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Sirsa News: पढ़ाई छोड़ चुके बच्चों को स्कूल लाने की कवायद, जल्द होगा सर्वे
Wed, 20 Mar 2024 11:32 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Wed, 20 Mar 2024 11:32 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। पढ़ाई छोड़ चुके बच्चों को वापस स्कूलों में लाने के लिए शिक्षा विभाग ने योजना तैयार की है।हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद की ओर से जल्द ही सर्वे शुरू किया जाएगा। इसके लिए शिक्षा स्वयंसेवक की ड्यूटी लगाई गई है। अब तक यह कार्य शिक्षकों के माध्यम से ही किया जाता था। विभाग ने सभी शिक्षकों व वॉलंटियर्स के लक्ष्य निर्धारित किए हैं।
योजना के तहत पिछले तीन सालों में ड्राॅप आउट हुए बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ा जाएगा। विभाग ने इस बार 100 फीसदी जीरो ड्रॉप आउट रखने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। सत्र 2024-25 के सर्वे को लेकर परियोजना परिषद प्रदेश समन्वयक ने सभी जिलों में जिला परियोजना समन्वयक को लेकर पत्र भेजा है। आदेश में बताया गया है कि इस काम में पंचायती राज, महिला एवं बाल विकास विभाग, समाज कल्याण विभाग, सामाजिक संस्थाओं का सहयोग भी लिया जाएगा। परिषद ने सर्वे फॉर्मेट जारी कर दिया है।
कलस्टर पर बनाई जाएंगी टीमें
शिक्षा विभाग की ओर से कलस्टर स्तर पर टीमें बनाई जाएंगी। इसमें सभी विद्यालयों मुखिया, बीआरसी, एबीआरसी, ग्राम पंचायत के सदस्य शामिल होंगे। यह टीम हर घर पर जाकर पढ़ाई छोड़ चुके विद्यार्थियों व उनके अभिभावकों से चर्चा करेगी और बच्चों को वापस स्कूलों में लेकर आएगी। जो शिक्षक व टीम अधिक बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ेंगे उन्हें सम्मानित भी किया जाएगा। इसके साथ ही जिस स्कूल में ड्रॉप आउट होने वाले विद्यार्थियों की संख्या पांच फीसदी से ज्यादा हुई, तो उनपर विभाग की ओर से कार्रवाई भी की जाएगी।
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जिलास्तर पर डीईओ होंगे प्रभारी
प्रवेश उत्सव के दौरान जिला शिक्षा अधिकारी इसके प्रभारी होंगे। जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी सचिव के रूप में कार्य करेंगे। जिलास्तर पर डीपीसी, एपीसी व पूरा स्टाफ कार्य करेगा। ये सभी अधिकारी कम से कम एक कलस्टर या दो कलस्टर के प्रभारी होंगे, ताकि काम का सीधे अवलोकन कर सकें। शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि स्कूल से लेकर जिलास्तर तक यह सर्वे होना है। इसके लिए स्कूल से लेकर जिलास्तर तक अधिकारियों की जिम्मेदारी तय है। इसको लेकर प्रबंध पोर्टल बनाया गया है। इस पोर्टल पर इससे संबंधित डाटा अपलोड किया जाना है। स्कूल मुखिया अपनी रिपोर्ट जिला समन्वयक के पास भेजेंगे। उनके यहां से कंपाइल रिपोर्ट हेडक्वार्टर भेजी जाएगी। ब्लॉक स्तर पर देखरेख का जिम्मा बीईओ को सौंपा गया है। श्रेणी के अनुसार कचरा ढो रहे बच्चे, गली में घूमने वाले, होमलेस, माइग्रेट बच्चों को पहचान सर्वे के माध्यम से की जाएगी।
वर्जन
शिक्षा विभाग की ओर से ड्रॉप आउट बच्चों पर विशेष ध्यान दिया जाना है। जो बच्चे मुख्यधारा शिक्षा से छूट चुके है उन्हें शिक्षा से जोड़ा जाएगा। जिसके के लिए सर्वे कार्य प्रवेश उत्सव के साथ शुरू होना है। जल्द ही सर्वे शुरू हो जाएगा।-- - डॉ. कपिल देव, जिला कोऑर्डिनेटर एफएलएन सिरसा।
