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आगजनी में परिवार के चार सदस्यों की मौत
Updated Sat, 14 Apr 2018 01:52 AM IST
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डबवाली (सिरसा)। दिल्ली के प्रीतमपुरा कोहाट एनक्लेव में शुक्रवार अलसुबह एक मकान में लगी भीषण आग ने डबवाली के एक परिवार के चार सदस्यों की जिंदगी को लील लिया। हादसे में डबवाली के मीना बाजार निवासी राकेश, उनकी पत्नी टीना, बेटा हिमांशु (7) और बेटी श्रेया (3) साल की मौत हो गई है। इस हादसे की सूचना के बाद डबवाली में मातम पसर गया। इस घटना से राकेश का परिवार पूरी तरह से टूट गया है और परिजनों पर दुख का पहाड़ टूट पड़ा है।
जानकारी के अनुसार राकेश नागपाल दिल्ली के दक्षिण प्रीतमपुरा में अपने परिवार के साथ रहता था और दिल्ली के चांदनी चौक में कपड़े का थोक व्यापारी था जो मूल रूप से डबवाली का रहने वाला था। वह जुलाई, 2006 में डबवाली से शिफ्ट होकर दिल्ली चला गया था। डबवाली में भी उनका कपडे़ का कारोबार था। दिल्ली जाने के बाद राकेश ने वहां भी कपड़े का कारोबार शुरू किया और देखते ही देखते उसने अपने कारोबार को इतना बढ़ा लिया कि उसकी गिनती गिने-चुने कपड़ा व्यापारियों में होने लगी। वर्ष 2008 में उसकी शादी अबोहर निवासी टीना के साथ हुई जिससे उन्हें दो बच्चे एक बेटा हिमांशु व एक बेटी श्रेया हुई। प्रीतमपुरा में वह एक चार मंजिला बिल्डिंग के दूसरे माले पर रहते थे। बताया जा रहा है कि बीती अलसुबह करीब दो बजे इलेक्ट्रिक मीटर में हुए शॉर्ट सर्किट के कारण आग लग गई। आग इतनी भयंकर थी कि आग में पूरा परिवार जिंदा जल गया। जैसे ही यह खबर डबवाली में रह रहे नागपाल परिवार व अन्य लोगों तक पहुंची तो शहर में शोक की लहर दौड़ गई।
बचपन से ही मेहनती था राकेश
राकेश नागपाल उर्फ सोनू बचपन से ही एक मेहनती था। उसने बाल मंदिर स्कूल से दसवीं तथा गुरु नानक कॉलेज से प्लस-टू की परीक्षा उत्तीर्ण कर दिल्ली का रूख किया। इस दौरान उसने अपनी ग्रेजुएशन पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ से पूरी की। दिल्ली जाने के बाद मात्र दो वर्षों के भीतर ही उसने अपनी मेहनत के बल पर कपड़े का इतना बड़ा कारोबार खड़ा कर दिया। लेकिन अफसोस है कि हंसता-खेेलता परिवार आग की आगोश में समा गया। राकेश के पिता व अन्य पारिवारिक सदस्य डबवाली के वार्ड-17, राजीव नगर में रहते हैं और मीना बाजार में यश दी हट्टी के नाम से उनकी पुश्तैनी कपड़े की मशहूर दुकान है।
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जानकारी के अनुसार राकेश नागपाल दिल्ली के दक्षिण प्रीतमपुरा में अपने परिवार के साथ रहता था और दिल्ली के चांदनी चौक में कपड़े का थोक व्यापारी था जो मूल रूप से डबवाली का रहने वाला था। वह जुलाई, 2006 में डबवाली से शिफ्ट होकर दिल्ली चला गया था। डबवाली में भी उनका कपडे़ का कारोबार था। दिल्ली जाने के बाद राकेश ने वहां भी कपड़े का कारोबार शुरू किया और देखते ही देखते उसने अपने कारोबार को इतना बढ़ा लिया कि उसकी गिनती गिने-चुने कपड़ा व्यापारियों में होने लगी। वर्ष 2008 में उसकी शादी अबोहर निवासी टीना के साथ हुई जिससे उन्हें दो बच्चे एक बेटा हिमांशु व एक बेटी श्रेया हुई। प्रीतमपुरा में वह एक चार मंजिला बिल्डिंग के दूसरे माले पर रहते थे। बताया जा रहा है कि बीती अलसुबह करीब दो बजे इलेक्ट्रिक मीटर में हुए शॉर्ट सर्किट के कारण आग लग गई। आग इतनी भयंकर थी कि आग में पूरा परिवार जिंदा जल गया। जैसे ही यह खबर डबवाली में रह रहे नागपाल परिवार व अन्य लोगों तक पहुंची तो शहर में शोक की लहर दौड़ गई।
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बचपन से ही मेहनती था राकेश
राकेश नागपाल उर्फ सोनू बचपन से ही एक मेहनती था। उसने बाल मंदिर स्कूल से दसवीं तथा गुरु नानक कॉलेज से प्लस-टू की परीक्षा उत्तीर्ण कर दिल्ली का रूख किया। इस दौरान उसने अपनी ग्रेजुएशन पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ से पूरी की। दिल्ली जाने के बाद मात्र दो वर्षों के भीतर ही उसने अपनी मेहनत के बल पर कपड़े का इतना बड़ा कारोबार खड़ा कर दिया। लेकिन अफसोस है कि हंसता-खेेलता परिवार आग की आगोश में समा गया। राकेश के पिता व अन्य पारिवारिक सदस्य डबवाली के वार्ड-17, राजीव नगर में रहते हैं और मीना बाजार में यश दी हट्टी के नाम से उनकी पुश्तैनी कपड़े की मशहूर दुकान है।
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