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मां और बहन के साथ मिलकर किया बाप का कत्ल, मिली उम्रकैद
ब्यूरो/अमर उजाला सिरसा
Updated Tue, 18 Oct 2016 12:06 AM IST
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सोहन लाल हत्याकांड मामले में सोमवार दोपहर को जिला एवं सत्र न्यायाधीश बिमलेश तंवर ने हत्याकांड के दोषियों को सजा सुनाई। न्यायाधीश ने हत्यारे पुत्र भूप उर्फ चरणजीत को उम्र कैद व 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई जबकि पत्नी बिमला व पुत्री अनीता को शव को खुर्द-बुर्द करने के दोष में तीन-तीन साल कैद व 30-30 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना नहीं भरने पर दो-दो माह अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
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अभियोजन के अनुसार गांव ओढां निवासी सोहन लाल खेतीबाड़ी करता था। उसे शराब पीने की लत थी और इस वजह से उसका अपनी पत्नी बिमला देवी के साथ अकसर झगड़ा होता था। रोज-रोज के झगड़े से पुत्र भूप उर्फ चरणजीत सिंह व पुत्री अनीता भी परेशान हो गए। पत्नी बिमला ने दोनों बच्चों के साथ मिलकर सोहन लाल को मारने की साजिश रची। दो जून 2015 की रात को सोहन लाल शराब पीकर घर आया।
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पत्नी बिमला के साथ उसका फिर से झगड़ा हो गया। इसके बाद पत्नी ने पुत्र-पुत्री के संग मिलकर सोहन लाल के साथ मारपीट शुरू कर दी। तीनों ने उस पर लातों और मुक्कों से मारा। इस दौरान उसकी मौत हो गई। हत्या का राज छुपाने के लिए तीनों ने सोहन लाल का शव कुएं में फेंक दिया। कई दिनों तक सोहन लाल गांव में नहीं दिखा तो परिवार वालों ने लोगों से कहा कि सोहन लाल घर पर कहकर गया था कि काम के सिलसिले में बाहर जा रहा हूं। लोगों ने पत्नी बिमला की बात मान ली।
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कुछ दिन बाद कुएं से बदबू आने लगी। ग्रामीणों ने संदेह के आधार पर पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर कुएं से सोहन लाल का शव बरामद किया। शव बुरी स्थिति में था। पुलिस ने पत्नी बिमला से सख्ती से पूछताछ की तो उसने अपना अपराध कबूल कर लिया। पुलिस ने पत्नी बिमला, पुत्र अनीता व पुत्र भूप उर्फ चरणजीत के खिलाफ हत्या का केस दर्ज करके उन्हें गिरफ्तार कर लिया। अंतिम बहस के दौरान बचाव पक्ष की दलील सुनने के बाद डीजे बिमलेश तंवर की अदालत ने पुत्र भूप को हत्या का दोषी व पत्नी बिमला तथा पुत्री अनीता को शव खुर्द-बुर्द करने का दोषी करार देते हुए सजा सुनाई।