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Sirsa News: किसानों ने लघु सचिवालय के समक्ष फूंका मुख्यमंत्री का पुतला
Mon, 27 Feb 2023 11:19 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Mon, 27 Feb 2023 11:19 PM IST
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सिरसा। लघु सचिवालय के समक्ष चल रहे किसानों का पक्का मार्चो 43वें दिन से जारी है। सोमवार को किसानों ने लघु सचिवालय के गेट के समक्ष प्रदेश सरकार पुतला फूंक रोष जताया। किसानों ने सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए कहा कि जब तक उनकी मांगों को पूरा नहीं किया जाता तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि पक्का मोर्चा पर अनशन पर बैठे किसान का अब स्वास्थ्य खराब होता जा रहा है।
सोमवार को भारतीय किसान एकता बीकेई के बैनर तले किसानों का आंदोलन जारी रहा। डिंग मंडी निवासी किसान ओमप्रकाश झुरिया का आमरण अनशन पांचवें दिन भी दिन भी जारी रहा। बीकेई मीडिया प्रभारी गुरलाल भंगू ने बताया कि आमरण-अनशन के चलते ओमप्रकाश के स्वास्थ्य में काफी गिरावट आई है, लेकिन उनका हौसला आज भी चट्टान की तरह मजबूत है। जिसका सबूत उन्होंने खुद मंच के माध्यम से दिया है। ओमप्रकाश ने धरने पर उपस्थित सभी किसानों का धन्यवाद किया और किसानों से इसी तरह के सहयोग की उम्मीद जताई। उन्होंने कहा कि भूख हड़ताल के चलते किसानों की संख्या से जो मुझे ऊर्जा मिलती है, उसी के सहारे मैं आपके अधिकारों की लड़ाई लड़ता रहूंगा और किसानों को बिना मुआवजा दिलाए घर वापस नहीं लौटूंगा। इसके लिए चाहे मुझे अपने प्राणों की बलि भी क्यों न देनी पड़े। बीकेई प्रधान लखविंद्र सिंह औलख ने किसानों का धन्यवाद करते हुए मोर्चे की मजबूती के लिए गांवों से और अधिक संख्या में किसानों से पक्के मोर्चे पर पहुंचने की अपील की।
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सोमवार को भारतीय किसान एकता बीकेई के बैनर तले किसानों का आंदोलन जारी रहा। डिंग मंडी निवासी किसान ओमप्रकाश झुरिया का आमरण अनशन पांचवें दिन भी दिन भी जारी रहा। बीकेई मीडिया प्रभारी गुरलाल भंगू ने बताया कि आमरण-अनशन के चलते ओमप्रकाश के स्वास्थ्य में काफी गिरावट आई है, लेकिन उनका हौसला आज भी चट्टान की तरह मजबूत है। जिसका सबूत उन्होंने खुद मंच के माध्यम से दिया है। ओमप्रकाश ने धरने पर उपस्थित सभी किसानों का धन्यवाद किया और किसानों से इसी तरह के सहयोग की उम्मीद जताई। उन्होंने कहा कि भूख हड़ताल के चलते किसानों की संख्या से जो मुझे ऊर्जा मिलती है, उसी के सहारे मैं आपके अधिकारों की लड़ाई लड़ता रहूंगा और किसानों को बिना मुआवजा दिलाए घर वापस नहीं लौटूंगा। इसके लिए चाहे मुझे अपने प्राणों की बलि भी क्यों न देनी पड़े। बीकेई प्रधान लखविंद्र सिंह औलख ने किसानों का धन्यवाद करते हुए मोर्चे की मजबूती के लिए गांवों से और अधिक संख्या में किसानों से पक्के मोर्चे पर पहुंचने की अपील की।
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