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शर्तों के साथ किसानों को मिल रही डीएपी, दुकानों से खाली हाथ लौट रहे किसान
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अनाज मंडी में यूरिया खाद के रखे गए कट्टे।
- फोटो : Sirsa
सिरसा। गेहूं की बिजाई शुरू होने से पहले ही जिले में डीएपी खाद की किल्लत किसानों को झेलनी पड़ रही है। किसान खाद लेने के लिए दुकान पर पहुंचते है तो दुकानदार डीएपी न होने की जानकारी देकर किसानों को वापस लौटा रहे हैं। वहीं कई दुकानदार किसानों के समक्ष कीटनाशक और अन्य दवाइयां साथ देने की भी शर्तें रख रहे हैं। अधिकारियों की माने तो जिले में अभी 3800 मीट्रिक टन डीएपी खाद का स्टॉक उपलब्ध है।
चार दिन पहले सिरसा में डीएपी खाद का रैक लगा था। इसके बाद अधिक खाद सोसायटी में सप्लाई की गई। ऐसे में जिन किसानों का सोसायटी में खाता नहीं है तो वह किसान निजी और अन्य दुकानदारों से खाद लेने के लिए पहुंच रहे है। मंडी में धान और कपास की फसल बेचकर वापस लौटने वाले किसान गेहूं और अन्य फसल की बिजाई के लिए साथ ही खाद लेने के लिए आढ़तियों से बात कर खाद दिलवाने की बात कहते हैं। लेकिन जब वह दुकान पर खाद लेने की लिए पहुंचते है तो दुकानदार उन्हें खाद न होने की जानकारी देकर वापस लौटा देते है। दो तीन दिनों तक खाद आने की जानकारी देते है। वहीं जिन दुकानदारों के पास डीएपी का स्टाक है वह दुकानदार डीएपी के साथ अन्य कीटनाशक और दवाइयां देने की शर्तें भी रख रहे हैं। इसके कारण किसानों को वापस खाली हाथ लौटना पड़ रहा है।
अधिकारियों का दावा- 3800 मीट्रिक टन खाद का स्टॉक
जिले में अब 3800 मीट्रिक टन खाद बची है, जबकि किसानों की मांग इससे काफी अधिक है। इसके कारण किसानों को खाद नहीं मिल पा रही। वहीं सोमवार को दोबारा से रैक लगने की उम्मीद है। जिसके बाद किसानों को डीएपी खाद की कमी नहीं होगी। हालांकि कुछ दिन पहले ही सिरसा के एक निजी दुकानदार की ओर से महंगे भाव पर खाद देने का मामला सामने आया था। इसके बाद अधिकारियों की ओर से दुकान को तीन दिन के लिए सील कर दिया गया था।
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इस कारण बढ़ी खाद की समस्या
धान और नरमे की आवक मंडी में शुरू हो चुकी है। किसान ट्रैक्टर-ट्रॉली में उपज लेकर मंडी में पहुंच रहा है और गेहूं व अन्य फसलों की बिजाई के लिए साथ ही खाद लेकर घर लौट रहे हैं, ताकि उन्हें बाद में खाद के लिए बार-बार चक्कर न काटने पड़े। स्टाक कम होने के कारण अब किसानों को मजबूरन अधिकारियों व कर्मचारियों को खाली हाथ वापस लौटना पड़ रहा है, जबकि अधिकारियों की ओर से पहले ही इसकी तैयारी नहीं की गई।
किसान बोले- बिजाई के लिए खेत तैयार लेकिन खाद का इंतजार
मंडी में धान बिकने के बाद ट्रैक्टर-ट्रॉली में ही खाद लेकर वापस जाना था। लेकिन यहां पर पूछताछ करने पर पता चला कि डीएपी खाद ही नहीं है। इसके कारण अब खाली हाथ वापस लौटना पड़ेगा।
-ओमप्रकाश, किसान
रबी बिजाई के लिए खेत तैयार किया है। लेकिन खाद न मिलने के कारण बिजाई का काम भी शुरू नहीं किया जा सकता। बीते वर्ष भी मुश्किलों से खाद मिल पाई थी। बार-बार दुकानों पर खाद के लिए चक्कर काटने पड़े थे।
-भजन लाल, किसान
खाद लेने के लिए दुकान पर गए तो दुकानदार ने कीटनाशक और अन्य दवाइयां साथ लेकर जाने की बात कही है। शर्तों के साथ दुकानदार खाद दे रहे हैं। जबकि वह दवाई उनके किसी काम की नहीं है।
-लाभ सिंह, किसान
कई दुकानदार खाद की कालाबाजारी कर रहे हैं। दूसरी दुुकानों पर खाद न होने के कारण वह महंगे भाव पर खाद दे रहे है। जिससे फसल पर खर्च बढ़ जाएगा। इसकी मार किसान को झेलनी पड़ेगी।
-सुरेश कुमार, किसान
