बेरोजगारी के चलते अपनाया था शॉर्टकट
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फर्जी डॉक्टर बनकर लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वाले दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया है। बता दें कि स्वास्थ्य विभाग की टीम की छापेमारी में पुलिस के हत्थे एक युवक और एक युवती चढ़े थे। जिन्हें मंगलवार को अदालत ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। दोनों पर धोखाधड़ी करने व इंडियन मेडिकल काउंसिल एक्ट के तहत सोमवार की देर शाम मामला दर्ज किया गया था। पुलिस द्वारा पकड़े गए युवक परविंद्र सिंह निवासी फूस मंडी सरदूलगढ़ से सख्ती से पूछताछ की तो उसने सोमवार को दिए गए बयानों से पलट गए। उन्होंने कहा कि उसका कालांवाली के गुरु प्रेम सुख अस्पताल से कोई संबंध नहीं है। पुलिस ने उक्त युवक को साथ लेकर उक्त अस्पताल के संचालक से पूछताछ की जहां संचालक कमेटी ने उसे पहचानने से भी इंकार करते हुए कहा कि उक्त युवक को वे जानते तक नहीं। बता दें कि खुद को बीएएमएस बताने वाले युवक परविंद्र सिंह ने पकड़े जाने पर कहा था कि वह गुरू प्रेम सुख अस्पताल में काम करता है तथा स्टाफ नर्स बताने वाली युवती मनप्रीत कौर ने भी यही बात दोहराते हुए कहा था कि वह भी वहीं वेतन पर काम करती है।
यह हैै मामला उक्त मामले में पूरी कहानी ये निकली है कि स्वयं को बीएएमएस बताने वाला युवक बारहवीं पास और बेरोजगार है। जबकि युवती मनप्रीत कौर निवासी सिंघपुरा ने एसबीएस कॉलेज कालांवाली से जीएनएम का कोर्स कर रखा है और वह भी बेरोजगार थी। दोनों की अचानक मुलाकात हुई जहां परविंद्र ने कहा कि उसके पास चुंबकीय टेस्ट करने वाली मशीन है जो उसने दिल्ली से 8500 रुपये में खरीदी थी। परविंद्र ने मनप्रीत कौर को मेडिसन देने का काम देने का काम सौंपा था तथा स्वयं मशीन द्वारा टेस्ट करता था। मरीजों को आकर्षित करने के लिए उन्होंने गुरु प्रेम सुख अस्पताल की और से कैंप का हवाला देकर बैनर पर हर बीमारी का इलाज थेरेपी विधि द्वारा करने व 4000 रुपये वाला टेस्ट 400 रुपये में करने का दावा किया हुआ था तथा बैनर पर उन्होंने डॉ. बलजीत कौर, डॉ. कर्मजीत सिंह, नायब सिंह, डॉ. कृपाल सिंह व डॉ. मनप्रीत कौर का नाम लिखा हुआ था ताकि मरीज जल्दी झांसे में आ जाए। इस पूरे मामले में पेच ये है कि जब उक्त चिकित्सकों से परविंद्र व मनप्रीत कौर का कोई संबंध ही नहीं था तो उन्होंने छपवाए गए बैनरों पर उनका व गुरू प्रेम सुख अस्पताल का नाम कैसे लिखवा रखा था। दूसरा बड़ा सवाल ये है कि कल तो उक्त दोनों लोगों ने प्रेम सुख अस्पताल व लाली सिंगला सहित तीन अन्य लोगों के नाम अपने बयानों में लिखवाए थे वो बयान एक ही रात कैसे बदल गए। उक्त युवक ने बताया है कि ये कैंप मनप्रीत कौर व स्वयं उसने ही लगाया था जिससे होने वाली इनकम को आपस में बांटने की बात तय हुई थी। उसने माना है कि बीते दिन उसने मनप्रीत कौर के कहने पर झूठी कहानी रचकर विभाग व पुलिस को गुमराह करना चाहा था। पुलिस उक्त दोनों लोगों द्वारा बीते दिन बताए गए नामों के आधार पर नौरंग निवासी डॉ. कर्मजीत सिंह व कालांवाली के लाली सिंगला के वहां पहुंची जहां डॉ. कर्मजीत नहीं मिला जबकि लाली सिंगला ने पुलिस के समक्ष उसे पहचानने से भी इंकार कर दिया। फिर भी पुलिस ने उसे पूछताछ हेतु थाने में बुलाया है। इसके अलावा डा. बलजीत कौर डबवाली से भी पुलिस संपर्क कर रही है।
जांच जारी है बीते दिन पांच लोगों पर केस दर्ज किया गया था, जांच में अभी तक उक्त दोनों के नाम ही हैं फिर भी हम मामले की जांच कर रहे हैं तथा जिन लोगों के नाम उक्त लोगों ने बताए थे उन्हें पूछताछ हेतु थाने में तलब किया गया है। तथा परविंद्र सिंह को अदालत ने न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। इंद्रजीत सिंह, उप-निरीक्षक थाना ओढां
फोटो : युवक को कोर्ट में पेश करने ले जाती पुलिस