फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Sirsa News ›   Demand for compensation and insurance claim, farmers staged a sit-in at the gate of the mini secretariat for four hours

मुआवजे और बीमा क्लेम की मांग, चार घंटे लघु सचिवालय के गेट पर किसानों ने दिया धरना

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 06 Jun 2022 10:45 PM IST
विज्ञापन
Demand for compensation and insurance claim, farmers staged a sit-in at the gate of the mini secretariat for four hours
लघु सचिवालय के समक्ष धरने पर बैठे किसान। संवाद - फोटो : Sirsa
सिरसा। खराब हुई फसलों का मुआवजा व बीमा क्लेम दिए जाने की मांग को लेकर किसानों ने सोमवार को लघु सचिवालय के गेट के समक्ष चार घंटे तक धरना दिया।
विज्ञापन

इस दौरान पुलिस और किसानों की बीच धक्का मुक्की भी हुई। दोपहर बाद उपायुक्त के साथ हुई बैठक में 111 गांवों का 12 करोड़ 70 लाख का मुआवजा मंजूर होने व बीमा क्लेम एक सप्ताह में जारी होने का आश्वासन मिला है। इसके बाद किसानों ने धरना समाप्त करते हुए क्लेम जारी न होने पर पक्का मोर्चा लगाने की चेतावनी दी। वहीं, मुख्य गेट बंद होने के कारण लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
सोमवार को किसान एकता मंच के बैनर तले जिले के किसान लघु सचिवालय के समक्ष एकत्रित हुए। वहीं प्रशासन ने भी लघु सचिवालय की सुरक्षा का बढ़ाकर पुलिस बल को तैनात कर दिया गया और गेट बंद कर दिए। किसान प्रहलाद सिंह भारूखेड़ा की अध्यक्षता में किसान लघु सचिवालय के गेट के समक्ष पहुंचे। किसानों ने सचिवालय के गेट को खोलने के लिए पुलिस के साथ भी धक्का मुक्की की। किसानों ने रोष प्रकट करते हुए सुबह साढ़े 10 बजे लघु सचिवालय के बंद पड़े गेट के समक्ष धरना दे दिया। इस दौरान किसानों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
विज्ञापन

किसान नेता भारूखेड़ा ने कहा कि मुुआवजा और बीमा क्लेम जारी किए जाने की मांग को लेकर उन्होंने पहले 13 दिनों तक लघु सचिवालय के समक्ष पक्का मोर्चा लगाया था, लेकिन इसके बाद भी उन्हें केवल आश्वासन मिल पाया और उनका पक्का मोर्चा हटवा दिया गया। इसके बाद न तो बीमा क्लेम जारी हो पाया और न ही किसानों का रूका हुआ मुआवजा जारी किया गया है। इस दौरान कई अधिकारी उनसे मांग पत्र लेने के लिए पहुंचे, लेकिन किसानों ने उन्हें मांग पत्र नहीं सौंपा।
विज्ञापन
विज्ञापन

--------
एक घंटा उपायुक्त से किसानों ने की बैठक, कई मांगों पर हुई बातचीत
उपायुक्त को मांग पत्र सौंपने की जिद्द पर अड़े किसानों ने धरना दिया तो उपायुक्त ने करीब 18 सदस्यों को कार्यालय में बुलाया और उनकी मांग सुनी। ऐसे में उपायुक्त ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को भी मौके पर बुलाया। ऐसे में किसानों ने पहले वर्ष 2019-20 का रूका हुआ 111 गांवों के किसानों के मुआवजे की मांग उठाई। जिसके बाद संबंधित एजेंसी के अधिकारियों ने 12 करोड़ 70 लाख मुआवजा जारी होने की बात कही और जल्द ही उन किसानों के खातों में राशि जारी करने का आश्वासन दिया। इसके पश्चात किसानों ने 2020-21 का मुआवजा राशि जारी न होने की बात कही। इसके बाद अधिकारियों ने जल्द ही किसानों को राशि जारी करने का आश्वासन दिए। किसानों ने कहा कि अगर एक सप्ताह के भीतर उनकी सभी मांगों को पूरा नहीं किया गया तो वह पक्का मोर्चा लगाने को मजबूर होंगे।
किसान बोले- पूरी फसल हुई चौपटा, मुआवजा मिला न बीमा क्लेम
खेत में पांच एकड़ नरमे की बिजाई थी, लेकिन फसल पूरी तरह से खराब हो चुकी है। इसका न तो मुआवजा मिल पाया और न ही बीमा क्लेम मिला है। जिसके कारण उन्हें आर्थिक रूप से परेशानी उठानी पड़ी है। - गुरचरण सिंह, फग्गू
20 एकड़ नरमे की बिजाई की गई थी, बीते वर्ष गुलाबी सुंडी के कारण फसल पूरी तरह से चौपट हो गई। इसके कारण आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। - स्वर्णजीत सिंह, कुरंगावाली

10 एकड़ का नरमा पूरी तरह से गुलाबी सुंडी ने नष्ट कर दी। कई गांवों के किसानों को मुआवजा नहीं मिल पाया है। इसके लिए कई बार अधिकारियों को मांग पत्र भी सौंप चुके हैं। - जसप्रीत, कुरंगावाली
बीते वर्ष पांच एकड़ नरमे की फसल खराब हो गई थी। गुलाबी सुंडी के कारण नरमे की चुगाई तक नहीं हो पाई। इससे खर्च भी खुद को उठाना पड़ा था। - जसकरण, थिराज
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed