फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Sirsa News ›   Husband left at the age of 25, worked hard and made son an assistant professor

25 की उम्र में ही छूटा पति का साथ, परिश्रम कर बेटे को बना दिया सहायक प्रोफेसर

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 07 May 2022 11:12 PM IST
विज्ञापन
Husband left at the age of 25, worked hard and made son an assistant professor
संतोष देवी अपने बेटे सहायक प्रोफेसर विजेंद्र रजोरा के साथ। संवाद - फोटो : Sirsa
सिरसा। जो चुनौतियों से लड़कर बच्चों को काबिल बना दे, सही मायने में यही मातृशक्ति है। ऐसी ही एक मातृशक्ति 60 वर्षीय संतोष रानी ने पति की मौत के बाद संघर्ष करते हुए अपने बेटे को सहायक प्रोफेसर बनाया। इसी संघर्ष की बदौलत आज जब बेटे के नाम से मां की पहचान होती है, तो संतोष रानी खुद को गौरवान्वित महसूस करती हैं।
विज्ञापन

नोहरिया बाजार निवासी संतोष रानी की शादी मात्र 16 वर्ष की उम्र में 1978 में हुई। करीब छह साल बाद 1984 में उनके बेटे का जन्म हुआ। अब बेटा तीन साल का ही हुआ था कि हृदय गति रुकने से संतोष के पति का निधन हो गया। मात्र 25 वर्ष की आयु में संतोष विधवा हो गई। बेटे की परवरिश में कोई समस्या न आए इसलिए संतोष दूसरी शादी नहीं की और सिंगल मदर होते हुए बेटे का पालन पोषण किया। उसने सिलाई कढ़ाई का काम शुरू कर दिया। समाज की चुनौतियों से पार पाते हुए संतोष रानी ने आज बेटे को उस मुकाम पर पहुंचा दिया है, जहां वह समाज के अन्य बच्चों को कामयाबी के मार्ग पर जाने का रास्ता दिखा रहा है।
विज्ञापन

उच्चतर शिक्षा दिलाकर बेटे को बनाया सहायक इंजीनियर प्रोफेसर
मां के संघर्ष का ही परिणाम है कि संतोष रानी का बेटा विजेंद्र रजोरा पेशे से हिसार के विश्वविद्यालय के इंजीनियरिंग विभाग में सहायक प्रोफेसर के पद पर तैनात है। इसके साथ ही विजेंद्र का अध्ययन भी जारी है और वह इसी विषय में पीएचडी कर रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

पार्टियों के झंडों की करती थी सिलाई
संतोष रानी ने बताया कि परिवार के अन्य सदस्यों के साथ-साथ परिचितों का सहयोग तो मिला, लेकिन उसका उद्देश्य खुद परिश्रम कर बच्चे को मेहनतकश बनाना था। इसी उद्देश्य के चलते सिलाई का कार्य शुरू किया और ब्लाउज बनाने के साथ ही विभिन्न पार्टियों के झंडे सिलने शुरू किया। वक्त के साथ बेटा शिक्षा ग्रहण करता गया और रोजगार के काबिल बना तो कहता..मां अब रहने दे, तुझे काम करने की जरूरत नहीं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed