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छात्र हो रहे है फीस भरने को लेकर परेशान, पूरा दिन होता है खराब आरटीजीएस के माध्यम से फीस भरने पर
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फीस भरने के लिए लगी छात्रों की भीड़।
- फोटो : Sirsa
नेशनल कॉलेज और राजकीय कन्या महाविद्यालय में दाखिलों के लिए फीस भरने और आरटीजीएस फॉर्म को हासिल करने में काफी परेशानी हो रही है। स्नातक व स्नातकोत्तर में प्रमोट हुए छात्र की फीस भरने को लेकर बुधवार को कॉलेजों में लंबी लाइनें देखने को मिली। छात्र स्वयं की पंजीकरण आईडी से पे नाऊ के विकल्प पर न भर कर कॉलेज द्वारा आरटीजीएस फॉर्म व पीओएस मशीन के माध्यम से अपनी फीस का भुगतान कर रहे हैं।
छात्र दीपक, रजेश, गुरप्रीत व सुमित ने बताया कि कॉलेज की फीस भरने में पूरा दिन निकल जाता है। पहले कॉलेज की लाइन में लगकर आरटीजीएस फॉर्म निकलवाना पड़ता है। वहीं बैंक में लाइन में लगकर आरटीजीएस फार्म से फीस जमा करवाने के बाद आरटीजीएस फार्म की एक कॉपी दोबारा कॉलेज डेस्क पर जमा करवानी पड़ती है। इस प्रक्रिया में पूरा दिन निकल जाता है। छात्रों ने बताया कि पीओएस के माध्यम से भी फीस ली जा रही है, लेकिन डेस्क एक होने के कारण इसमें लाइन बहुत लंबी लग जाती है। जिससे परेशान छात्र आरटीजीएस फॉर्म लेकर फीस का भुगतान कर रहे हैं। पीओएस प्रक्रिया ऑफ लाइन होने को कारण बच्चों का फीस डाटा अपडेट होने में समय लगता है। लेकिन यह प्रक्रिया कुछ मिनट में ही पूर्ण हो जाती है। नेशनल कॉलेज में फीस जमा करवाने आ रहे छात्रों की सख्यां अधिक है लेकिन पीओएस मशीन का एक डेस्क होने के कारण बच्चे मजबूरन आरटीजीएस फॉर्म के माध्यम से फीस जमा करवा रहे है। डायरेक्टर आफ हायर एजुकेशन ने बच्चों की फीस का भुगतान के लिए बच्चों की पंजीकरण आईडी में पे नाऊ का विकल्प रखा है। लेकिन छात्र उसे अधिक महत्तव न देकर कॉलेज में चल रहे आरटीजीएस फॉर्म व पीओएस के माध्यम से फीस का भुगतान कर रहे है। जिसके कारण कॉलेजों में लंबी लंबी लाइन लग रही है।
छात्रों द्वारा अपनी लॉग इन आईडी पर पे नाऊ के विकल्प से फीस का भुगतान नहीं कर रहे हैं। कॉलेज में आरटीजीएस व पीओएस के माध्यम से फीस का भुगतान किया जा रहा है जिस प्रक्रिया में थोड़ा समय लगता है। पीओएस मशीन एक होने के कारण छात्रों की फीस का भुगतान दो बजे तक हो सकता है। शेष आरटीजीएस फॉर्म के माध्यम से फीस का भुगतान कर रहे हैं।
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विवेक गोयल,आल लाइन इंचार्ज, नेशनल कॉलेज।
11 जुलाई को फिजिकल काउंसिलिंग
नेशनल कॉलेज में स्नातक की दूसरी सूची जारी न होने पर छात्र सूची का इंतजार कर रहे हैं। ओवर ऑल एडमिशन इंचार्ज महेंद्र प्रदीप ने बताया कि 11 जुलाई को सुबह दस बजे छात्र फिजिकल काउंसिलिंग के लिए कॉलेज परिसर में पहुंचे। फिजिकल काउंसिलिंग द्वारा छात्रों का चयन किया जा सके। यह प्रक्रिया पूरी तरह से डायरेक्टर ऑफ हायर एजुकेशन के अंतर्गत होगी। फिजिकल अपीयरेंस के अनुसार ही मेरिट लिस्ट बनेगी। जिससे स्नातक की शेष करीब 1000 सीटों पर छात्र दाखिला ले सकेंगें। नेशनल कॉलेज एडमिशन इंचार्ज विवेक गोयल ने बताया कि इस फिजिकल कांउसिलिंग में वही छात्र आ सकते हैं जिन्होंने पहले पंजीकरण करवाकर फॉर्म वेरिफाइड करवा रखा है। छात्र की पहले हाजिरी ली जाएगी। जिसके बाद उनकी कट ऑफ बनकर नोटिस बोर्ड पर लगाई जाएगी। जिसके बाद ही छात्र एडमिशन ले सकेंगें। वहीं राजकीय कन्या महाविद्यालय में बी कॉम के लिए 11 जुलाई को ही फिजिकल कचंउसिलिंग की जाएगी।
बीए के शार्ट टाइम रिजल्ट से एम ए में पंजीकृत छात्र हुए प्रभावित
चौधरी देवीलाल यूनिवर्सिटी ने बीए फाइनल का रिजल्ट एमए के पंजीकरण व वेरिफिकेशन से एक दिन पहले दिया था। जिसके चलते स्नाकोतर में पंजीकरण करवा चुकें छात्र अपना वेेरिफिकेशन नहीं करवा सके। वेरिफिकेशन पोर्टल नौ जुलाई को बंद होने के बाद भी नेशनल कॉलेज में स्नाकोतर कक्षाओं के लिए वेरिफिकेशन करवाने के लिए दस जुलाई को छात्र पहुंचे। छात्र मंजू, दीपक व चंद्रकांता ने बताया कि स्नातक का रिजल्ट स्नातकोत्तर की वेरिफिकेशन तारीख के कुछ घंटे पहले ही आया था। गांव से यातायात का साधन न होने के कारण स्नातकोत्तर के लिए वेरिफिकेशन नहीं करवा पाई। जब कॉलेज प्रशासन से बात की तो उन्होंने बताया की इसमें हम कुछ नहीं कर सकते। वेरिफिकेशन की अंतिम तारीख नौ जुलाई थी।
बीए फाइनल का रिजल्ट देर से आने पर छात्र एमए में वेरिफिकेशन से वंचित रह गए। हमने डायरेक्टर ऑफ हायर एजुकेशन को ईमेल की है कि स्नातकोत्तर के पंजीकरण करने के लिए पोर्टल दोबारा खोले जाए। साथ ही वेरिफिकेशन की तारीख दोबारा दी जाए।
महेंद्र प्रदीप, एडमिशन ओवर ऑल इंचार्ज, नेशनल कॉलेज, सिरसा
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छात्र दीपक, रजेश, गुरप्रीत व सुमित ने बताया कि कॉलेज की फीस भरने में पूरा दिन निकल जाता है। पहले कॉलेज की लाइन में लगकर आरटीजीएस फॉर्म निकलवाना पड़ता है। वहीं बैंक में लाइन में लगकर आरटीजीएस फार्म से फीस जमा करवाने के बाद आरटीजीएस फार्म की एक कॉपी दोबारा कॉलेज डेस्क पर जमा करवानी पड़ती है। इस प्रक्रिया में पूरा दिन निकल जाता है। छात्रों ने बताया कि पीओएस के माध्यम से भी फीस ली जा रही है, लेकिन डेस्क एक होने के कारण इसमें लाइन बहुत लंबी लग जाती है। जिससे परेशान छात्र आरटीजीएस फॉर्म लेकर फीस का भुगतान कर रहे हैं। पीओएस प्रक्रिया ऑफ लाइन होने को कारण बच्चों का फीस डाटा अपडेट होने में समय लगता है। लेकिन यह प्रक्रिया कुछ मिनट में ही पूर्ण हो जाती है। नेशनल कॉलेज में फीस जमा करवाने आ रहे छात्रों की सख्यां अधिक है लेकिन पीओएस मशीन का एक डेस्क होने के कारण बच्चे मजबूरन आरटीजीएस फॉर्म के माध्यम से फीस जमा करवा रहे है। डायरेक्टर आफ हायर एजुकेशन ने बच्चों की फीस का भुगतान के लिए बच्चों की पंजीकरण आईडी में पे नाऊ का विकल्प रखा है। लेकिन छात्र उसे अधिक महत्तव न देकर कॉलेज में चल रहे आरटीजीएस फॉर्म व पीओएस के माध्यम से फीस का भुगतान कर रहे है। जिसके कारण कॉलेजों में लंबी लंबी लाइन लग रही है।
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छात्रों द्वारा अपनी लॉग इन आईडी पर पे नाऊ के विकल्प से फीस का भुगतान नहीं कर रहे हैं। कॉलेज में आरटीजीएस व पीओएस के माध्यम से फीस का भुगतान किया जा रहा है जिस प्रक्रिया में थोड़ा समय लगता है। पीओएस मशीन एक होने के कारण छात्रों की फीस का भुगतान दो बजे तक हो सकता है। शेष आरटीजीएस फॉर्म के माध्यम से फीस का भुगतान कर रहे हैं।
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विवेक गोयल,आल लाइन इंचार्ज, नेशनल कॉलेज।
11 जुलाई को फिजिकल काउंसिलिंग
नेशनल कॉलेज में स्नातक की दूसरी सूची जारी न होने पर छात्र सूची का इंतजार कर रहे हैं। ओवर ऑल एडमिशन इंचार्ज महेंद्र प्रदीप ने बताया कि 11 जुलाई को सुबह दस बजे छात्र फिजिकल काउंसिलिंग के लिए कॉलेज परिसर में पहुंचे। फिजिकल काउंसिलिंग द्वारा छात्रों का चयन किया जा सके। यह प्रक्रिया पूरी तरह से डायरेक्टर ऑफ हायर एजुकेशन के अंतर्गत होगी। फिजिकल अपीयरेंस के अनुसार ही मेरिट लिस्ट बनेगी। जिससे स्नातक की शेष करीब 1000 सीटों पर छात्र दाखिला ले सकेंगें। नेशनल कॉलेज एडमिशन इंचार्ज विवेक गोयल ने बताया कि इस फिजिकल कांउसिलिंग में वही छात्र आ सकते हैं जिन्होंने पहले पंजीकरण करवाकर फॉर्म वेरिफाइड करवा रखा है। छात्र की पहले हाजिरी ली जाएगी। जिसके बाद उनकी कट ऑफ बनकर नोटिस बोर्ड पर लगाई जाएगी। जिसके बाद ही छात्र एडमिशन ले सकेंगें। वहीं राजकीय कन्या महाविद्यालय में बी कॉम के लिए 11 जुलाई को ही फिजिकल कचंउसिलिंग की जाएगी।
बीए के शार्ट टाइम रिजल्ट से एम ए में पंजीकृत छात्र हुए प्रभावित
चौधरी देवीलाल यूनिवर्सिटी ने बीए फाइनल का रिजल्ट एमए के पंजीकरण व वेरिफिकेशन से एक दिन पहले दिया था। जिसके चलते स्नाकोतर में पंजीकरण करवा चुकें छात्र अपना वेेरिफिकेशन नहीं करवा सके। वेरिफिकेशन पोर्टल नौ जुलाई को बंद होने के बाद भी नेशनल कॉलेज में स्नाकोतर कक्षाओं के लिए वेरिफिकेशन करवाने के लिए दस जुलाई को छात्र पहुंचे। छात्र मंजू, दीपक व चंद्रकांता ने बताया कि स्नातक का रिजल्ट स्नातकोत्तर की वेरिफिकेशन तारीख के कुछ घंटे पहले ही आया था। गांव से यातायात का साधन न होने के कारण स्नातकोत्तर के लिए वेरिफिकेशन नहीं करवा पाई। जब कॉलेज प्रशासन से बात की तो उन्होंने बताया की इसमें हम कुछ नहीं कर सकते। वेरिफिकेशन की अंतिम तारीख नौ जुलाई थी।
बीए फाइनल का रिजल्ट देर से आने पर छात्र एमए में वेरिफिकेशन से वंचित रह गए। हमने डायरेक्टर ऑफ हायर एजुकेशन को ईमेल की है कि स्नातकोत्तर के पंजीकरण करने के लिए पोर्टल दोबारा खोले जाए। साथ ही वेरिफिकेशन की तारीख दोबारा दी जाए।
महेंद्र प्रदीप, एडमिशन ओवर ऑल इंचार्ज, नेशनल कॉलेज, सिरसा