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कंटेनमेंट जोन में खाने पीने की चीजें महंगी और लाने से रोकने पर घरों से बाहर निकले लोग
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शिवनगर कॉलोनी में घरों से बाहर गली में एकत्रित हुए लोग।
- फोटो : Sirsa
शहर के कंटेनमेंट जोन शिव नगर में समय पर खाना पानी और दूध न पहुंचने के कारण कॉलोनी के लोग परेशान होकर गली में ही एकत्रित हो गए। गली के लोगों ने प्रशासन द्वारा भेजे जा रहे दूध के निर्धारित मूल्य से दो रुपये ज्यादा रुपये लेने का आरोप लगाया और लोगों ने कहा कि वहां पर मौजूद पुलिसकर्मी उन्हें कोई भी सामान जैसे आटा, चीनी अथवा ब्रेड तक नहीं लेने दे रहे हैं। जबकि प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार सुबह और शाम गाड़ी अंदर जाती है और लोगों को जरूरी सामान मुहैया करवाती है। वहीं पुलिस कर्मचारियों ने बताया कि गली के लोग बाहर जाने के लिए कई प्रकार के बहाने बहाने बना रहे हैं।
बीते शनिवार शहर के शिव नगर में कोरोना पॉजिटिव युवक मिला था। जिसके बाद शिव नगर कॉलोनी से लगने वाली सभी गलियों को सील कर दिया गया था। कॉलोनी के लोगों को पहले दिन दूध और राशन लेने में परेशानी आई थी, जिसके बाद प्रशासन ने गाड़ी और सब्जी के रेहड़ी चालक को सुनिश्चित कर सुबह शाम प्रतिदिन भेजना शुरू कर दिया। जिसमें गाड़ी के पहले दिन जाने पर अधिकतर लोगों ने पैसे न होने के कारण न ही तो दूध लिया था और न ही खाने का सामान। वहीं बुधवार को कॉलोनी के लोग परेशान होकर घरों से बाहर एकत्रित हो गए। उस समय किसी ने भी सामाजिक दूरी नहीं बनाई हुई थी। वहां पर मौजूद सुभाष चंद्र चोपड़ा ने बताया कि उन्हें न ही तो अच्छा दूध दिया जा रहा है और न ही खाने का बढ़िया सामान दिया जा रहा है। यहीं नहीं उन्हें जो दूध दिया गया है उसमें भी गाड़ी में सवार युवक दो रुपये अधिक ले रहे हैं। जबकि उनके छोटे बच्चे हैं और वे यह दूध नहीं पीते। वह अपने किसी निजी से दूध लेते हैं, वह सैनिटाइज तरीके से दूध देने को तैयार हैं, लेकिन प्रशासन के लोग उन्हें अंदर तक आने नहीं दे रहे हैं। कॉलोनी वासी सुभाष, लाधू सिंह ठाकुर, कृष्ण लाल, फूलाराम और अन्य लोगों ने बताया कि अधिकतर लोग बाहर से ही आटा पिसाई करवाते हैं, कॉलोनी सील होने से पहले ही चक्की पर उनका आटा है, जिसकी सूचना उन्होंने प्रशासन और कंट्रोल रूम को कर दी थी। जिस पर उस समय प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया था कि एक दो दिन में आटा पहुंचा दिया जाएगा, लेकिन अभी तक न ही तो उनके पास आटा पहुंचा और न ही बाहर से उनका रखवाया हुआ आटा भी लाने नहीं दिया जा रहा है। वहीं एसएचओ सिटी सुखबीर सिंह का कहना है कि प्रशासन द्वारा लोगों को सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही है, लोगों को समझाकर घरों में वापस भेज दिया गया है।
लोग बाहर आने का ढूंढ रहे हैं बहाना
