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Sirsa News: हर माह लग रहा एक लाख रुपये जुर्माना, फिर भी नहीं चेत रहे अधिकारी
Mon, 08 Apr 2024 11:46 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Mon, 08 Apr 2024 11:46 PM IST
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बकरियांवाली प्लांट में निरीक्षण करतीं प्रदूषण बोर्ड की वैज्ञानिक डॉ. रूचि उराना आैर नगर परिषद
सिरसा। कई साल पुराने पड़े कचरे का निस्तारण न होने का खामियाजा नगर परिषद प्रशासन लंबे समय से भुगत रहा है। इसके लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (पीसीबी) की ओर से बकरियांवाली प्लांट पर प्रतिमाह एक लाख रुपये के हिसाब से जुर्माना लगाया जा रहा है। उसके बाद भी अधिकारी समस्या नहीं सुलझा रहे हैं। इस कारण जहां एक ओर आमजन अपनी मेहनत की कमाई से टैक्स भर रहा है वहीं, नगर परिषद के अधिकारियों की लापरवाही से यह पैसा दूसरे विभाग के खजाने में जमा करना पड़ रहा है। पीसीबी के अधिकारियों के मुताबिक पुराने कचरे का निपटान होने तक जुर्माना लगना जारी रहेगा। इस कारण 45 लाख रुपये से अधिक का जुर्माना लग चुका है। इसमें दो से तीन माह का जुर्माना शामिल नहीं किया गया है।
पीसीबी की टीम ने 10 जनवरी 2024 को बकरियांवाली प्लांट का निरीक्षण किया था। इस दौरान नगर परिषद के एमई अनिल मोहिल और पूजा कंसल्टेंट कंपनी के कर्मचारी भी मौजूद थे। पूरे प्लांट का निरीक्षण करने के बाद पीसीबी की वैज्ञानिक डॉ. रुचि उराना ने अपनी रिपोर्ट तैयार कर पीसीबी को भेजी थी। इसमें बताया गया था कि नगर परिषद नियमित रूप से आने वाले कूड़े का उठान और निस्तारण कर रहा है लेकिन कई साल से पड़े पुराने कचरे का निपटान नहीं किया गया है। इसी कचरे को हटाने के लिए गांव के लोग प्रशासनिक अधिकारियों को लगातार शिकायत कर रहे हैं।
इन बिंदुओं पर हुई थी जांच
प्लांट की चहारदीवारी नहीं थी।
प्लांट में कितनी मशीनरी काम कर रही है।
पूरी तरह से प्लांट नियमानुसार कब तक शुरू होगा।
प्लांट का कचरा किस प्रकार निस्तारित किया जा रहा है।
हवा में मिट्टी आदि को रोकने के लिए क्या व्यवस्था की गई है।
पर्यावरण संरक्षण के लिए किन-किन चीजों पर ध्यान दिया गया है।
पुराने कचरे के निपटान के लिए क्या व्यवस्था और नीति बनाई गई है।
प्लांट में कितने कर्मचारी काम करते हैं। उनके स्वास्थ्य और मास्क आदि के लिए क्या व्यवस्था है।
उस समय यह थी स्थिति
कचरे के बड़े ढेर बने थे।
प्लांट की चहारदीवारी टूटी थी।
प्लांट में दो मशीनें काम कर रहीं थीं।
प्लांट की एक ओर से कई साल पुराने कचरे के ढेर लगे थे।
हवा में फैलने वाली बदबू को रोकने के लिए कोई प्रबंध नहीं किया गया था।
ये टीमें कर चुकी हैं जांच
बकरियांवाली प्लांट में दिसंबर 2023 को दिल्ली से आई विशेष टीम ने किसानों के खेतों के मिट्टी के सैंपल भरे थे। इसे लेकर टीम दिल्ली चली गई थी और सैंपल की जांच रिपोर्ट सीधे सरकार को सौंपे थी। दिसंबर में ही कृषि विज्ञान केंद्र की टीम ने कचरा प्लांट और आसपास की किसानों की भूमि के सैंपल लिए थे। इनकी रिपोर्ट विभाग के अधिकारियों ने उच्चाधिकारियों को सौंप दी है।
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पीसीबी के वैज्ञानिकों की ओर से बकरियांवाली प्लांट का निरीक्षण किया गया था। निरीक्षण के दौरान कई कमियां मिली थी। सबसे बड़ी कमी तो पुराने कचरे का निस्तारण नहीं किया गया है। इसी कारण लंबे समय से विभाग को एक लाख रुपये प्रतिमाह का जुर्माना लग रहा है। सिरसा के साथ साथ फतेहाबाद के भी ऐसे ही हालात हैं।
- विनोद बालयान, एसडीओ, पीसीबी, सिरसा।
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पीसीबी की टीम ने 10 जनवरी 2024 को बकरियांवाली प्लांट का निरीक्षण किया था। इस दौरान नगर परिषद के एमई अनिल मोहिल और पूजा कंसल्टेंट कंपनी के कर्मचारी भी मौजूद थे। पूरे प्लांट का निरीक्षण करने के बाद पीसीबी की वैज्ञानिक डॉ. रुचि उराना ने अपनी रिपोर्ट तैयार कर पीसीबी को भेजी थी। इसमें बताया गया था कि नगर परिषद नियमित रूप से आने वाले कूड़े का उठान और निस्तारण कर रहा है लेकिन कई साल से पड़े पुराने कचरे का निपटान नहीं किया गया है। इसी कचरे को हटाने के लिए गांव के लोग प्रशासनिक अधिकारियों को लगातार शिकायत कर रहे हैं।
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इन बिंदुओं पर हुई थी जांच
प्लांट की चहारदीवारी नहीं थी।
प्लांट में कितनी मशीनरी काम कर रही है।
पूरी तरह से प्लांट नियमानुसार कब तक शुरू होगा।
प्लांट का कचरा किस प्रकार निस्तारित किया जा रहा है।
हवा में मिट्टी आदि को रोकने के लिए क्या व्यवस्था की गई है।
पर्यावरण संरक्षण के लिए किन-किन चीजों पर ध्यान दिया गया है।
पुराने कचरे के निपटान के लिए क्या व्यवस्था और नीति बनाई गई है।
प्लांट में कितने कर्मचारी काम करते हैं। उनके स्वास्थ्य और मास्क आदि के लिए क्या व्यवस्था है।
उस समय यह थी स्थिति
कचरे के बड़े ढेर बने थे।
प्लांट की चहारदीवारी टूटी थी।
प्लांट में दो मशीनें काम कर रहीं थीं।
प्लांट की एक ओर से कई साल पुराने कचरे के ढेर लगे थे।
हवा में फैलने वाली बदबू को रोकने के लिए कोई प्रबंध नहीं किया गया था।
ये टीमें कर चुकी हैं जांच
बकरियांवाली प्लांट में दिसंबर 2023 को दिल्ली से आई विशेष टीम ने किसानों के खेतों के मिट्टी के सैंपल भरे थे। इसे लेकर टीम दिल्ली चली गई थी और सैंपल की जांच रिपोर्ट सीधे सरकार को सौंपे थी। दिसंबर में ही कृषि विज्ञान केंद्र की टीम ने कचरा प्लांट और आसपास की किसानों की भूमि के सैंपल लिए थे। इनकी रिपोर्ट विभाग के अधिकारियों ने उच्चाधिकारियों को सौंप दी है।
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पीसीबी के वैज्ञानिकों की ओर से बकरियांवाली प्लांट का निरीक्षण किया गया था। निरीक्षण के दौरान कई कमियां मिली थी। सबसे बड़ी कमी तो पुराने कचरे का निस्तारण नहीं किया गया है। इसी कारण लंबे समय से विभाग को एक लाख रुपये प्रतिमाह का जुर्माना लग रहा है। सिरसा के साथ साथ फतेहाबाद के भी ऐसे ही हालात हैं।
- विनोद बालयान, एसडीओ, पीसीबी, सिरसा।