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Sirsa News: करोड़ों रुपये के ईपीएफ बकाया जारी करने की मांग
Fri, 17 Jul 2026 12:10 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Fri, 17 Jul 2026 12:10 AM IST
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ऐलनाबाद पल्लेदारों के धरने को भारतीय किसान एकता का समर्थन
फोटो-- 2
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। भारतीय किसान एकता (बीकेई) ने ऐलनाबाद एफसीआई यूनियन के धरने को वीरवार को समर्थन दिया है। यह धरना स्थानीय पल्लेदारों को काम न दिए जाने के विरोध में किया जा रहा है। बीकेई ने करोड़ों रुपये के ईपीएफ बकाया जारी करने की मांग की है।
बीकेई प्रदेशाध्यक्ष लखविंदर सिंह औलख धरने में शामिल हुए। औलख ने बताया कि एफसीआई मजदूरों के 1989 से 2012 तक के करोड़ों रुपये के ईपीएफ बकाया जारी नहीं हुए हैं।
औलख ने आरोप लगाया कि एफसीआई विभाग ई-20 ग्रीन फ्यूल्स प्राइवेट लिमिटेड कंपनी को सरकारी चावल की लूट करवा रहा है। यह लूट ओपन मार्केटिंग सेल्स स्कीम के नाम पर हो रही है। मजदूरों को उनके हक का भुगतान नहीं मिल रहा है।
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यूनियन ने स्थानीय श्रमिकों की उपेक्षा कर बाहरी व्यक्तियों से काम करवाने का आरोप लगाया है। इससे स्थानीय पल्लेदारों के रोजगार और आजीविका पर संकट आ गया है।
औलख ने सरकार, जिला प्रशासन, एफसीआई और रेलवे अधिकारियों से समस्याओं का बिना देरी के समाधान करने की अपील की। इस मौके पर यूनियन प्रधान मुख्तियार सिंह ममेरां भी उपस्थित थे।
पल्लेदारों की प्रमुख मांगें
यूनियन की मांगों में एफसीआई और रेलवे स्टेशन गोदामों में स्थानीय पल्लेदारों को प्राथमिकता देना शामिल है। बाहरी व्यक्तियों को काम देने पर तत्काल रोक लगाई जाए।
स्थानीय श्रमिकों को काम से वंचित रखने के मामले की जांच हो। जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए। यूनियन प्रतिनिधियों के साथ तत्काल वार्ता कर सभी मांगों का समयबद्ध समाधान किया जाए।
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संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। भारतीय किसान एकता (बीकेई) ने ऐलनाबाद एफसीआई यूनियन के धरने को वीरवार को समर्थन दिया है। यह धरना स्थानीय पल्लेदारों को काम न दिए जाने के विरोध में किया जा रहा है। बीकेई ने करोड़ों रुपये के ईपीएफ बकाया जारी करने की मांग की है।
बीकेई प्रदेशाध्यक्ष लखविंदर सिंह औलख धरने में शामिल हुए। औलख ने बताया कि एफसीआई मजदूरों के 1989 से 2012 तक के करोड़ों रुपये के ईपीएफ बकाया जारी नहीं हुए हैं।
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औलख ने आरोप लगाया कि एफसीआई विभाग ई-20 ग्रीन फ्यूल्स प्राइवेट लिमिटेड कंपनी को सरकारी चावल की लूट करवा रहा है। यह लूट ओपन मार्केटिंग सेल्स स्कीम के नाम पर हो रही है। मजदूरों को उनके हक का भुगतान नहीं मिल रहा है।
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यूनियन ने स्थानीय श्रमिकों की उपेक्षा कर बाहरी व्यक्तियों से काम करवाने का आरोप लगाया है। इससे स्थानीय पल्लेदारों के रोजगार और आजीविका पर संकट आ गया है।
औलख ने सरकार, जिला प्रशासन, एफसीआई और रेलवे अधिकारियों से समस्याओं का बिना देरी के समाधान करने की अपील की। इस मौके पर यूनियन प्रधान मुख्तियार सिंह ममेरां भी उपस्थित थे।
पल्लेदारों की प्रमुख मांगें
यूनियन की मांगों में एफसीआई और रेलवे स्टेशन गोदामों में स्थानीय पल्लेदारों को प्राथमिकता देना शामिल है। बाहरी व्यक्तियों को काम देने पर तत्काल रोक लगाई जाए।
स्थानीय श्रमिकों को काम से वंचित रखने के मामले की जांच हो। जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए। यूनियन प्रतिनिधियों के साथ तत्काल वार्ता कर सभी मांगों का समयबद्ध समाधान किया जाए।