कॉलोनी के बाहर ड्यूटी दे रहे पुलिस कर्मचारियों ने बताया कि कॉलोनी के लोग बाहर आने का बहाना ढूंढ रहे हैं। जब प्रशासन की गाड़ी दूध लेकर पहुंचती है तो लोग कहते हैं कि उन्हें नीले रंग की थैली का दूध चाहिए, अगर नीले रंग की है तो कहेंगे पीले रंग की थैली का दूध पीएंगे। वहीं कॉलोनी के लोग कभी ब्रेड तो कभी बिस्कुट लेकर आने का बहाना बनाते हैं, लेकिन कंटेनमेंट जोन होने के कारण उन्हें बाहर नहीं आने दिया जा रहा है।
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बीते शनिवार शहर के शिव नगर में कोरोना पॉजिटिव युवक मिला था। जिसके बाद शिव नगर कॉलोनी से लगने वाली सभी गलियों को सील कर दिया गया था। कॉलोनी के लोगों को पहले दिन दूध और राशन लेने में परेशानी आई थी, जिसके बाद प्रशासन ने गाड़ी और सब्जी के रेहड़ी चालक को सुनिश्चित कर सुबह शाम प्रतिदिन भेजना शुरू कर दिया। जिसमें गाड़ी के पहले दिन जाने पर अधिकतर लोगों ने पैसे न होने के कारण न ही तो दूध लिया था और न ही खाने का सामान। वहीं बुधवार को कॉलोनी के लोग परेशान होकर घरों से बाहर एकत्रित हो गए। उस समय किसी ने भी सामाजिक दूरी नहीं बनाई हुई थी। वहां पर मौजूद सुभाष चंद्र चोपड़ा ने बताया कि उन्हें न ही तो अच्छा दूध दिया जा रहा है और न ही खाने का बढ़िया सामान दिया जा रहा है। यहीं नहीं उन्हें जो दूध दिया गया है उसमें भी गाड़ी में सवार युवक दो रुपये अधिक ले रहे हैं। जबकि उनके छोटे बच्चे हैं और वे यह दूध नहीं पीते। वह अपने किसी निजी से दूध लेते हैं, वह सैनिटाइज तरीके से दूध देने को तैयार हैं, लेकिन प्रशासन के लोग उन्हें अंदर तक आने नहीं दे रहे हैं। कॉलोनी वासी सुभाष, लाधू सिंह ठाकुर, कृष्ण लाल, फूलाराम और अन्य लोगों ने बताया कि अधिकतर लोग बाहर से ही आटा पिसाई करवाते हैं, कॉलोनी सील होने से पहले ही चक्की पर उनका आटा है, जिसकी सूचना उन्होंने प्रशासन और कंट्रोल रूम को कर दी थी। जिस पर उस समय प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया था कि एक दो दिन में आटा पहुंचा दिया जाएगा, लेकिन अभी तक न ही तो उनके पास आटा पहुंचा और न ही बाहर से उनका रखवाया हुआ आटा भी लाने नहीं दिया जा रहा है। वहीं एसएचओ सिटी सुखबीर सिंह का कहना है कि प्रशासन द्वारा लोगों को सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही है, लोगों को समझाकर घरों में वापस भेज दिया गया है।
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लोग बाहर आने का ढूंढ रहे हैं बहाना
कॉलोनी के बाहर ड्यूटी दे रहे पुलिस कर्मचारियों ने बताया कि कॉलोनी के लोग बाहर आने का बहाना ढूंढ रहे हैं। जब प्रशासन की गाड़ी दूध लेकर पहुंचती है तो लोग कहते हैं कि उन्हें नीले रंग की थैली का दूध चाहिए, अगर नीले रंग की है तो कहेंगे पीले रंग की थैली का दूध पीएंगे। वहीं कॉलोनी के लोग कभी ब्रेड तो कभी बिस्कुट लेकर आने का बहाना बनाते हैं, लेकिन कंटेनमेंट जोन होने के कारण उन्हें बाहर नहीं आने दिया जा रहा है।
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