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Sirsa News: सुंदरीकरण के बीच आंबेडकर चौक का आकार घटाने की उठी मांग
Mon, 07 Sep 2026 11:02 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Mon, 07 Sep 2026 11:02 PM IST
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सिरसा आम्बेडकर चौक का निर्माण करते हुए कर्मचारी
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सिरसा। शहर के चौक-चौराहों के सुंदरीकरण के तहत अरोड़वंश चौक के बाद अब आंबेडकर चौक का नवीनीकरण किया जा रहा है। करीब 1 करोड़ 20 लाख रुपये की लागत वाले इस कार्य के बीच चौक का आकार और ऊंचाई कम कर इसे यातायात के अनुरूप बनाने की मांग उठ रही है। पुल से नीचे उतरने वाले वाहनों की आवाजाही चौक का दायरा अधिक होने से प्रभावित हो रही है और बढ़ते ट्रैफिक के कारण बार-बार जाम की स्थिति बनती है।
शिक्षाविद् एवं सामाजिक कार्यकर्ता प्रो. करतार सिंह ने इस संबंध में प्रदेश के मुख्य सचिव, सिरसा के उपायुक्त सहित कई अधिकारियों को शिकायत भेजी है। उन्होंने कहा कि शहर में यातायात का दबाव लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में सड़क के बीच चौक का आकार छोटा रखा जाना चाहिए। उनके अनुसार चौक के बड़े दायरे के कारण वाहनों की मूवमेंट प्रभावित होती है और प्रतिदिन तीन से चार हादसे होने का खतरा बना रहता है। रात में लगाई जाने वाली आधुनिक लाइटों से भी वाहन चालकों को परेशानी होने की बात उन्होंने कही।
प्रतिमा के लिए वैकल्पिक स्थान का सुझाव :
प्रो. सिंह ने सुझाव दिया कि यदि आंबेडकर की प्रतिमा स्थापित करनी है तो इसे सड़क के बीच बड़े चौक के बजाय अग्रसेन पार्क, शहीद उधम सिंह पार्क या सुरखाब पैलेस परिसर में स्थापित किया जा सकता है। इससे चौक का आकार छोटा रखने के साथ यातायात सुचारु किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि शहर के कई चौकों पर प्रतिमाएं स्थापित हैं, लेकिन उनकी नियमित सफाई और देखभाल पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जाता। इसलिए महापुरुषों, शहीदों और संतों की प्रतिमाएं ऐसे स्थानों पर लगाई जानी चाहिए, जहां उनकी देखभाल आसानी से हो सके।
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फुटपाथ निर्माण की मांग का उठाया मुद्दा :
प्रो. करतार सिंह ने आंबेडकर चौक के आसपास फुटपाथ नहीं होने का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि सुंदरीकरण पर खर्च होने वाली राशि का उपयोग फुटपाथ बनाने में किया जाए ताकि पैदल राहगीरों को सुरक्षित रास्ता मिल सके। उन्होंने बताया कि फुटपाथ निर्माण की मांग को लेकर वे पहले अदालत में याचिका दायर कर चुके हैं और अदालत ने फुटपाथ बनाने के आदेश दिए थे। उन्होंने भगवान परशुराम चौक का आकार भी कम करने की मांग की है।
मौजूदा समय में यह है परेशानी
- पुल से उतरने वाले वाहनों को दूसरी ओर से आने वाले वाहन दिखाई नहीं देते है। सूर्यास्त होने के बाद यह बड़ी समस्या है।
- चौक का दायरा बढ़ा होने के कारण वाहनों की मूवमेंट प्रभावित होती है।
- परशुराम चौक व डबवाली रोड जाने वाले वाहन पुल से उतरते है तो जाम की स्थिति पैदा होती है।
- चौक का दायरा बढ़ा होने के कारण बस स्टैंड की ओर पुल चढ़ने वाले वाहन चालकों को दिक्कत आती है।
- रोड सेफ्टी की बैठक में कई बार यह मामला उठ चुका हैं, लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ।
- हर रोज चार से पांच वाहन चालक हादसों का शिकायत होते हैं।
