सिरसा। 15 साल पुराने पेट्रोल व 10 साल पुराने डीजल वाहनों को बैन करने वाली हरियाणा सरकार के फैसले के विरोध में किसान भवन सिरसा में किसानों, ट्रक यूनियन, कार यूनियन, पिकअप यूनियन ने गेट मीटिंग की।
भारतीय किसान एकता के मीडिया प्रभारी गुरलाल भंगू ने बताया कि सभी यूनियनों के पदाधिकारियों ने मीटिंग में अपने अपने विचार रखे। भारतीय किसान एकता के अध्यक्ष लखविंद्र सिंह सिंह औलख ने कहा कि बेशक सरकार ने इस कानून को गुरुग्राम में लागू करने के बाद हरियाणा में नहीं लागू करने का आश्वासन दिया है पर मुख्यमंत्री के बयान ने एक बार पर शब्द का इस्तेमाल करके प्रदेश की जनता को भ्रम में रखा है। हम उनके बयान से संतुष्ट नहीं हैं। यदि गुरुग्राम में इस कानून को लागू किया जा सकता है तो आने वाले समय में पूरे हरियाणा में क्यों नहीं करेंगे, क्योंकि गुरुग्राम में कानून को लागू करके सरकार ने हरियाणा में इस कानून को लागू करने की शुरुआत कर दी है। उन्होंने कहा कि इस कानून के लागू होने से यहां किराए पर सवारी व लोडिंग का काम करने वाले ट्रक ड्राइवर, टैक्सी ड्राइवर, ऑटो चालकों का रोजगार हाथ से जाएगा, वहीं मिस्त्री व स्पेयर पार्ट्स का काम करने वाले लोग भी बेरोजगार हो जाएंगे। देश की आम जनता भी इतनी सक्षम नहीं है की वो 10 या 15 साल में लाखों रुपये के अपने निजी वाहन कबाड़ में देकर नए वाहन खरीद सके। सभी यूनियनों से जिम्मेवार पदाधिकारी लेकर संयुक्त कमेटी गठित की गई, ताकि सरकार के इस फैसले को हरियाणा प्रदेश भर में लागू होने से रोकने के लिए एकमत होकर आने वाले दिनों में संघर्ष की नई रणनीति बनाई जा सके। इस मौके पर ट्रक यूनियन से प्रधान मंजीत सिंह, गुरसेवक सिंह, अनूप सिंह, वीरेंद्र सिंह, हरजीत सिंह, महिंद्र सिंह बोगल, गुरजोध सिंह, मोटर साइकिल यूनियन से इंद्रजीत सिंह, हीरा सिंह, ट्रैक्टर यूनियन से महिंद्र सिंह, कारबाजार से गुरप्रीत गिल, कुलदीप सिंह, बृजलाल, भारतीय किसान एकता से हरचरण कंवर गुरदीप मल्लेवाला, समन रुघुआना, जगजीत सिद्धू झंडा कलां, कुलतार कंवर, काका पंजुआना, महिंद्र ढिल्लों, अंग्रेज कोटली, गुरमीत ढिल्लो, महिंद्र रुघुआना, समनदीप उपस्थित।