पर अड़े रहे। इसके बाद शहर थाना प्रभारी राम सिंह मौके पर पहुंचे, उनका प्रयास भी विफल हो गया। इसके बाद चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सुभाषिणी ने परिजनों से बात की। उन्होंने परिजनों से कहा कि वे लिखित में शिकायत दें। घटना की जांच करवाई जाएगी और जो भी दोषी पाया गया उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। चिकित्सा अधीक्षक के आश्वासन पर परिजन धरने से उठ गए। चिकित्सा अधीक्षक शिशु के शव का पोस्टमार्टम करने के लिए तीन डॉक्टरों का बोर्ड गठित कर दिया।
सोमवार को होगी जांच कमेटी गठित
तीन डॉक्टरों के बोर्ड ने शव का पोस्टमार्टम किया है। शव का बिसरा जांच के लिए लैब में भेजा जाएगा। मामले की जांच के लिए सोमवार को डॉक्टरों की टीम गठित की जाएगी। जांच रिपोर्ट में अगर कोई दोषी पाया गया उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।
-डॉक्टर सुभाषिणी, चिकित्सा अधीक्षक सिरसा।
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जानकारी के अनुसार गांव ममेरा खुर्द निवासी अभय सिंह की पत्नी प्रियंका को 14 दिसंबर को प्रसव पीड़ा होने लगी। परिवार वालों ने उसे ऐलनाबाद अस्पताल में दाखिल करवा दिया। डॉक्टरों ने उपचार के बाद से सिरसा सिविल अस्पताल मेें रेफर कर दिया। अभय सिंह का कहना है कि डॉक्टरों व स्टाफ ने उन्हेें बताया कि डिलीवरी सामान्य हो जाएगी। वीरवार को प्रियंका को प्रसव पीड़ा होने लगी तो वह ड्यूटी पर तैनात नर्स व डॉक्टर के पास गया। आरोप है कि बार-बार बुलाने के बाद भी न नर्स आई और न ही महिला डॉक्टर।
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शुक्रवार शाम को फिर से प्रसव पीड़ा हुई तो डॉक्टर सोनिया ने कहा कि प्रियंका का ऑपरेशन करना पड़ेगा। ऑपरेशन के बाद डॉक्टर ने उनसे कहा कि बच्चा मरा हुआ पैदा हुआ है। यह सुनकर परिजन बिफर पड़े और उन्होंने शिशु वार्ड में हंगामा शुरू कर दिया। सुरक्षा गार्ड ने हंगामा न करने को कहा तो उसके साथ मारपीट करनी शुरू कर दी। शनिवार सुबह परिवार वालों ने एमरजेंसी वार्ड समक्ष सिविल अस्पताल प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। पिता अपने मृत बच्चे को गोद में लेकर धरने पर बैठ गया। परिवार वाले डिलीवरी स्टाफ व महिला डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की मांग करने लगे। अस्पताल में नारेबाजी और शोर की आवाज सुनकर जेजे कॉलोनी चौकी पुलिस मौके पर पहुंची।
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उन्होंने परिजनों को शांत करवाने का प्रयास किया लेकिन वे अपनी मांग पर अड़े रहे। इसके बाद शहर थाना प्रभारी राम सिंह मौके पर पहुंचे, उनका प्रयास भी विफल हो गया। इसके बाद चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सुभाषिणी ने परिजनों से बात की। उन्होंने परिजनों से कहा कि वे लिखित में शिकायत दें। घटना की जांच करवाई जाएगी और जो भी दोषी पाया गया उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। चिकित्सा अधीक्षक के आश्वासन पर परिजन धरने से उठ गए। चिकित्सा अधीक्षक शिशु के शव का पोस्टमार्टम करने के लिए तीन डॉक्टरों का बोर्ड गठित कर दिया।
सोमवार को होगी जांच कमेटी गठित
तीन डॉक्टरों के बोर्ड ने शव का पोस्टमार्टम किया है। शव का बिसरा जांच के लिए लैब में भेजा जाएगा। मामले की जांच के लिए सोमवार को डॉक्टरों की टीम गठित की जाएगी। जांच रिपोर्ट में अगर कोई दोषी पाया गया उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।
-डॉक्टर सुभाषिणी, चिकित्सा अधीक्षक सिरसा।