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यह होगा फायदा
- वाहन चालकों को पुल से ही दूसरी ओर के वाहनों का पता चल जाएगा। वह दिशा और गति को कंट्रोल कर पाएंगे।
- बार बार जाम नहीं लगेगा और ट्रैफिक व्यवस्था बेहतर होगी।
- चोपटा व डबवाली रोड जाने वाले वाहनों को ज्यादा जगह मिल पाएगी।
- छोटा चौक होने से उसकी देखभाल भी बेहतर तरीके से हो पाएगी।
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शिक्षाविद् एवं सामाजिक कार्यकर्ता प्रो. करतार सिंह ने इस संबंध में प्रदेश के मुख्य सचिव, सिरसा के उपायुक्त सहित कई अधिकारियों को शिकायत भेजी है। उन्होंने कहा कि शहर में यातायात का दबाव लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में सड़क के बीच चौक का आकार छोटा रखा जाना चाहिए। उनके अनुसार चौक के बड़े दायरे के कारण वाहनों की मूवमेंट प्रभावित होती है और प्रतिदिन तीन से चार हादसे होने का खतरा बना रहता है। रात में लगाई जाने वाली आधुनिक लाइटों से भी वाहन चालकों को परेशानी होने की बात उन्होंने कही।
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प्रतिमा के लिए वैकल्पिक स्थान का सुझाव :
प्रो. सिंह ने सुझाव दिया कि यदि आंबेडकर की प्रतिमा स्थापित करनी है तो इसे सड़क के बीच बड़े चौक के बजाय अग्रसेन पार्क, शहीद उधम सिंह पार्क या सुरखाब पैलेस परिसर में स्थापित किया जा सकता है। इससे चौक का आकार छोटा रखने के साथ यातायात सुचारु किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि शहर के कई चौकों पर प्रतिमाएं स्थापित हैं, लेकिन उनकी नियमित सफाई और देखभाल पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जाता। इसलिए महापुरुषों, शहीदों और संतों की प्रतिमाएं ऐसे स्थानों पर लगाई जानी चाहिए, जहां उनकी देखभाल आसानी से हो सके।
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फुटपाथ निर्माण की मांग का उठाया मुद्दा :
प्रो. करतार सिंह ने आंबेडकर चौक के आसपास फुटपाथ नहीं होने का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि सुंदरीकरण पर खर्च होने वाली राशि का उपयोग फुटपाथ बनाने में किया जाए ताकि पैदल राहगीरों को सुरक्षित रास्ता मिल सके। उन्होंने बताया कि फुटपाथ निर्माण की मांग को लेकर वे पहले अदालत में याचिका दायर कर चुके हैं और अदालत ने फुटपाथ बनाने के आदेश दिए थे। उन्होंने भगवान परशुराम चौक का आकार भी कम करने की मांग की है।
मौजूदा समय में यह है परेशानी
- पुल से उतरने वाले वाहनों को दूसरी ओर से आने वाले वाहन दिखाई नहीं देते है। सूर्यास्त होने के बाद यह बड़ी समस्या है।
- चौक का दायरा बढ़ा होने के कारण वाहनों की मूवमेंट प्रभावित होती है।
- परशुराम चौक व डबवाली रोड जाने वाले वाहन पुल से उतरते है तो जाम की स्थिति पैदा होती है।
- चौक का दायरा बढ़ा होने के कारण बस स्टैंड की ओर पुल चढ़ने वाले वाहन चालकों को दिक्कत आती है।
- रोड सेफ्टी की बैठक में कई बार यह मामला उठ चुका हैं, लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ।
- हर रोज चार से पांच वाहन चालक हादसों का शिकायत होते हैं।
यह होगा फायदा
- वाहन चालकों को पुल से ही दूसरी ओर के वाहनों का पता चल जाएगा। वह दिशा और गति को कंट्रोल कर पाएंगे।
- बार बार जाम नहीं लगेगा और ट्रैफिक व्यवस्था बेहतर होगी।
- चोपटा व डबवाली रोड जाने वाले वाहनों को ज्यादा जगह मिल पाएगी।
- छोटा चौक होने से उसकी देखभाल भी बेहतर तरीके से हो पाएगी।