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निजीकरण के विरोध में 12 सार्वजनिक बैंकों के कर्मचारी हड़ताल पर, नोटिस चस्पा देख लौटते रहे उपभोक्ता
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निजीकरण के विरोध में 12 सार्वजनिक बैंकों के कर्मचारी सोमवार को दो दिवसीय हड़ताल पर चले गए। ऐसे में उपभोक्ताओं को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। उपभोक्ता बैंक के बाहर लगा नोटिस देख उपभोक्ता लौटते रहे। हालांकि लेनदेन पर कुछ अधिक प्रभाव देखने को नहीं मिला। उपभोक्ता मशीनों, मोबाइल एप और एटीएम से लेनदेन करते रहेे। कर्मचारियों की हड़ताल को किसानों ने भी समर्थन किया और वे भी हड़ताल में शामिल हुए।
सोमवार को केंद्रीय ट्रेड यूनियनों एवं कर्मचारी संगठनों के आह्वान पर निजीकरण व ठेका प्रथा के विरोध कर्मचारियों ने दो दिवसीय हड़ताल शुरू की। कर्मचारी बरनाला रोड स्थित पंजाब नेशनल बैंक के समक्ष एकत्र हुए और दोपहर बाद प्रदर्शन करते हुए रेलवे स्टेशन पर पहुंचे। यहां कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ जमकर रोष प्रदर्शन किया। प्रदर्शन की अध्यक्षता मदन लाल खोथ, सर्व कर्मचारी संघ के वरिष्ठ उप प्रधान करणी सिंह भाटी व जिला सचिव राजेश भाकर ने की। उन्होंने कहा कि सरकार अपने फायदे व पूंजीपति घरानों को लाभ पहुंचाने के लिए धीरे-धीरे कर सभी सार्वजनिक विभागों को निजी हाथों में सौंप रही है, जिससे आमजन को खासी दिक्कतें होने वाली हैं। कर्मचारी नेताओं ने कहा कि अगर सरकार ने समय रहते ये जनविरोधी कानून वापस नहीं लिए और तानाशाही रवैया नहीं छोड़ा तो सरकार को इसके गंभीर परिणाम भुगतने पड़ेंगे। इस मौके पर नरेश कुमार, अशोक कंबोज, किसान सभा से तिलकराज विनायक, सुखदेव जम्मू, स्वर्ण सिंह, अखिल भारतीय किसान सभा से जिला प्रधान राजकुमार शेखुपुरिया, सुरजीत सिंह, रोडवेज से रामकुमार चुरनियां, पब्लिक हेल्थ से रमेश सैनी, सीटू से जिला प्रधान कृपा शंकर त्रिपाठी, बिजली निगम यूनियन से अजय पासी, मीत सिंह चावला उपस्थित थे।
रेलवे स्टेशन पर भारी पुलिस बल रहा तैनात
कर्मचारियों द्वारा रेलवे स्टेशन पर प्रदर्शन करने का निर्णय लिए जाने पर रेलवे स्टेशन पर पहले से ही भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया था। कर्मचारी प्रदर्शन करते हुए रेलवे स्टेशन पर पहुंचे और जमकर नारेबाजी की। इसके पश्चात कर्मचारियों ने गेट पर आकर प्रदर्शन समाप्त कर दिया।
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सोमवार को केंद्रीय ट्रेड यूनियनों एवं कर्मचारी संगठनों के आह्वान पर निजीकरण व ठेका प्रथा के विरोध कर्मचारियों ने दो दिवसीय हड़ताल शुरू की। कर्मचारी बरनाला रोड स्थित पंजाब नेशनल बैंक के समक्ष एकत्र हुए और दोपहर बाद प्रदर्शन करते हुए रेलवे स्टेशन पर पहुंचे। यहां कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ जमकर रोष प्रदर्शन किया। प्रदर्शन की अध्यक्षता मदन लाल खोथ, सर्व कर्मचारी संघ के वरिष्ठ उप प्रधान करणी सिंह भाटी व जिला सचिव राजेश भाकर ने की। उन्होंने कहा कि सरकार अपने फायदे व पूंजीपति घरानों को लाभ पहुंचाने के लिए धीरे-धीरे कर सभी सार्वजनिक विभागों को निजी हाथों में सौंप रही है, जिससे आमजन को खासी दिक्कतें होने वाली हैं। कर्मचारी नेताओं ने कहा कि अगर सरकार ने समय रहते ये जनविरोधी कानून वापस नहीं लिए और तानाशाही रवैया नहीं छोड़ा तो सरकार को इसके गंभीर परिणाम भुगतने पड़ेंगे। इस मौके पर नरेश कुमार, अशोक कंबोज, किसान सभा से तिलकराज विनायक, सुखदेव जम्मू, स्वर्ण सिंह, अखिल भारतीय किसान सभा से जिला प्रधान राजकुमार शेखुपुरिया, सुरजीत सिंह, रोडवेज से रामकुमार चुरनियां, पब्लिक हेल्थ से रमेश सैनी, सीटू से जिला प्रधान कृपा शंकर त्रिपाठी, बिजली निगम यूनियन से अजय पासी, मीत सिंह चावला उपस्थित थे।
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रेलवे स्टेशन पर भारी पुलिस बल रहा तैनात
कर्मचारियों द्वारा रेलवे स्टेशन पर प्रदर्शन करने का निर्णय लिए जाने पर रेलवे स्टेशन पर पहले से ही भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया था। कर्मचारी प्रदर्शन करते हुए रेलवे स्टेशन पर पहुंचे और जमकर नारेबाजी की। इसके पश्चात कर्मचारियों ने गेट पर आकर प्रदर्शन समाप्त कर दिया।
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