फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Sirsa News ›   Clash between students in CDLU in Sirsa

दंगल का अखाड़ा बनी सीडीएलयू: छात्रों के बीच चले लात-घूसे, सुरक्षा कर्मियों ने डंडो से पीटा, देखते रहे कुलसचिव

Fri, 04 Apr 2025 06:41 PM IST
अंकेश ठाकुर संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा (हरियाणा) Published by: अंकेश ठाकुर Updated Fri, 04 Apr 2025 06:41 PM IST
सार

विश्वविद्यालय के अंदर दो दिनों से छात्रों में तनाव की स्थिति बनी हुई थी। वीरवार को भी कुछ युवाओं के बीच विवाद हुआ था। उसके बाद से सुरक्षा बढ़ा दी थी। सुरक्षा प्रभारी से लेकर गार्ड तक डंडों के साथ नजर आए।

विज्ञापन
Clash between students in CDLU in Sirsa
यूनिवर्सिटी में बवाल। - फोटो : वीडियो ग्रैब

विस्तार

हरियाणा के सिरसा में चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय में जेसीडी और सीडीएलयू के छात्रों के बीच किसी बात को लेकर कैंटीन पर विवाद हो गया। विवाद की सूचना मिलने पर सुरक्षा प्रभारी हिम्मत सिंह व अन्य सुरक्षा कर्मी डंडे लेकर कैंटीन में पहुंच गए। उन्होंने विवाद कर रहे छात्रों को कैंटीन में डंडे से पीटना शुरू कर दिया। 

विज्ञापन


इतना ही नहीं, कुछ छात्रा की शौचालयों में बंद कर पिटाई की गई। हैरानी की बात यह है कि मौके पर जब कुलसचिव डॉ. राजेश बंसल पहुंचे तब भी सुरक्षा प्रभारी और सुरक्षा कर्मचारी छात्रों को पीटते रहे। कुलसचिव के तीन बार कहने के बाद सुरक्षा प्रभारी ने छात्रों को पीटना बंद किया।
विज्ञापन




कुलसचिव डॉ. राजेश बंसल ने पुलिस को बुलाकर बाहरी छात्रों को उन्हें सौंपने के आदेश दिए। डायल 112 की टीम के कैंटीन पहुंचने के बाद सुरक्षा प्रभारी ने छात्रों को नाम और पता नोट करके छोड़ दिया। प्रभारी ने छात्रों को हिदायत दी कि विश्वविद्यालय में कोई झगड़ा नहीं होना चाहिए, वरना इसी प्रकार से सेवा होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन


नियमानुसार किसी तरह का विवाद होने की स्थिति में सबसे पहले विवि प्रशासन पुलिस को सूचित करता है। सिक्योरिटी का कार्य छात्रों को पकड़कर पुलिस और प्रशासन के सामने प्रस्तुत करना होता है। नियमानुसार विश्वविद्यालय के सुरक्षा कर्मचारी डंडों से छात्रों को नहीं पीट सकते। इतना ही नहीं वे लाठी-डंडे व अन्य हथियार भी साथ नहीं रख सकते। छात्रों को समझाना उनका दायित्व होता है और विवाद बढ़ने पर पकड़ कर पुलिस को सौंपना।

ये है मामला
विश्वविद्यालय के अंदर दो दिनों से छात्रों में तनाव की स्थिति बनी हुई थी। वीरवार को भी कुछ युवाओं के बीच विवाद हुआ था। उसके बाद से सुरक्षा बढ़ा दी थी। सुरक्षा प्रभारी से लेकर गार्ड तक डंडों के साथ नजर आए। शुक्रवार सुबह सवा 11 बजे के आसपास लॉ कॉलेज के पास बनी कैंटीन में विवाद हो गया। जेसीडी और सीडीएलयू के छात्र आपस में किसी विवाद को लेकर उलझ गए। इस दौरान छात्रों में लात-घूंसे चले। इसकी सूचना सुरक्षा कर्मचारियों को मिली तो प्रभारी हिम्मत सिंह व चार-पांच सुरक्षा कर्मचारी डंडे लेकर मौके पर पहुंचे। उन्होंने विवाद कर रहे छात्रों को पकड़ कर डंडों से पीटना शुरू कर दिया। इस दौरान कुछ युवा कह रहे थे कि उनका विवाद से कोई लेना-देना नहीं है। इसके बाद भी सुरक्षा कर्मचारियों ने उनकी पिटाई जारी रखी। वहीं कैंटीन के पुरुष शौचालय के पास युवाओं को घेरकर पिटाई की गई। 

कुलसचिव के कहने पर भी नहीं माने सुरक्षा कर्मी
इस दौरान कुलसचिव डॉ. राजेश बंसल व अन्य सीनियर प्रोफेसर मौके पर पहुंचे। सुरक्षा प्रभारी एक-एक छात्र को पकड़कर डंडों से उनके सामने पीट रहे थे। तीन बार कुलसचिव के कहने के बाद सुरक्षा प्रभारी ने छात्रों को पीटना बंद किया। वहीं, कुलसचिव ने एक दो छात्रों के आई-कार्ड भी देखे जो युवाओं ने मोबाइल में दिखाए। इसके बाद कुलसचिव ने उन्हें छोड़ दिया और पुलिस को बुलाने के आदेश दिए। एक घंटे तक कैंटीन में विवाद चला।

विश्वविद्यालय में नहीं है पुलिस चौकी
नियमानुसार विश्वविद्यालय में पुलिस चौकी होनी चाहिए। इससे विश्वविद्यालय परिसर में अप्रिय घटनाओं को लेकर समय पर पुलिस पहुंच सके। पुलिस निरंतर विश्वविद्यालय में गश्त कर सके और छात्रों में पुलिस का भय रहे। सभी विश्वविद्यालय में पुलिस चौकी बनी हुई है। लेकिन चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय में आज तक पुलिस चौकी नहीं बनाई गई है।

सीसीटीवी में कैद हुआ घटनाक्रम
विश्वविद्यालय प्रशासन ने कैंटीन परिसर में विशेष रूप से सीसीटीवी लगा रखे हैं। इन सीसीटीवी में सारा विवाद कैद हो गया। छात्रों के आपसी विवाद के साथ सुरक्षा प्रभारी और सुरक्षा कर्मचारियों के छात्रों को पीटने की घटना भी कैमरे में कैद हुई है।

विश्वविद्यालय में छात्रों की संख्या

  • कुल छात्र - 5,000 अनुमानित
  • कॉलेज - 62
  • प्रतिदिन छात्रों का आवागमन - 5,500 अनुमानित
  • विभिन्न कार्यों से विश्वविद्यालय में आते हैं छात्र - 1,500 अनुमानित
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed