नेशनल कॉलेज में फायरिंग, दो छात्र घायल
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शहर के नेशनल कॉलेज में शनिवार सुबह गोली चलने से भगदड़ मच गई। गोली लगने से दो छात्र घायल हो गए। घटना के बाद कॉलेज कैंपस में उपस्थित सभी छात्र एवं छात्राएं दहशत में आ गए और कुछ ही देर में सारा कैंपस खाली हो गया। घायल छात्रों को उनके साथियों ने अस्पताल पहुंचाया। घायलों में से एक को प्राइवेट अस्पताल जबकि दूसरे को सिविल अस्पताल में दाखिल करवाया गया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने कॉलेज कैंटीन के पास से नीचे गिरा पड़ा रक्त का नमूना लिया और छात्रों से वारदात के संबंध में पूछताछ की। गोली चलने की घटना से कॉलेज प्रशासन भी सकते में है। शुरुआती तौर पर बात सामने आई है कि गोली चलाने वाला युवक आउट साइडर था। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार शनिवार सुबह करीब साढ़े 11 बजे बरनाला रोड स्थित नेशनल कॉलेज में काफी छात्र कैंटीन के पास बैठे थे। इन छात्रों के बीच ही कुछ आउट साइडर भी थे। चार दिन पहले हुए किसी विवाद को लेकर दोनों गुटों के बीच आपस में समझौते की बात चल रही थी लेकिन अचानक दोनों गुटों में फिर से झगड़ा हो गया। दोनों पक्ष एक दूसरे को जमकर लातें और घुसे मारने लगे। इसी बीच एक युवक ने देसी कट्टे से गोली चलाई जिसके छर्रे कैंटीन से अपनी क्लास की तरफ जा रहे गांव ख्योवाली निवासी रविंद्र सिंह और बनसुधार निवासी अमनदीप को लगे। गोली लगने से दोनों बुरी तरफ घायल हो गए।
गोली की आवाज से पूरे कॉलेज में दहशत का माहौल कायम हो गया। जिन गुटों के बीच झगड़ा हुआ वह हथियार लहराते हुए कॉलेज की दीवार फांद कर बरनाला रोड की तरफ फरार हो गए। घायल रविंद्र बीए अंतिम वर्ष का छात्र है और अमनदीप भी द्वितीय वर्ष में है। दोनों को उनके साथियों उपचार के लिए अस्पताल में ले गए। रविंद्र को हिसार रोड स्थित एक निजी अस्पताल में ले जाया गया जबकि अमनदीप को उसके साथी सिविल अस्पताल में ले गए। कॉलेज में फायरिंग की सूचना मिलने पर बस अड्डा चौकी प्रभारी भूदेव सिंह पुलिस फोर्स लेकर कॉलेज पहुंचे। पुलिस ने कैंटीन संचालक व कुछ छात्रों से वारदात के संबंध में जानकारी जुटाई। इसके बाद शहर थाना प्रभारी सुभाष कुमार भी कॉलेज आ गए। कॉलेज में पुलिस फोर्स तैनात करने के उपरांत दोनों अधिकारी घायलों का हाल जानने अस्पताल चले गए।
कॉलेज से बाहर भागे छात्र
गाली चलते ही जो छात्र कैंटीन के आस-पास खड़े थे वो तेजी से बाहर की तरफ भागने लगे, छात्रों के शोर सुनकर क्लासों मेें पीरियड लेने वाले प्राध्यापक क्लास से बाहर आए। उन्होंने छात्रों से पूछा तो उन्हें फायरिंग की जानकारी मिली। कॉलेज प्राचार्या सुमन गुलाब प्राध्यापकों के साथ घटना स्थल पर पहुंची। पुलिस ने प्राध्यापकों से जानकारी जुटानी चाही तो उन्होंने कहा कि उन्हें तो गोली चलने की आवाज सुनाई नहीं दी लेकिन दहशत में छात्र शोर मचाते हुए कॉलेज से बाहर जाने लगे तो उन्होंने घटना के बारे में बताया। शुरुआत में मौके पर पहुंचे बस अड्डा चौकी प्रभारी भूदेव ने गोली चलने के संबंध में छात्रों और कैंटीन संचालक से बातचीत की तो सभी ने कहा कि तेज आवाज सुनाई दी थी, जब वे बाहर गए तो भगदड़ का आलम था। हर कोई दीवार कूदता और कॉलेज से बाहर जाता हुआ दिखाई दिया।
कॉलेज में सुरक्षा के ठोस प्रबंध नहीं
नेशनल कॉलेज में सुरक्षा के कोई प्रबंध नहीं है। हर रोज कई आउट साइडर हथियार लेकर कॉलेज में घूमते रहते हैं। कॉलेज प्रशासन की तरफ से कभी भी आउट साइडरों को रोकने की दिशा में कदम नहीं उठाया गया। कॉलेज से पुलिस चौकी की दूरी मात्र 200 मीटर है। गोली चलने की इस वारदात ने यह साबित कर दिया है कि कॉलेज में पढ़ने वाली छात्राएं और छात्र किसी तरह सुरक्षित नहीं और कोई भी बाहरी शख्स कॉलेज में पिस्तौल व अन्य हथियार लेकर किसी को भी हानि पहुंचा सकता है। वर्ष 1998 को इसी नेशनल कॉलेज में छात्र नेता शिवदत्त उर्फ शिवा की कैंटीन के पास गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस हत्याकांड के 18 साल बाद नेशनल कॉलेज में यह दूसरी बड़ी वारदात है। छात्र गुटों के बीच आपस में झगड़े की घटनाएं तो अक्सर होती रहती है।
घायल छात्र रविंद्र सिंह की हालत गंभीर होते देख डॉक्टरों ने उसे अग्रोहा मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया है जबकि घायल अमनदीप के
बारे में डॉक्टरों का कहना है कि उसे अभी चार-पांच घंटे आराम की जरूरत है। इसलिए अभी घायलों का बयान दर्ज नहीं हो पाया है।
रात को डॉक्टरों की अनुमति लेकर घायलों का बयान दर्ज किया जाएगा। इसके बाद ही पूरी वारदात की स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। कैंटीन
के बाहर समझौते को लेकर हो रही पंचायत से रविंद्र और अमनदीप का कोई संबंध था या नहीं इसकी जांच की जा रही है। हर एंगल से
घटना को देखा जा रहा है।
भूदेव सिंह, बस अड्डा चौकी प्रभारी एवं आईओ