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किसानों ने रोड पर बिताई रात, दोपहर 12 बजे के बाद आमरण अनशन पर बैठे बलदेव सिंह

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 18 Jul 2021 11:57 PM IST
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Farmers spent the night on the road, Baldev Singh sat on hunger strike after 12 noon
सिरसा । डिप्टी स्पीकर की गाड़ी पर हमला करने के मामले में सोमवार दोपहर बाद पुलिस ने किसानों को रिहा नहीं किया तो 79 वर्षीय किसान नेता बलदेव सिंह सिरसा ने रविवार दोपहर 12 बजे के बाद आमरण अनशन शुरू कर दिया। किसान नेता ने कहा कि अब या तो पुलिस उनके बच्चों को रिहा कर देगी या फिर वह संसार को छोड़ देंगे। दिनभर लघु सचिवालय के सभी गेट बंद रहे और भारी पुलिस बल तैनात रहा। वहीं किसान रातभर सड़क पर डटे रहे।
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बीते शनिवार को किसानों ने बरनाला रोड स्थित दक्ष प्रजापति चौक के लघु सचिवालय के मुख्य गेट के समक्ष पक्का मोर्चा लगाया था। किसान नेताओं ने रविवार दोपहर 12 बजे तक पुलिस को अल्टीमेटम देकर किसानों को रिहा करने की चेतावनी दी थी। जिसके बाद भी पुलिस ने किसानों को रिहा नहीं किया तो किसान नेता आमरण अनशन पर बैठ गए। हालांकि दिनभर पुलिस प्रशासन की ओर से भी कोई सूचना व अधिकारी किसानों से बातचीत के लिए नहीं पहुंचा। वहीं किसान नेता बलदेव सिंह सिरसा ने कहा कि उनका आमरण अनशन तब तक जारी रहेगा जब तक किसानों को रिहा नहीं किया जाएगा। आखिरी सांस तक वह अन्न का एक दाना भी मुंह में नहीं लेंगे और किसानों के लिए लड़ाई लड़ते रहेंगे। इस दौरान उनके साथ कुछ भी होता है तो उसकी जिम्मेदारी केंद्र सरकार, राज्य सरकार और जिला प्रशासन की होगी।
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बोले, भाजपा के ही शरारती तत्वों ने की थी हिंसा
उन्होंने कहा कि इससे पूर्व भी दिल्ली, हिसार, फतेहाबाद में इसी प्रकार की घटनाएं हो चुकी हैं, जहां किसानों की आड़ लेकर भाजपा के ही कुछ शरारती तत्वों ने कार्यक्रमों में हिंसा की और आरोप किसानों पर जड़ दिए। किसानों के संघर्ष के बाद प्रशासन को दर्ज किए गए केस वापस लेने पड़े। यहां भी ऐसा ही कुछ जाल बिछाया गया। जब तक किसानों को रिहा नहीं किया जाता, उनका संघर्ष जारी रहेगा। इसके लिए उन्हें अपने प्राण भी त्यागने पड़े तो वह पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने कहा कि प्रशासन ने जबरन उसे उठाने की कोशिश की तो उसकी जिम्मेदारी प्रशासन और सरकार की होगी। उनकी लड़ाई केंद्र सरकार से है, जबकि हरियाणा सरकार बिना मतलब से बीच में टांग अड़ा रही है। इस मौके पर विकास सिंह सिसर, हरियाणा किसान मंच के प्रदेशाध्यक्ष प्रहलाद सिंह भारूखेड़ा, रवि आजाद, गुरदीप बाबा सहित आदि उपस्थित थे।
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किसानों ने रोड पर बिताई रात
पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए पांच किसानों को रिहा न किए जाने पर बीते शनिवार संयुक्त किसान मोर्चा के राकेश टिकैत, विकास सिसर, जगजीत सिंह दलेवाल, अभिमन्यू गोहड़, कुलवंत सिंह संधू व अन्य किसान नेता सिरसा में पहुंचे थे। अधिकारियों के साथ चली बैठक में सहमति नहीं बनी तो किसानों ने रोड पर ही पक्का मोर्चा लगाने का ऐलान कर दिया। किसान रातभर रोड के एक तरफ का रास्ता बंद कर धरने पर डटे रहे। किसान नेता रातभर सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते रहे।
लघु सचिवालय के सभी गेटों पर तैनात रहा भारी पुलिस बल
लघु सचिवालय के मुख्य गेट पर किसानों द्वारा पक्का मोर्चा लगाए जाने पर पुलिस प्रशासन ने यहां बैरिकेड, बड़े पत्थर और लोहे के तार लगा दिए। ताकि कोई भी किसान लघु सचिवालय में प्रवेश न कर सके। इस दौरान किसान नेता प्रहलाद सिंह भरूखेड़ा ने कहा कि किसानों ने अब बरनाला रोड पर सचिवालय के समक्ष पक्का मोर्चा लगा दिया है। किसान किसी भी हालत में पीछे नहीं हटेंगे और उनका अनिश्चितकालीन धरना और लंगर बरनाला रोड पर जारी रहेगा।

ग्रामीण किसानोे की धरना स्थल पर लगाई ड्यूटी
किसानों द्वारा नया पक्का मोर्चा लगाए जाने और किसान नेता द्वारा आमरण अनशन पर बैठने को लेकर किसान नेताओं ने अलग-अलग गांवों के किसानों की ड्यूूटी लगाई है। दिन अनुसार गांवों के किसान धरना स्थल पर पहुंचेंगे। वहीं गुरुद्वारा चिल्ला साहिब की ओर से आंदोलनकारी किसानों और पुलिस कर्मियों के लिए लंगर भी पहुंचाया जा रहा है।
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