जिले में 3800 मीट्रिक टन खाद पड़ी है। किसानों को प्राप्त मात्रा में खाद उपलब्ध करवाई जा रही है। अभी गेहूं की बिजाई का समय पड़ा है। इसके चलते किसान अभी से ही खाद का स्टॉक न करें। डीएपी की बजाय किसान एसएसपी का उपयोग करें। इससे सरसों की फसल को भी इसका लाभ होगा। सोमवार को नया रैक लगने की उम्मीद है। इसके बाद स्थिति सामान्य हो जाएगी।
-डॉ. बाबूलाल, कृषि उपनिदेशक, सिरसा
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चार दिन पहले सिरसा में डीएपी खाद का रैक लगा था। इसके बाद अधिक खाद सोसायटी में सप्लाई की गई। ऐसे में जिन किसानों का सोसायटी में खाता नहीं है तो वह किसान निजी और अन्य दुकानदारों से खाद लेने के लिए पहुंच रहे है। मंडी में धान और कपास की फसल बेचकर वापस लौटने वाले किसान गेहूं और अन्य फसल की बिजाई के लिए साथ ही खाद लेने के लिए आढ़तियों से बात कर खाद दिलवाने की बात कहते हैं। लेकिन जब वह दुकान पर खाद लेने की लिए पहुंचते है तो दुकानदार उन्हें खाद न होने की जानकारी देकर वापस लौटा देते है। दो तीन दिनों तक खाद आने की जानकारी देते है। वहीं जिन दुकानदारों के पास डीएपी का स्टाक है वह दुकानदार डीएपी के साथ अन्य कीटनाशक और दवाइयां देने की शर्तें भी रख रहे हैं। इसके कारण किसानों को वापस खाली हाथ लौटना पड़ रहा है।
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अधिकारियों का दावा- 3800 मीट्रिक टन खाद का स्टॉक
जिले में अब 3800 मीट्रिक टन खाद बची है, जबकि किसानों की मांग इससे काफी अधिक है। इसके कारण किसानों को खाद नहीं मिल पा रही। वहीं सोमवार को दोबारा से रैक लगने की उम्मीद है। जिसके बाद किसानों को डीएपी खाद की कमी नहीं होगी। हालांकि कुछ दिन पहले ही सिरसा के एक निजी दुकानदार की ओर से महंगे भाव पर खाद देने का मामला सामने आया था। इसके बाद अधिकारियों की ओर से दुकान को तीन दिन के लिए सील कर दिया गया था।
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इस कारण बढ़ी खाद की समस्या
धान और नरमे की आवक मंडी में शुरू हो चुकी है। किसान ट्रैक्टर-ट्रॉली में उपज लेकर मंडी में पहुंच रहा है और गेहूं व अन्य फसलों की बिजाई के लिए साथ ही खाद लेकर घर लौट रहे हैं, ताकि उन्हें बाद में खाद के लिए बार-बार चक्कर न काटने पड़े। स्टाक कम होने के कारण अब किसानों को मजबूरन अधिकारियों व कर्मचारियों को खाली हाथ वापस लौटना पड़ रहा है, जबकि अधिकारियों की ओर से पहले ही इसकी तैयारी नहीं की गई।
किसान बोले- बिजाई के लिए खेत तैयार लेकिन खाद का इंतजार
मंडी में धान बिकने के बाद ट्रैक्टर-ट्रॉली में ही खाद लेकर वापस जाना था। लेकिन यहां पर पूछताछ करने पर पता चला कि डीएपी खाद ही नहीं है। इसके कारण अब खाली हाथ वापस लौटना पड़ेगा।
-ओमप्रकाश, किसान
रबी बिजाई के लिए खेत तैयार किया है। लेकिन खाद न मिलने के कारण बिजाई का काम भी शुरू नहीं किया जा सकता। बीते वर्ष भी मुश्किलों से खाद मिल पाई थी। बार-बार दुकानों पर खाद के लिए चक्कर काटने पड़े थे।
-भजन लाल, किसान
खाद लेने के लिए दुकान पर गए तो दुकानदार ने कीटनाशक और अन्य दवाइयां साथ लेकर जाने की बात कही है। शर्तों के साथ दुकानदार खाद दे रहे हैं। जबकि वह दवाई उनके किसी काम की नहीं है।
-लाभ सिंह, किसान
कई दुकानदार खाद की कालाबाजारी कर रहे हैं। दूसरी दुुकानों पर खाद न होने के कारण वह महंगे भाव पर खाद दे रहे है। जिससे फसल पर खर्च बढ़ जाएगा। इसकी मार किसान को झेलनी पड़ेगी।
-सुरेश कुमार, किसान
जिले में 3800 मीट्रिक टन खाद पड़ी है। किसानों को प्राप्त मात्रा में खाद उपलब्ध करवाई जा रही है। अभी गेहूं की बिजाई का समय पड़ा है। इसके चलते किसान अभी से ही खाद का स्टॉक न करें। डीएपी की बजाय किसान एसएसपी का उपयोग करें। इससे सरसों की फसल को भी इसका लाभ होगा। सोमवार को नया रैक लगने की उम्मीद है। इसके बाद स्थिति सामान्य हो जाएगी।
-डॉ. बाबूलाल, कृषि उपनिदेशक, सिरसा