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Sirsa News: घग्गर में बढ़ते जलस्तर से फिर बढ़ी चिंता, तीन साल बाद भी तटबंध बदहाल
Tue, 07 Jul 2026 12:18 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Tue, 07 Jul 2026 12:18 AM IST
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रोड़ी । गांव मत्तड़ के पास हरियाणा में घग्गर का कमजोर तटबंध व सामने पंजाब का मजबूत तटबंध____संव
2023 की भीषण बाढ़ के बाद किए गए दावों पर सवाल, रोड़ी क्षेत्र के ग्रामीणों व किसानों ने समय रहते सुरक्षा इंतजाम करने की उठाई मांग
फोटो-- 16 से 21
रोड़ी । हरियाणा और पंजाब की सीमा पर बहने वाली घग्गर नदी में पानी छोड़े जाने तथा मानसून के सक्रिय होने के बाद नदी किनारे बसे गांवों के किसानों और ग्रामीणों की चिंता फिर बढ़ गई है। घग्गर नदी पंजाब के सरदूलगढ़ क्षेत्र से हरियाणा में गांव मत्तड़ के पास प्रवेश करती है और मत्तड़, लहंगेवाला तथा रंगा सहित कई गांवों के साथ करीब चार किलोमीटर तक बहती है।
रविवार को नदी में पानी छोड़ा जा चुका है। आने वाले दिनों में जलस्तर बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। ग्रामीणों व किसानों का आरोप है कि संभावित बाढ़ से निपटने के लिए प्रशासन की ओर से अब तक कोई प्रभावी तैयारी दिखाई नहीं दे रही है। वर्ष 2023 की भीषण बाढ़ में सिरसा जिले के 49 से अधिक गांव प्रभावित हुए थे।
इनमें रोड़ी क्षेत्र के करीब एक दर्जन गांव सबसे ज्यादा प्रभावित रहे। हजारों एकड़ कृषि भूमि जलमग्न हो गई थी और कई स्थानों पर लोगों को सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन करना पड़ा था। उस समय सरकार ने तटबंधों को मजबूत करने और स्थायी समाधान का भरोसा दिया था लेकिन तीन वर्ष बीतने के बाद भी अधिकांश स्थानों पर हालात जस के तस बने हुए हैं।
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ग्रामीणों का कहना है कि घग्गर के हरियाणा क्षेत्र के तटबंध आज भी कई जगहों से कमजोर हैं। जगह-जगह दरारें और कटाव साफ दिखाई दे रहे हैं जिससे बरसात के मौसम में खतरा और बढ़ गया है। किसानों का कहना है कि यदि समय रहते मरम्मत और सुदृढ़ीकरण का कार्य नहीं हुआ तो तेज बहाव की स्थिति में तटबंधों पर दबाव बढ़ सकता है। किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि नदी में जलस्तर बढ़ने से पहले तटबंधों की तत्काल मरम्मत कराई जाए, संवेदनशील स्थानों की निगरानी बढ़ाई जाए और बाढ़ नियंत्रण के सभी आवश्यक इंतजाम किए जाएं। उनका कहना है कि हर साल बाढ़ का खतरा सामने आने के बाद ही प्रशासन सक्रिय होता है जबकि स्थायी समाधान की दिशा में अपेक्षित कार्य अब तक नहीं हो सका है।
पंजाब के तटबंध मजबूत, हरियाणा में दरारों ने बढ़ाई चिंता
वर्ष 2023 की भीषण बाढ़ के बाद पंजाब सरकार ने घग्गर नदी के तटबंधों का सुदृढ़ीकरण कर उन्हें मजबूत कर दिया था। वर्तमान में पंजाब क्षेत्र के अधिकांश तटबंध सुरक्षित और बेहतर स्थिति में बताए जा रहे हैं। इसके विपरीत हरियाणा क्षेत्र में कई स्थानों पर तटबंधों में अब भी बड़ी दरारें और कटाव मौजूद हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बार-बार मांग उठाने के बावजूद स्थायी मरम्मत नहीं कराई गई। मानसून के दौरान नदी में जलस्तर बढ़ने की आशंका के बीच इन कमजोर तटबंधों ने किसानों और आसपास के गांवों के लोगों की चिंता बढ़ा दी है।
कोट्स
वर्ष 2023 की बाढ़ में हमारी फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई थी। सरकार ने तटबंध मजबूत करने का आश्वासन दिया था लेकिन आज भी हालात नहीं बदले। मानसून शुरू हो चुका है और घग्गर में पानी बढ़ रहा है। प्रशासन को किसी हादसे से पहले स्थायी सुरक्षा इंतजाम करने चाहिए।
-किसान तरसेम सिंह, मत्तड़।
घग्गर के तटबंध कई जगहों से कमजोर हैं। दरारें साफ दिखाई देती हैं। हर बार किसान ही नुकसान उठाता है। समय रहते मरम्मत और पत्थर लगाने का काम नहीं हुआ तो इस बार भी खेतों में पानी भरने का खतरा बना रहेगा। सरकार तुरंत कार्रवाई करे।
-किसान जिंदर सिंह, मत्तड़।
हम छह महीने मेहनत करके फसल तैयार करते हैं लेकिन हर मानसून में बाढ़ का डर सताने लगता है। पंजाब की ओर तटबंध मजबूत हैं जबकि हरियाणा में अब भी लापरवाही दिखाई दे रही है। किसानों की सुरक्षा और फसलों को बचाने के लिए जल्द ठोस कदम उठाए जाएं।
-किसान रमनदीप सिंह, मत्तड़।
