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छह साल से बंद चैरिटेबल अस्पताल में रखवाली के लिए रखा स्टाफ ही करने लगा भ्रूण लिंग जांच
ब्यूरो/अमर उजाला सिरसा
Updated Thu, 07 Jul 2016 11:52 PM IST
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भ्रूण लिंग जांच
- फोटो : Bureau
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स्वास्थ्य विभाग, सीआईडी तथा सीआईए सिरसा की टीम ने एक चैरिटेबल अस्पताल में भ्रूण लिंग जांच गिरोह का भंडाफोड़ किया है। टीम ने सूचना के आधार पर यह कार्रवाई एक झोलाछाप डॉक्टर को ट्रेस करते हुए की। वीरवार को पंजाब के बरनाला में जिस चैरिटेबल अस्पताल में यह छापेमारी की गई वह पिछले छह साल से बंद था। अस्पताल में सील पड़ी दो अल्ट्रासाऊंड मशीनों की रखवाली के लिए नियुक्त स्टाफ ही यह गोरखधंधा चला रहा था।
पुलिस के अनुसार सीआईडी को खबर मिली कि डबवाली के बठिंडा रोड पर रहने वाला झोलाछाप डॉक्टर रामदास लिंग जांच करवाता है। जो कि सिरसा से ग्राहक ले जाया करता है। टीम ने उसे ट्रेस करना शुरू कर दिया। टीम ने एक महिला ग्राहक तैयार करके उसके पास भेजा। लिंग जांच करवाने का सौदा तीस हजार रुपये में तय हो गया।
रामदास ने महिला को वीरवार की सुबह पांच बजे डबवाली के गोल चौक पर बुलाया। जिसके बाद वह महिला को लेकर बरनाला की ओर निकल गया। उसका पीछा करते हुए उप सिविल सर्जन सिरसा वीरेश भूषण, राजेश चौधरी, सीआईडी डबवाली प्रभारी भोला सिंह तथा सीआईए सिरसा के गुरमीत सिंह दलबल सहित बरनाला पहुंच गए। उधर सुबह आठ बजे बरनाला के भगत सिंह चौक पर स्थित गुरु तेग बहादुर चैरिटेबल अस्पताल में ले जाकर उसकी लिंग जांच करवाई। इशारा पाते ही टीम ने पंजाब स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ अस्पताल को घेर लिया। टीम ने महिला द्वारा दिए गए 30 हजार रुपये भी बरामद कर लिए। जिसके नंबर पहले ही नोट थे। दोनों राज्यों की टीम ने बरनाला के सीएमओ केएस सैनी की देखरेख में गिरोह में शामिल दो महिलाओं तथा दो पुरुषों को काबू कर लिया। साथ ही जांच करवाने आई एक महिला तथा उसकी दो सहयोगी महिलाओं को भी हिरासत में ले लिया। पंजाब स्वास्थ्य विभाग ने दोनों अल्ट्रासाऊंड मशीन को सील करके पुलिस को हैंड ओवर कर दिया है। सीएमओ की शिकायत पर पुलिस ने पांच महिलाओं समेत सात लोगों को गिरफ्तार करके उन पर पीएनडीटी एक्ट के तहत मामला दर्ज करके आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है।
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छह साल से बंद था अस्पताल
उप सिविल सर्जन सिरसा वीरेश भूषण ने बताया कि चैरिटेबल अस्पताल के चिकित्सक अमेरिका गए हुए हैं। वर्ष 2010 से सेंटर बंद था। सेंटर में पड़ी दो अल्ट्रासाऊंड मशीन सील थी। उनकी रखवाली की जिम्मेवारी चिकित्सक ने अपनी सहायक मोगा निवासी गुरमेल कौर को दी हुई थी। उसने एक मशीन की सील तोड़ने के बाद अल्ट्रासाऊंड करने शुरू कर दिए। इस धंधे में उसके साथ मोगा निवासी गुरप्रीत कौर, जगतार सिंह तथा डबवाली निवासी रामदास भी शामिल थे।
आठवीं पास दे रही थी रिपोर्ट
मुख्य आरोपी गुरमेल कौर आठवीं पास है। चिकित्सक से मिले डॉक्टरी ज्ञान के आधार पर ही वह रिपोर्ट दर रिपोर्ट दे रही थी। पकड़े जाने पर उसने पुलिस को बताया कि वह तीन माह में चार महिलाओं का अल्ट्रासाऊंड कर चुकी है। जबकि आज दो महिलाओं का अल्ट्रासाऊंड करना था। उसे कोई अनुभव नहीं है, लोग उसके पास बेटे की चाह में आते थे, इसलिए वह सबको बेटा ही बताती थी।
जांच करवानी आई तीन महिलाएं पहुंची सलाखों के पीछे
लिंग जांच करना जुर्म है तो करवाना भी जुर्म है। बरनाला के अस्पताल में लिंग जांच करवानी आई एक महिला अपनी दो सहयोगियों समेत धरी गई। उप सिविल सर्जन के अनुसार अमनदीप कौर के साथ-साथ उसके साथ आई मनप्रीत तथा बलजीत कौर को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया है।
उठ रहा सवाल
मुख्य आरोपी गुरमेल कौर ने बताया कि उसने तीन माह में चार महिलाओं की लिंग जांच की है। सवाल उठता है कि पिछले छह साल में कितनों की लिंग जांच की होगी? कहीं तार गर्भपात से तो नहीं जुड़े हुए? इन सवालों के बारे में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जांच पुलिस करेगी। अगर गिरोह से जुड़ा हरियाणा निवासी का नाम सामने आया तो उस पर भी कार्रवाई की जाएगी।
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पुलिस के अनुसार सीआईडी को खबर मिली कि डबवाली के बठिंडा रोड पर रहने वाला झोलाछाप डॉक्टर रामदास लिंग जांच करवाता है। जो कि सिरसा से ग्राहक ले जाया करता है। टीम ने उसे ट्रेस करना शुरू कर दिया। टीम ने एक महिला ग्राहक तैयार करके उसके पास भेजा। लिंग जांच करवाने का सौदा तीस हजार रुपये में तय हो गया।
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रामदास ने महिला को वीरवार की सुबह पांच बजे डबवाली के गोल चौक पर बुलाया। जिसके बाद वह महिला को लेकर बरनाला की ओर निकल गया। उसका पीछा करते हुए उप सिविल सर्जन सिरसा वीरेश भूषण, राजेश चौधरी, सीआईडी डबवाली प्रभारी भोला सिंह तथा सीआईए सिरसा के गुरमीत सिंह दलबल सहित बरनाला पहुंच गए। उधर सुबह आठ बजे बरनाला के भगत सिंह चौक पर स्थित गुरु तेग बहादुर चैरिटेबल अस्पताल में ले जाकर उसकी लिंग जांच करवाई। इशारा पाते ही टीम ने पंजाब स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ अस्पताल को घेर लिया। टीम ने महिला द्वारा दिए गए 30 हजार रुपये भी बरामद कर लिए। जिसके नंबर पहले ही नोट थे। दोनों राज्यों की टीम ने बरनाला के सीएमओ केएस सैनी की देखरेख में गिरोह में शामिल दो महिलाओं तथा दो पुरुषों को काबू कर लिया। साथ ही जांच करवाने आई एक महिला तथा उसकी दो सहयोगी महिलाओं को भी हिरासत में ले लिया। पंजाब स्वास्थ्य विभाग ने दोनों अल्ट्रासाऊंड मशीन को सील करके पुलिस को हैंड ओवर कर दिया है। सीएमओ की शिकायत पर पुलिस ने पांच महिलाओं समेत सात लोगों को गिरफ्तार करके उन पर पीएनडीटी एक्ट के तहत मामला दर्ज करके आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है।
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छह साल से बंद था अस्पताल
उप सिविल सर्जन सिरसा वीरेश भूषण ने बताया कि चैरिटेबल अस्पताल के चिकित्सक अमेरिका गए हुए हैं। वर्ष 2010 से सेंटर बंद था। सेंटर में पड़ी दो अल्ट्रासाऊंड मशीन सील थी। उनकी रखवाली की जिम्मेवारी चिकित्सक ने अपनी सहायक मोगा निवासी गुरमेल कौर को दी हुई थी। उसने एक मशीन की सील तोड़ने के बाद अल्ट्रासाऊंड करने शुरू कर दिए। इस धंधे में उसके साथ मोगा निवासी गुरप्रीत कौर, जगतार सिंह तथा डबवाली निवासी रामदास भी शामिल थे।
आठवीं पास दे रही थी रिपोर्ट
मुख्य आरोपी गुरमेल कौर आठवीं पास है। चिकित्सक से मिले डॉक्टरी ज्ञान के आधार पर ही वह रिपोर्ट दर रिपोर्ट दे रही थी। पकड़े जाने पर उसने पुलिस को बताया कि वह तीन माह में चार महिलाओं का अल्ट्रासाऊंड कर चुकी है। जबकि आज दो महिलाओं का अल्ट्रासाऊंड करना था। उसे कोई अनुभव नहीं है, लोग उसके पास बेटे की चाह में आते थे, इसलिए वह सबको बेटा ही बताती थी।
जांच करवानी आई तीन महिलाएं पहुंची सलाखों के पीछे
लिंग जांच करना जुर्म है तो करवाना भी जुर्म है। बरनाला के अस्पताल में लिंग जांच करवानी आई एक महिला अपनी दो सहयोगियों समेत धरी गई। उप सिविल सर्जन के अनुसार अमनदीप कौर के साथ-साथ उसके साथ आई मनप्रीत तथा बलजीत कौर को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया है।
उठ रहा सवाल
मुख्य आरोपी गुरमेल कौर ने बताया कि उसने तीन माह में चार महिलाओं की लिंग जांच की है। सवाल उठता है कि पिछले छह साल में कितनों की लिंग जांच की होगी? कहीं तार गर्भपात से तो नहीं जुड़े हुए? इन सवालों के बारे में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जांच पुलिस करेगी। अगर गिरोह से जुड़ा हरियाणा निवासी का नाम सामने आया तो उस पर भी कार्रवाई की जाएगी।