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Sirsa News: सूखते हलक...आधे गांवों में एक दिन छोड़ पानी की सप्लाई, 114 में भूमिगत पानी बुझा रहा प्यास
Wed, 20 May 2026 11:03 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Wed, 20 May 2026 11:03 PM IST
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भूना में जलसंकट के बाद टैंकर आने पर पानी भरते लोग।
फतेहाबाद/भूना/रतिया/जाखल। गर्मी के तेवर तीखे होने के साथ ही जिले में पानी की मांग तेजी से बढ़ रही है। धरातल पर स्वच्छ पानी उपलब्ध कराने के सरकार के दावे पूरी तरह फेल साबित हो रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में हालात इतने बदतर हैं कि एक से दो दिन छोड़कर पानी की सप्लाई दी जा रही है। ऐसे में ग्रामीण 600 से 800 रुपये खर्च कर टैंकर मंगवाने को मजबूर हैं।
जिले के जलघरों में पानी का मुख्य स्रोत नहरें हैं लेकिन ढांचागत कमियों के कारण संकट गहरा गया है। फतेहाबाद शहर के सेक्टर-3 में मात्र 5 फीसदी नहरी पानी मिल पा रहा है जबकि शेष आबादी भूमिगत पानी पर निर्भर है। अशोक नगर में दो साल पहले शुरू हुआ नहरी पानी सप्लाई प्रोजेक्ट आज भी कनेक्शन न होने के कारण अधूरा लटका है जिससे लोग ट्यूबवेल का पानी पीने को मजबूर हैं। रतिया और भूना शहरों की स्थिति भी कमोबेश ऐसी ही है। जाखल शहर में तो जनस्वास्थ्य विभाग के नहरी पानी प्रोजेक्ट को धरातल पर उतारने के लिए जमीन तक उपलब्ध नहीं हो पा रही है।
हैरानी की बात यह है कि प्रशासन जिले के 259 गांवों में से सिर्फ 145 गांवों तक ही नहरी पानी पहुंचा पा रहा है जबकि 114 गांवों की बड़ी आबादी आज भी ट्यूबवेल के पानी पर निर्भर है। यहां तक कि नहरों की नगरी कहे जाने वाले टोहाना के साथ लगते कुलां क्षेत्र में भी नहरी पानी की सप्लाई ठप पड़ी है।
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145 गांवों में हो रहा नहरी पानी सप्लाई
जनस्वास्थ्य विभाग से मिली रिपोर्ट के मुताबिक 145 गांवों में नहरी पानी दिया जा रहा है। इसमें फतेहाबाद डिविजन एक के 36, दो में 29, भट्टू क्षेत्र के 36 और रतिया के 35 व टोहाना के 45 गांवों में नहरी पानी सप्लाई हो रहा है। इसके अलावा अन्य गांव के लोग भूमिगत पानी पी रहे है।
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भूना में नहरबंदी से तीन दिन बाद हो रही पानी की सप्लाई
भूना शहर के हिसार रोड क्षेत्र में पेयजल संकट गहरा है। पिछले तीन दिनों से जलघर से पानी की सप्लाई बाधित रही जिससे लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। तापमान बढ़ने के कारण पानी की कमी ने आम जन की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। गणेश कॉलोनी और मॉडल टाउन में हालात सबसे गंभीर हैं। कई परिवारों को टैंकर मंगवाना पड़ रहा है। विशेषकर महिलाओं और बच्चों को सबसे अधिक परेशानी हो रही है। पानी संकट बढ़ने पर लोगों ने जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग से शिकायत की। इसके बाद पार्षद राहुल दहिया और विभाग ने टैंकर के माध्यम से कुछ क्षेत्रों में पानी पहुंचाया, लेकिन सभी प्रभावित कॉलोनियों तक पर्याप्त राहत नहीं पहुँच सकी। स्थानीय निवासी शिकायत कर रहे हैं कि गर्मी के मौसम में नियमित पानी की आपूर्ति बेहद जरूरी है।
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सप्लाई में बूंद-बूंद आता है पानी, मंगवा रहे टैंकर
बीघड़ से ढांड रोड निवासी कुलदीप का कहना है कि पाइप लाइन में पानी की सप्लाई कम होती है और बूंद-बूंद पानी आता है। जब पानी पहुंचता है तो सप्लाई बंद हो जाती है। मजबूरन उन्हें दो दिन छोड़कर 600 से 700 रुपये में टैंकर मंगवाना पड़ रहा है। गांव खैराती खेड़ा निवासी सुभाष का कहना है कि गांव में पानी की सप्लाई का शेड्यूल नहीं है। इस वजह से कई दिनों से किल्लत का सामना करना पड़ रहा है।
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सेक्टर तीन के लिए प्रोजेक्ट ही तैयार नहीं
शहर फतेहाबाद के सेक्टर तीन में ट्यूबवेल के पानी की सप्लाई हो रही है और पांच फीसदी ही नहरी पानी मिक्स करके दिया जा रहा है। एसडीओ प्रवीन का कहना है कि अभी सेक्टर पूरा विकसित नहीं हो पाया है। जल्द ही इसको लेकर प्रोजेक्ट तैयार होगा।
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जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के कनिष्ठ अभियंता विकास कुमार ने बताया कि भूना में नहर बंदी के कारण जलघर में पानी की उपलब्धता प्रभावित हुई है। सप्लाई अब दो दिन के अंतराल से दी जा रही है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र बड़ा होने के कारण कुछ जगहों पर दिक्कत आई है।
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जिले के जलघरों में पानी का मुख्य स्रोत नहरें हैं लेकिन ढांचागत कमियों के कारण संकट गहरा गया है। फतेहाबाद शहर के सेक्टर-3 में मात्र 5 फीसदी नहरी पानी मिल पा रहा है जबकि शेष आबादी भूमिगत पानी पर निर्भर है। अशोक नगर में दो साल पहले शुरू हुआ नहरी पानी सप्लाई प्रोजेक्ट आज भी कनेक्शन न होने के कारण अधूरा लटका है जिससे लोग ट्यूबवेल का पानी पीने को मजबूर हैं। रतिया और भूना शहरों की स्थिति भी कमोबेश ऐसी ही है। जाखल शहर में तो जनस्वास्थ्य विभाग के नहरी पानी प्रोजेक्ट को धरातल पर उतारने के लिए जमीन तक उपलब्ध नहीं हो पा रही है।
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हैरानी की बात यह है कि प्रशासन जिले के 259 गांवों में से सिर्फ 145 गांवों तक ही नहरी पानी पहुंचा पा रहा है जबकि 114 गांवों की बड़ी आबादी आज भी ट्यूबवेल के पानी पर निर्भर है। यहां तक कि नहरों की नगरी कहे जाने वाले टोहाना के साथ लगते कुलां क्षेत्र में भी नहरी पानी की सप्लाई ठप पड़ी है।
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145 गांवों में हो रहा नहरी पानी सप्लाई
जनस्वास्थ्य विभाग से मिली रिपोर्ट के मुताबिक 145 गांवों में नहरी पानी दिया जा रहा है। इसमें फतेहाबाद डिविजन एक के 36, दो में 29, भट्टू क्षेत्र के 36 और रतिया के 35 व टोहाना के 45 गांवों में नहरी पानी सप्लाई हो रहा है। इसके अलावा अन्य गांव के लोग भूमिगत पानी पी रहे है।
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भूना में नहरबंदी से तीन दिन बाद हो रही पानी की सप्लाई
भूना शहर के हिसार रोड क्षेत्र में पेयजल संकट गहरा है। पिछले तीन दिनों से जलघर से पानी की सप्लाई बाधित रही जिससे लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। तापमान बढ़ने के कारण पानी की कमी ने आम जन की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। गणेश कॉलोनी और मॉडल टाउन में हालात सबसे गंभीर हैं। कई परिवारों को टैंकर मंगवाना पड़ रहा है। विशेषकर महिलाओं और बच्चों को सबसे अधिक परेशानी हो रही है। पानी संकट बढ़ने पर लोगों ने जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग से शिकायत की। इसके बाद पार्षद राहुल दहिया और विभाग ने टैंकर के माध्यम से कुछ क्षेत्रों में पानी पहुंचाया, लेकिन सभी प्रभावित कॉलोनियों तक पर्याप्त राहत नहीं पहुँच सकी। स्थानीय निवासी शिकायत कर रहे हैं कि गर्मी के मौसम में नियमित पानी की आपूर्ति बेहद जरूरी है।
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सप्लाई में बूंद-बूंद आता है पानी, मंगवा रहे टैंकर
बीघड़ से ढांड रोड निवासी कुलदीप का कहना है कि पाइप लाइन में पानी की सप्लाई कम होती है और बूंद-बूंद पानी आता है। जब पानी पहुंचता है तो सप्लाई बंद हो जाती है। मजबूरन उन्हें दो दिन छोड़कर 600 से 700 रुपये में टैंकर मंगवाना पड़ रहा है। गांव खैराती खेड़ा निवासी सुभाष का कहना है कि गांव में पानी की सप्लाई का शेड्यूल नहीं है। इस वजह से कई दिनों से किल्लत का सामना करना पड़ रहा है।
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सेक्टर तीन के लिए प्रोजेक्ट ही तैयार नहीं
शहर फतेहाबाद के सेक्टर तीन में ट्यूबवेल के पानी की सप्लाई हो रही है और पांच फीसदी ही नहरी पानी मिक्स करके दिया जा रहा है। एसडीओ प्रवीन का कहना है कि अभी सेक्टर पूरा विकसित नहीं हो पाया है। जल्द ही इसको लेकर प्रोजेक्ट तैयार होगा।
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जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के कनिष्ठ अभियंता विकास कुमार ने बताया कि भूना में नहर बंदी के कारण जलघर में पानी की उपलब्धता प्रभावित हुई है। सप्लाई अब दो दिन के अंतराल से दी जा रही है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र बड़ा होने के कारण कुछ जगहों पर दिक्कत आई है।