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महा पंचायत में पहुंचे किसानों ने सरकार को चार दिन का दिया अल्टीमेटम

Wed, 02 Mar 2016 01:36 AM IST
अमर उजाला सिरसा/ब्यूरो
अमर उजाला सिरसा/ब्यूरो Updated Wed, 02 Mar 2016 01:36 AM IST
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farmer give to altimatem 4days
 सरकार चार मार्च तक तक किसानों को मुआवजा दे, नहीं तो हम लघु सचिवालय में अनिश्चित भूख हड़ताल करेंगे। यह हुंकार मंगलवार को लघु सचिवालय में हुई महापंचायत में किसानों ने भरी। महा पंचायत में जिले भर से आए हजारों किसानों ने प्रदेश सरकार को चार दिनों का अल्टीमेटम दिया है। इस अवसर पर यह भी फैसला लिया गया कि अगर प्रशासन ने धरनारत किसानों को जबरन उठाने का या आंदोलन को कुचलने का प्रयास किया तो प्रशासन को इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।
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सुबह से ही ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में सवार होकर किसान शहर भर में नारेबाजी करते हुए लघु सचिवालय पहुंच रहे थे। महा पंचायत में शामिल होने आए किसानों की संख्या देखकर दोपहर तक प्रशासन के हाथ-पांव फूले रहे। सुरक्षा के मद्देनजर दो उपपुलिस अधीक्षक, चार इंस्पेक्टर सहित काफी संख्या में पुलिस फोर्स उपायुक्त कार्यालय के समक्ष तैनात की गई। दोपहर ढाई बजे महा पंचायत की समाप्ति के बाद प्रशासन ने राहत की सांस ली। दिनभर पुलिस प्रशासन की ओर से शहर में आने वाले प्रत्येक मार्ग पर नाके लगाकर वाहनों की जांच की जाती रही। बता दें कि दस फरवरी से अपनी मांगों को लेकर किसान हरियाणा किसान मंच के बैनर तले उपायुक्त कार्यालय समक्ष लघु सचिवालय में धरने पर बैठे हैं। मंगलवार को किसानों का धरना 22 दिन में प्रवेश कर गया।
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डीसी ने बुलाया बातचीत को बोले, बंद कमरे में बात नहीं करेंगे
प्रशासन ने दोपहर को कर्मचारियों के माध्यम से धरनारत किसानों को संदेश पहुंचाया कि उपायुक्त बातचीत के लिए कार्यालय में बुलाया है। इस बीच वरिष्ठ भाजपा नेता पवन बैनीवाल भी उपायुक्त कार्यालय पहुंचे। हरियाणा किसान मंच के प्रदेशाध्यक्ष प्रहलाद सिंह भारूखेड़ा ने बताया कि महापंचायत ने बंद कमरे में बातचीत के प्रस्ताव को ठुकरा दिया। उपायुक्त ने जो बातचीत करनी है तो जनता के बीच आकर करे।
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बंद कमरों में किसी भी सूरत में बात नहीं होगी।  किसान मुआवजे की राशि को लेकर लिखित रूप में आश्वासन की मांग पर अड़े हैं, जबकि प्रशासन व सरकार अभी भी लिखित रूप में कुछ भी देने को तैयार नहीं। दो दिन पूर्व धरनारत किसानों के समर्थन में स्वतंत्रता सेनानी 102 वर्षीय धनपतराम के आने व उनके भूख हड़ताल पर बैठने की चेतावनी के बाद प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए थे।

सरकार की नीयत ठीक नहीं लग रही
महा पंचायत को संबोधित करते हुए हरियाणा किसान मंच के प्रदेशाध्यक्ष प्रहलाद सिंह भारूखेड़ा ने कहा कि ये लड़ाई किसी एक किसान की नहीं, बल्कि जिलेभर के किसानों की है। जब तक किसानों में एकजुटता नहीं होगी, तब तक उनका हक नहीं मिलेगा। उन्होंने कहा कि सरकार व प्रशासन की नीयत ठीक नहीं लग रही, लगता है कि वो किसानों को खराब हुई फसलों का मुआवजा नहीं देना चाहती।


 महापंचायत को किसान धनपत राम, प्रकाश सिंह, रामकुमार, धर्मपाल, जगा सिंह, रामस्वरूप, आदराम, सुखदेव सिंह, ख्यालीराम, रणजीत सिंह, मनफूल, गांधीराम, सुदर्शन सिंह, रामप्रताप, प्रहलाद सिंह, राजकुमार, धन्नाराम आदि ने संबोधित किया।
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