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सिरसा। पढ़ाई छोड़ चुके बच्चों को वापस स्कूलों में लाने के लिए शिक्षा विभाग ने योजना तैयार की है।हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद की ओर से जल्द ही सर्वे शुरू किया जाएगा। इसके लिए शिक्षा स्वयंसेवक की ड्यूटी लगाई गई है। अब तक यह कार्य शिक्षकों के माध्यम से ही किया जाता था। विभाग ने सभी शिक्षकों व वॉलंटियर्स के लक्ष्य निर्धारित किए हैं।
योजना के तहत पिछले तीन सालों में ड्राॅप आउट हुए बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ा जाएगा। विभाग ने इस बार 100 फीसदी जीरो ड्रॉप आउट रखने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। सत्र 2024-25 के सर्वे को लेकर परियोजना परिषद प्रदेश समन्वयक ने सभी जिलों में जिला परियोजना समन्वयक को लेकर पत्र भेजा है। आदेश में बताया गया है कि इस काम में पंचायती राज, महिला एवं बाल विकास विभाग, समाज कल्याण विभाग, सामाजिक संस्थाओं का सहयोग भी लिया जाएगा। परिषद ने सर्वे फॉर्मेट जारी कर दिया है।
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कलस्टर पर बनाई जाएंगी टीमें
शिक्षा विभाग की ओर से कलस्टर स्तर पर टीमें बनाई जाएंगी। इसमें सभी विद्यालयों मुखिया, बीआरसी, एबीआरसी, ग्राम पंचायत के सदस्य शामिल होंगे। यह टीम हर घर पर जाकर पढ़ाई छोड़ चुके विद्यार्थियों व उनके अभिभावकों से चर्चा करेगी और बच्चों को वापस स्कूलों में लेकर आएगी। जो शिक्षक व टीम अधिक बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ेंगे उन्हें सम्मानित भी किया जाएगा। इसके साथ ही जिस स्कूल में ड्रॉप आउट होने वाले विद्यार्थियों की संख्या पांच फीसदी से ज्यादा हुई, तो उनपर विभाग की ओर से कार्रवाई भी की जाएगी।
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जिलास्तर पर डीईओ होंगे प्रभारी
प्रवेश उत्सव के दौरान जिला शिक्षा अधिकारी इसके प्रभारी होंगे। जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी सचिव के रूप में कार्य करेंगे। जिलास्तर पर डीपीसी, एपीसी व पूरा स्टाफ कार्य करेगा। ये सभी अधिकारी कम से कम एक कलस्टर या दो कलस्टर के प्रभारी होंगे, ताकि काम का सीधे अवलोकन कर सकें। शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि स्कूल से लेकर जिलास्तर तक यह सर्वे होना है। इसके लिए स्कूल से लेकर जिलास्तर तक अधिकारियों की जिम्मेदारी तय है। इसको लेकर प्रबंध पोर्टल बनाया गया है। इस पोर्टल पर इससे संबंधित डाटा अपलोड किया जाना है। स्कूल मुखिया अपनी रिपोर्ट जिला समन्वयक के पास भेजेंगे। उनके यहां से कंपाइल रिपोर्ट हेडक्वार्टर भेजी जाएगी। ब्लॉक स्तर पर देखरेख का जिम्मा बीईओ को सौंपा गया है। श्रेणी के अनुसार कचरा ढो रहे बच्चे, गली में घूमने वाले, होमलेस, माइग्रेट बच्चों को पहचान सर्वे के माध्यम से की जाएगी।
वर्जन
शिक्षा विभाग की ओर से ड्रॉप आउट बच्चों पर विशेष ध्यान दिया जाना है। जो बच्चे मुख्यधारा शिक्षा से छूट चुके है उन्हें शिक्षा से जोड़ा जाएगा। जिसके के लिए सर्वे कार्य प्रवेश उत्सव के साथ शुरू होना है। जल्द ही सर्वे शुरू हो जाएगा।