फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Sirsa News ›   gopal kanda, assembly elections

गोपाल कांडा ने भाजपा को दिया समर्थन तो मंत्री पद को लेकर शुरू हुई चर्चाएं, लेकिन शाम तक लग गया विराम

Fri, 25 Oct 2019 10:51 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Fri, 25 Oct 2019 10:51 PM IST
विज्ञापन
gopal kanda, assembly elections
जिले की पांच विधानसभा सीटों पर भाजपा को एक भी सीट नहीं मिली। ऐसे में बहुमत से दूर भाजपा से सिरसा के हलोपा नेता व विधायक गोपाल कांडा व रानियां से निर्दलीय विधायक रणजीत सिंह, भाजपा के हरियाणा प्रभारी अनिल जैन से मुलाकात कर चुके हैं। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में रणजीत सिंह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों से प्रभावित होकर भाजपा के समर्थन देने की बात कह रहे हैं। इस वीडियो के वायरल होने पर जिले में उनके समर्थकों और कार्यकर्ताओं ने उनके मंत्री पद मिलने की चर्चाएं शुरू कर दी है। वहीं गोपाल कांडा के भी भाजपा को समर्थन देने पर उनके समर्थकों ने भी सोशल मीडिया पर उनके मंत्री पद मिलने की चर्चाएं शुरू कर दी। लेकिन दोपहर होते होते एयरहोस्टस गीतिका सुसाइड कांड के आरोपी गोपाल कांडा द्वारा भाजपा को समर्थन देने की खबरों पर राजनीतिक गलियारों में इसका विरोध होना शुरू हो गया। खुद भाजपा नेत्री उमा भारती ने भी गोपाल कांडा को सरकार में शामिल करने पर नाराजगी जताई। ऐसे में शाम होते-होते गोपाल कांडा के मंत्री पद प्राप्त करने और सरकार में शामिल होने की चर्चाओं पर विराम लग गया। ऐसे में गीतिका सुुसाइड कांड के कारण आरोपी गोपाल कांडा के पास मंत्री पद आता-आता चला गया। वहीं बीते दिनों गोपाल कांडा के साथ चार्टर प्लेन में जाने वाले रानियां के निर्दलीय विधायक रणजीत सिंह भी सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में मीडिया से बातचीत में गोपाल कांडा के बारे में कुछ भी कहने से बचते रहे। रणजीत सिंह ने कहा कि उसने भाजपा को समर्थन दिया है।
विज्ञापन

दोनों ही विधायक कर चुके हैं भाजपा का समर्थन
वहीं गोपाल कांडा 2009 में निर्दलीय विधानसभा चुनाव जीते थे। इसके बाद तत्कालीन कांग्रेस सरकार के पास बहुमत न होने पर समर्थन देकर गृह मंत्री बन गए। 2014 विधानसभा चुनाव में उन्हें इनेलो के मखन लाल सिंगला से पराजय का सामना करना पड़ा था। ऐसे में 2019 में हलोपा नेता गोपाल कांडा दोबारा विजयी हुए। ऐसे में उनके समर्थकों ने उनके मंत्री पद बनने की चर्चाओं को जन्म दे दिया। लेकिन गीतिका सुसाइड कांड के आरोपी होना उनके सरकार में शामिल होने की संभावनाओं में रोड़ा बन गया। रानियां से निर्दलीय विधायक रणजीत सिंह 1987 में विधायक बने थे। इसके बाद वे कभी कोई चुनाव नहीं जीत पाए। पिछले दो चुनाव तो लगातार रानियां से विधानसभा की टिकट पर हारे। ऐसे में इस जीत के बाद उनके समर्थकों ने सोशल मीडिया पर उन्हें मंत्री पद मिलने की चर्चाएं शुरू कर दी।
विज्ञापन

पांच में से जिले में नहीं कोई विधायक
जिले में पांच विधानसभा सीटों पर दो कांग्रेस के, एक हलोपा, एक इनेलो व एक निर्दलीय उम्मीदवार जीते हैं। गोपाल कांडा व रणजीत सिंह तो वीरवार मतगणना होने के बाद से ही सांसद सुनीता दुग्गल के साथ चार्टर प्लेन में दिल्ली रवाना हो गए। रणजीत सिंह तो जीत के बाद अपने विधानसभा क्षेत्र रानियां में धन्यवादी जलूस भी नहीं निकाल पाए। वहीं शुक्रवार को अभय सिंह चौटाला, कांग्रेस के कालांवाली से विधायक शीशपाल व डबवाली विधायक अमित सिहाग भी जिले में नहीं थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed