{"_id":"623ca9fde01dd677ea145db4","slug":"if-diesel-becomes-expensive-then-the-system-has-changed-now-roadways-will-buy-diesel-from-outside-will-contract-with-petrol-pumps-sirsa-news-hsr6274108198","type":"story","status":"publish","title_hn":"महंगा हुआ डीजल तो बदली व्यवस्था : अब बाहर से डीजल खरीदेगा रोडवेज, पेट्रोल पंपों से करेगा अनुबंध","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
महंगा हुआ डीजल तो बदली व्यवस्था : अब बाहर से डीजल खरीदेगा रोडवेज, पेट्रोल पंपों से करेगा अनुबंध
विज्ञापन
रोडवेज की वर्कशाप में लगे पेट्रोल पंप से तेल भरवाते रोडवेज कर्मचारी।
- फोटो : Sirsa
सिरसा। सरकार से सब्सिडी पर डीजल खरीदकर कमाई करने वाले विभागों को अब डीजल 25 रुपये महंगा मिलेगा। इससे रोडवेज डिपो पर भी इसका असर पड़ेगा। रोडवेज ने व्यवस्था में बदलाव करते हुए नया फैसला लिया है। अब रोडवेज प्रदेश भर में थोक में डीजल खरीदने की बजाय बाहर से खरीदेगा। इसके लिए पेट्रोल पंपों से कोटेशन मांगी है और अनुबंध की तैयारियां पूरी हो गई हैं। नई व्यवस्था शुक्रवार से प्रदेश भर में लागू हो जाएगी।
डीजल थोक में खरीदने वालों को 25 रुपये महंगा मिलने लगा है। सरकारी विभाग जिसमें रोडवेज, रेलवे इसमें शामिल थे, जो सब्सिडी पर डीजल खरीदकर कमाई करते थे। तेल महंगा हो गया, इसलिए रोडवेज ने व्यवस्था बदलने के लिए मंथन किया। पहले रोडवेज सभी जिलों में बस स्टैंड पर ही अपना पंप स्थापित कर बसों में डीजल डालता था। लेकिन अब फैसला लिया है कि रोडवेज डीजल बाहर यानी पेट्रोल पंपों से ही डीजल डलवाएगा। इसके लिए पेट्रोल पंपों से अनुबंध किया जा रहा है, ये प्रक्रिया वीरवार रात तक पूरी हो जाएगी और शुक्रवार से व्यवस्था लागू होगी। रोडवेज विभाग का प्रयास है कि बाजार भाव से 25 रुपये महंगा डीजल खरीदने की बजाय पेट्रोल पंपों से लिया जाए। पेट्रोल पंपों से भी छूट के लिए कोटेशन मांगी गई है। बता दें कि प्रदेश भर के 22 जिलों में बस स्टैंड पर रोडवेज के अपने पंप स्थापित थे। बता दें कि प्रदेश भर में हरियाणा रोडवेज के बेड़े में 3300 से ज्यादा बसें हैं। इनमें करीब 2500 बसें सड़कों पर हैं। जिससे लाखों लीटर डीजल की लागत प्रतिदिन होती है।
सिरसा में प्रतिदिन 10 हजार लीटर डीजल की खपत
सिरसा रोडवेज के पास कुल 167 बसें है। जिनको अलग-अलग रूटों पर संचालन होता है। ऐसे में हर रोज 10 हजार लीटर डीजल की खपत होती है। रोडवेज की ओर से कंपनियों से थोक में डीजल की खरीद की जाती थी। ऐसे में अब रोडवेज को वहीं डीजल खुले बाजार से 25 रुपये अधिक महंगा मिलेगा। रोडवेज में सिरसा डिपो की बसें हर रोज आठ हजार लीटर और डबवाली में दो हजार लीटर डीजल की खपत होती है। डीजल की खपत अधिक होने के कारण रोडवेज को इसका नुकसान भी उठाना पड़ रहा है। जिसके कारण बाजार से डीजल लेने की प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी की जा रही है। जिससे रोडवेज को इसका लाभ भी मिलेगा। हालांकि इससे पहले राजस्थान में भी रोडवेज बस संचालकों की ओर से खुले बाजार से डीजल लिया जाता था।
विज्ञापन
पेट्रोल पंप तय करने के लिए बनाई पांच सदस्य कमेटी
सिरसा और डबवाली के तय सीमा में आने वाले पेट्रोल पंप संचालकों की ओर से कोटेशन भेजी गई है। जिसके बाद रोडवेज ने पांच सदस्यीय कमेटी का गठन किया है। कमेटी की ओर से ही पेट्रोल पंप का चयन किया जाना है। पेट्रोल पंप के तय होने के बाद शुरूआत में रोडवेज की ओर से 15 दिन का अनुबंध किया जाएगा। जिसके बाद मुख्यालय के आदेशों अनुसार पेट्रोल पंप के अनुबंध को बढ़ाया जा सकता है।
मुख्यालय के आदेशों के बाद खुले बाजार के पेट्रोल पंपों से कोटेशन मंगवाई गई है। इनमें से जो भी पेट्रोल पंप संचालक सस्ते दाम पर डीजल देगा उसके साथ अनुबंध किया जाएगा। इसके लिए सिरसा बस स्टैंड के पांच किलोमीटर के दायरे और डबवाली सब डिपो के 10 किलोमीटर के दायरे में आने वाले पेट्रोल पंपों से कोटेशन मंगवाया गई थी।
-आरएस पूनिया, रोडवेज महाप्रबंधक, सिरसा डिपो।
विज्ञापन
डीजल थोक में खरीदने वालों को 25 रुपये महंगा मिलने लगा है। सरकारी विभाग जिसमें रोडवेज, रेलवे इसमें शामिल थे, जो सब्सिडी पर डीजल खरीदकर कमाई करते थे। तेल महंगा हो गया, इसलिए रोडवेज ने व्यवस्था बदलने के लिए मंथन किया। पहले रोडवेज सभी जिलों में बस स्टैंड पर ही अपना पंप स्थापित कर बसों में डीजल डालता था। लेकिन अब फैसला लिया है कि रोडवेज डीजल बाहर यानी पेट्रोल पंपों से ही डीजल डलवाएगा। इसके लिए पेट्रोल पंपों से अनुबंध किया जा रहा है, ये प्रक्रिया वीरवार रात तक पूरी हो जाएगी और शुक्रवार से व्यवस्था लागू होगी। रोडवेज विभाग का प्रयास है कि बाजार भाव से 25 रुपये महंगा डीजल खरीदने की बजाय पेट्रोल पंपों से लिया जाए। पेट्रोल पंपों से भी छूट के लिए कोटेशन मांगी गई है। बता दें कि प्रदेश भर के 22 जिलों में बस स्टैंड पर रोडवेज के अपने पंप स्थापित थे। बता दें कि प्रदेश भर में हरियाणा रोडवेज के बेड़े में 3300 से ज्यादा बसें हैं। इनमें करीब 2500 बसें सड़कों पर हैं। जिससे लाखों लीटर डीजल की लागत प्रतिदिन होती है।
विज्ञापन
सिरसा में प्रतिदिन 10 हजार लीटर डीजल की खपत
सिरसा रोडवेज के पास कुल 167 बसें है। जिनको अलग-अलग रूटों पर संचालन होता है। ऐसे में हर रोज 10 हजार लीटर डीजल की खपत होती है। रोडवेज की ओर से कंपनियों से थोक में डीजल की खरीद की जाती थी। ऐसे में अब रोडवेज को वहीं डीजल खुले बाजार से 25 रुपये अधिक महंगा मिलेगा। रोडवेज में सिरसा डिपो की बसें हर रोज आठ हजार लीटर और डबवाली में दो हजार लीटर डीजल की खपत होती है। डीजल की खपत अधिक होने के कारण रोडवेज को इसका नुकसान भी उठाना पड़ रहा है। जिसके कारण बाजार से डीजल लेने की प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी की जा रही है। जिससे रोडवेज को इसका लाभ भी मिलेगा। हालांकि इससे पहले राजस्थान में भी रोडवेज बस संचालकों की ओर से खुले बाजार से डीजल लिया जाता था।
विज्ञापन
पेट्रोल पंप तय करने के लिए बनाई पांच सदस्य कमेटी
सिरसा और डबवाली के तय सीमा में आने वाले पेट्रोल पंप संचालकों की ओर से कोटेशन भेजी गई है। जिसके बाद रोडवेज ने पांच सदस्यीय कमेटी का गठन किया है। कमेटी की ओर से ही पेट्रोल पंप का चयन किया जाना है। पेट्रोल पंप के तय होने के बाद शुरूआत में रोडवेज की ओर से 15 दिन का अनुबंध किया जाएगा। जिसके बाद मुख्यालय के आदेशों अनुसार पेट्रोल पंप के अनुबंध को बढ़ाया जा सकता है।
मुख्यालय के आदेशों के बाद खुले बाजार के पेट्रोल पंपों से कोटेशन मंगवाई गई है। इनमें से जो भी पेट्रोल पंप संचालक सस्ते दाम पर डीजल देगा उसके साथ अनुबंध किया जाएगा। इसके लिए सिरसा बस स्टैंड के पांच किलोमीटर के दायरे और डबवाली सब डिपो के 10 किलोमीटर के दायरे में आने वाले पेट्रोल पंपों से कोटेशन मंगवाया गई थी।
-आरएस पूनिया, रोडवेज महाप्रबंधक, सिरसा डिपो।