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मेला : रेंजर साइकिल बनी विद्यार्थियों की पहली पसंद
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मेले में साइकिल को पसंद करते विद्यार्थी। संवाद
- फोटो : Sirsa
सिरसा। शिक्षा विभाग की ओर से 11वीं कक्षा के अनुसूचित जनजाति के विद्यार्थियों के लिए शहीद भगत सिंह स्टेडियम में साइकिल मेला लगाया गया। इसमें जिलेभर से विद्यार्थी अभिभावकों के साथ पहुंचे। मेले में सबसे ज्यादा बच्चों को रेंजर साइकिल ही पसंद की। इसका मूल्य चार हजार से शुरू होकर 15 हजार तक है।
साइकिल मेले में आठ संचालकों ने अपनी स्टॉल लगाई। मेले में विद्यार्थियों के अभिभावक असमंजस में नजर आए, क्योंकि किसी भी स्टॉल पर चार हजार से कम की साइकिल उपलब्ध नहीं थी। केवल एक ही स्टॉल पर 3500 रुपये की साइकिल थी, जिस किसी ने भी पसंद नहीं किया। मेले में सबसे ज्यादा बच्चों को रेंजर साइकिल ही पसंद आई। स्टॉल संचालकों ने बताया कि विद्यार्थियों के लिए मेले में 20 से 22 इंच तक की साइकिलें लगाई गई हैं। सभी विद्यार्थी रेंजर साइकिल ही पसंद कर रहे हैं। लड़के मोटे टायरों वाली साइकिलों को पहली पसंद में शामिल कर रहे हैं। इसका मूल्य 8 हजार रुपये है। वहीं, अभिभावकों का कहना है कि विभाग की ओर से गरीबों के साथ मजाक किया जा रहा है। जब विभाग 3300 रुपये ही देगा तो मेले में इतनी महंगे साइकिलें क्यों हैं।
अभिभावक बोेले- इतनी महंगी साइकिल कहां से लेकर दें, बच्चे जिद्द पर अड़े हैं
विभाग साइकिल के लिए सिर्फ 3300 रुपये देगा। ऊपर के जितने भी पैसे होंगे, वो अभिभावकों को ही भरने पड़ेंगे। मेले में विद्यार्थी रेंजर साइकिल पसंद कर रहे हैं। इसका मूल्य 4 हजार रुपये से ही शुरू होता है। दिहाड़ी करने वाले लोग है हम इतनी महंगी साइकिल कहां से लेकर दें। बच्चे जिद्द पर अड़े हैं। - रामचंद्र, अभिभावक।
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मेले में स्टोर संचालक मनमर्जी के रेट लगा रहे हैं। जब सरकार 3300 रुपये ही दे रही है तो इतनी महंगी साइकिलों को मेले में लगाने का क्या मतलब है। ये सरासर गरीबों का मजाक उड़ाया जा रहा है। जितने पैसे विभाग दे रहा है, उतने की ही साइकिल मेले में लगानी चाहिए। - जगदीश, अभिभावक।
विद्यार्थी बोले - अभिभावक कर रहे मना, एक बार बनवा ली पर्ची
मेले में साइकिल को पसंद करने के लिए आए हैं, लेकिन कोई भी साइकिल पसंद नहीं आ रही है। जो पसंद आ रही है, वो काफी महंगी है। - भावना, छात्रा।
रेंजर साइकिल पसंद आई है, जो 4 हजार रुपये की है। अभिभावक मना कर रहे हैं लेकिन एक बार साइकिल को पसंद करके पर्ची बनवा ली है। - सुनीता, छात्रा।
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साइकिल मेले में आठ संचालकों ने अपनी स्टॉल लगाई। मेले में विद्यार्थियों के अभिभावक असमंजस में नजर आए, क्योंकि किसी भी स्टॉल पर चार हजार से कम की साइकिल उपलब्ध नहीं थी। केवल एक ही स्टॉल पर 3500 रुपये की साइकिल थी, जिस किसी ने भी पसंद नहीं किया। मेले में सबसे ज्यादा बच्चों को रेंजर साइकिल ही पसंद आई। स्टॉल संचालकों ने बताया कि विद्यार्थियों के लिए मेले में 20 से 22 इंच तक की साइकिलें लगाई गई हैं। सभी विद्यार्थी रेंजर साइकिल ही पसंद कर रहे हैं। लड़के मोटे टायरों वाली साइकिलों को पहली पसंद में शामिल कर रहे हैं। इसका मूल्य 8 हजार रुपये है। वहीं, अभिभावकों का कहना है कि विभाग की ओर से गरीबों के साथ मजाक किया जा रहा है। जब विभाग 3300 रुपये ही देगा तो मेले में इतनी महंगे साइकिलें क्यों हैं।
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अभिभावक बोेले- इतनी महंगी साइकिल कहां से लेकर दें, बच्चे जिद्द पर अड़े हैं
विभाग साइकिल के लिए सिर्फ 3300 रुपये देगा। ऊपर के जितने भी पैसे होंगे, वो अभिभावकों को ही भरने पड़ेंगे। मेले में विद्यार्थी रेंजर साइकिल पसंद कर रहे हैं। इसका मूल्य 4 हजार रुपये से ही शुरू होता है। दिहाड़ी करने वाले लोग है हम इतनी महंगी साइकिल कहां से लेकर दें। बच्चे जिद्द पर अड़े हैं। - रामचंद्र, अभिभावक।
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मेले में स्टोर संचालक मनमर्जी के रेट लगा रहे हैं। जब सरकार 3300 रुपये ही दे रही है तो इतनी महंगी साइकिलों को मेले में लगाने का क्या मतलब है। ये सरासर गरीबों का मजाक उड़ाया जा रहा है। जितने पैसे विभाग दे रहा है, उतने की ही साइकिल मेले में लगानी चाहिए। - जगदीश, अभिभावक।
विद्यार्थी बोले - अभिभावक कर रहे मना, एक बार बनवा ली पर्ची
मेले में साइकिल को पसंद करने के लिए आए हैं, लेकिन कोई भी साइकिल पसंद नहीं आ रही है। जो पसंद आ रही है, वो काफी महंगी है। - भावना, छात्रा।
रेंजर साइकिल पसंद आई है, जो 4 हजार रुपये की है। अभिभावक मना कर रहे हैं लेकिन एक बार साइकिल को पसंद करके पर्ची बनवा ली है। - सुनीता, छात्रा।