घग्गर में पानी छोड़े जाने की सूचना मिलते ही किसानों की चिंता बढ़ गई है। यदि तटबंध समय रहते मजबूत नहीं किए गए तो भारी नुकसान हो सकता है। प्रशासन को केवल निगरानी तक सीमित नहीं रहना चाहिए बल्कि कमजोर तटबंधों की तत्काल मरम्मत और सुदृढ़ीकरण कराना चाहिए।
-किसान निरंजन सिंह, मत्तड़।
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फोटो
रोड़ी । हरियाणा और पंजाब की सीमा पर बहने वाली घग्गर नदी में पानी छोड़े जाने तथा मानसून के सक्रिय होने के बाद नदी किनारे बसे गांवों के किसानों और ग्रामीणों की चिंता फिर बढ़ गई है। घग्गर नदी पंजाब के सरदूलगढ़ क्षेत्र से हरियाणा में गांव मत्तड़ के पास प्रवेश करती है और मत्तड़, लहंगेवाला तथा रंगा सहित कई गांवों के साथ करीब चार किलोमीटर तक बहती है।
रविवार को नदी में पानी छोड़ा जा चुका है। आने वाले दिनों में जलस्तर बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। ग्रामीणों व किसानों का आरोप है कि संभावित बाढ़ से निपटने के लिए प्रशासन की ओर से अब तक कोई प्रभावी तैयारी दिखाई नहीं दे रही है। वर्ष 2023 की भीषण बाढ़ में सिरसा जिले के 49 से अधिक गांव प्रभावित हुए थे।
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इनमें रोड़ी क्षेत्र के करीब एक दर्जन गांव सबसे ज्यादा प्रभावित रहे। हजारों एकड़ कृषि भूमि जलमग्न हो गई थी और कई स्थानों पर लोगों को सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन करना पड़ा था। उस समय सरकार ने तटबंधों को मजबूत करने और स्थायी समाधान का भरोसा दिया था लेकिन तीन वर्ष बीतने के बाद भी अधिकांश स्थानों पर हालात जस के तस बने हुए हैं।
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ग्रामीणों का कहना है कि घग्गर के हरियाणा क्षेत्र के तटबंध आज भी कई जगहों से कमजोर हैं। जगह-जगह दरारें और कटाव साफ दिखाई दे रहे हैं जिससे बरसात के मौसम में खतरा और बढ़ गया है। किसानों का कहना है कि यदि समय रहते मरम्मत और सुदृढ़ीकरण का कार्य नहीं हुआ तो तेज बहाव की स्थिति में तटबंधों पर दबाव बढ़ सकता है। किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि नदी में जलस्तर बढ़ने से पहले तटबंधों की तत्काल मरम्मत कराई जाए, संवेदनशील स्थानों की निगरानी बढ़ाई जाए और बाढ़ नियंत्रण के सभी आवश्यक इंतजाम किए जाएं। उनका कहना है कि हर साल बाढ़ का खतरा सामने आने के बाद ही प्रशासन सक्रिय होता है जबकि स्थायी समाधान की दिशा में अपेक्षित कार्य अब तक नहीं हो सका है।
पंजाब के तटबंध मजबूत, हरियाणा में दरारों ने बढ़ाई चिंता
वर्ष 2023 की भीषण बाढ़ के बाद पंजाब सरकार ने घग्गर नदी के तटबंधों का सुदृढ़ीकरण कर उन्हें मजबूत कर दिया था। वर्तमान में पंजाब क्षेत्र के अधिकांश तटबंध सुरक्षित और बेहतर स्थिति में बताए जा रहे हैं। इसके विपरीत हरियाणा क्षेत्र में कई स्थानों पर तटबंधों में अब भी बड़ी दरारें और कटाव मौजूद हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बार-बार मांग उठाने के बावजूद स्थायी मरम्मत नहीं कराई गई। मानसून के दौरान नदी में जलस्तर बढ़ने की आशंका के बीच इन कमजोर तटबंधों ने किसानों और आसपास के गांवों के लोगों की चिंता बढ़ा दी है।
कोट्स
वर्ष 2023 की बाढ़ में हमारी फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई थी। सरकार ने तटबंध मजबूत करने का आश्वासन दिया था लेकिन आज भी हालात नहीं बदले। मानसून शुरू हो चुका है और घग्गर में पानी बढ़ रहा है। प्रशासन को किसी हादसे से पहले स्थायी सुरक्षा इंतजाम करने चाहिए।
-किसान तरसेम सिंह, मत्तड़।
घग्गर के तटबंध कई जगहों से कमजोर हैं। दरारें साफ दिखाई देती हैं। हर बार किसान ही नुकसान उठाता है। समय रहते मरम्मत और पत्थर लगाने का काम नहीं हुआ तो इस बार भी खेतों में पानी भरने का खतरा बना रहेगा। सरकार तुरंत कार्रवाई करे।
-किसान जिंदर सिंह, मत्तड़।
हम छह महीने मेहनत करके फसल तैयार करते हैं लेकिन हर मानसून में बाढ़ का डर सताने लगता है। पंजाब की ओर तटबंध मजबूत हैं जबकि हरियाणा में अब भी लापरवाही दिखाई दे रही है। किसानों की सुरक्षा और फसलों को बचाने के लिए जल्द ठोस कदम उठाए जाएं।
-किसान रमनदीप सिंह, मत्तड़।
घग्गर में पानी छोड़े जाने की सूचना मिलते ही किसानों की चिंता बढ़ गई है। यदि तटबंध समय रहते मजबूत नहीं किए गए तो भारी नुकसान हो सकता है। प्रशासन को केवल निगरानी तक सीमित नहीं रहना चाहिए बल्कि कमजोर तटबंधों की तत्काल मरम्मत और सुदृढ़ीकरण कराना चाहिए।
-किसान निरंजन सिंह, मत्तड़।