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फॉरेस्ट लैंड को डि-नोटिफाई करने से शहरी विकास कार्यों को मिलेगी गति : सांसद सैलजा

Mon, 26 May 2025 11:23 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा Updated Mon, 26 May 2025 11:23 PM IST
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De-notifying forest land will speed up urban development work: MP Selja
सिरसा। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव व सिरसा की सांसद कुमारी सैलजा ने केंद्रीय वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव को पत्र लिखा है। इसमें अनुरोध किया है कि सिरसा नगर से होकर गुजरने वाली पुराने राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 9 के दोनों ओर की भूमि को, जो वर्तमान में ‘नोटिफाइड फॉरेस्ट लैंड’ के अंतर्गत दर्ज हैं। इन्हें डि-नोटिफाई कर नगर परिषद को सौंपा जाए क्योंकि वन विभाग की वजह से शहरी क्षेत्रों में विकास कार्यों में बाधा उत्पन्न हो रही है।
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सांसद कुमारी सैलजा ने शहरी विकास में आ रही एक गंभीर प्रशासनिक बाधा को लेकर केंद्रीय वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री को पत्र लिखकर आग्रह किया है कि सिरसा नगर से होकर गुजरने वाली पुरानी राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 9 (एनएच-9) के दोनों ओर की भूमि को, जो वर्तमान में ‘नोटिफाइड फॉरेस्ट लैंड’ के अंतर्गत दर्ज है, डि-नोटिफाई कर नगर परिषद को सौंपा जाए।
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सांसद ने स्पष्ट किया है कि व्यावहारिक रूप से इस भूमि पर न तो कोई घना वन क्षेत्र है और न ही वनस्पति मौजूद है। इसके बावजूद, इस व्यवस्था के चलते नगर परिषद को हर छोटे-बड़े विकास कार्य जैसे टाइल ट्रैकिंग, सीवर लाइन बिछाना, जलापूर्ति पाइपलाइन, विद्युत पोल लगाना आदि के लिए वन विभाग से पूर्व अनुमति लेनी पड़ती है। इससे न केवल विकास कार्यों में अनावश्यक विलंब होता है, बल्कि करोड़ों रुपये की कई योजनाएं वर्षों से लंबित हैं।
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सांसद ने कहा कि सिरसा नगर में एनएच-9 के दोनों ओर की फॉरेस्ट लैंड को लेकर नगर परिषद और वन विभाग के बीच लंबे समय से विवाद चला आ रहा है, जिसके कारण सिरसा की विकास योजनाएं बाधित हुई हैं और करोड़ों रुपये की सार्वजनिक धनराशि व्यर्थ हो चुकी है। आमजन को इससे भारी असुविधा हो रही है।

कुमारी सैलजा ने सुझाव दिया है कि शहरी क्षेत्रों से होकर गुजरने वाली सड़कों के किनारों की ऐसी अधिसूचित भूमि को नीति स्तर पर डि-नोटिफाई किया जाए तथा भविष्य में ऐसी स्थिति उत्पन्न न हो, इसके लिए वन कानूनों में आवश्यक संशोधन भी किए जाएं। यह विषय सीधे आम नागरिकों के जीवनस्तर और शहरी विकास से जुड़ा हुआ है। सांसद ने आशा जताई है कि केंद्र सरकार इस जनहित के मुद्दे को प्राथमिकता देगी और शीघ्र निर्णय लेगी, जिससे शहरी विकास कार्यों को गति मिल सके।
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