{"_id":"5adf97954f1c1b56098b63db","slug":"51524602773-sirsa-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"खाद्य एवं आपूर्ति विभाग का अकाऊंटेंट रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
खाद्य एवं आपूर्ति विभाग का अकाऊंटेंट रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार
Updated Wed, 25 Apr 2018 02:16 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला ब्यूरो
सिरसा।
स्टेट विजिलेंस ब्यूरो ने मंगलवार दोपहर खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के अकाउंटेंट महेंद्रपाल मेहता को रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया। गांव केवल के पूर्व डिपो होल्डर सुखदेव उर्फ भोला की शिकायत पर स्टेट विजिलेंस ने उक्त कार्रवाई की। आरोपी अकाउंटेंट डिपो होल्डर से कमीशन राशि रिलीज करने की एवज में रिश्वत मांग रहा था।
गांव केवल निवासी सुखदेव उर्फ भोला डिपो का संचालन करता था। विभाग द्वारा उसका पिछले दो वर्षों के कमीशन के रूप में 20 हजार रुपये जारी किए थे। फिलहाल सुखदेव डिपो का संचालन नहीं करता। जब उसने विभाग से कमीशन के लिए आवेदन किया, तब उसका वास्ता अकाउंटेंट महेंद्रपाल मेहता से हुआ। भोला ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया कि अकाउंटेंट महेंद्रपाल मेहता ने उससे रिश्वत की मांग की। अकाउंटेंट महेंद्रपाल पहले कांफेड में था और अब सरकार द्वारा कांफेड को खाद्य एवं आपूर्ति विभाग में विलय कर दिया गया है। महेंद्रपाल मेहता के पास ही गेहूं रिलीज करने का रिकार्ड रहता है। फिलहाल उसकी ड्यूटी फतेहाबाद में है और उसे सिरसा का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है। सुखदेव ने अकाउंटेंट महेंद्रपाल मेहता द्वारा उससे रिश्वत मांगने की शिकायत स्टेट विजिलेंस ब्यूरो से की। मंगलवार को इंस्पेक्टर भूपेंद्र शर्मा के नेतृत्व में विजिलेंस की टीम सिरसा पहुंची। प्रशासन की तरफ से तहसीलदार को ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया है। इसके बाद विजिलेंस ने सुखदेव को दो हजार रुपये का नोट दिया गया। सुखदेव ने अकाउंटेंट महेंद्रपाल को फोन करके सांगवान चौक पर बुलाया। दोपहर करीब दो बजे महेंद्र पाल रिश्वत की राशि लेने सांगवान चौक पहुंचा। उसने सुखदेव से जैसे ही रिश्वत की राशि अपने हाथों में ली विजिलेंस टीम ने उसे रंगे हाथों दबोच लिया। विजिलेेंस इंस्पेक्टर भूपेंद्र शर्मा का कहना है कि आरोपी अकाउंटेंट महेंद्र पाल मेहता के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है। बुधवार सुबह आरोपी को अदालत में पेश किया जाएगा।
पहले भी चर्चा में रह चुका है आरोपी
रिश्वतखोरी के आरोप में हत्थे चढ़ा महेंद्रपाल मेहता पहले भी सुर्खियां में रह चुका है। कुछ वर्ष पहले महेंद्रपाल को बिना टिकट रेलवे में सफर करते हुए पकड़ा गया था। तब वह सुर्खियों में रहा। विभाग के सूत्रों का कहना है कि महेंद्रपाल को घूस मांगते हुए जरा भी हिचक नहीं होती थी। वह खुलेआम ही रिश्वत की मांग करता था। कांफेड विभाग से डिपो होल्डरों का वास्ता पड़ता था। कांफेड में राशन जारी करने की एवज में वह डिपो होल्डरों को रिश्वत के लिए विवश करता था।
विज्ञापन
विज्ञापन
सिरसा।
स्टेट विजिलेंस ब्यूरो ने मंगलवार दोपहर खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के अकाउंटेंट महेंद्रपाल मेहता को रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया। गांव केवल के पूर्व डिपो होल्डर सुखदेव उर्फ भोला की शिकायत पर स्टेट विजिलेंस ने उक्त कार्रवाई की। आरोपी अकाउंटेंट डिपो होल्डर से कमीशन राशि रिलीज करने की एवज में रिश्वत मांग रहा था।
गांव केवल निवासी सुखदेव उर्फ भोला डिपो का संचालन करता था। विभाग द्वारा उसका पिछले दो वर्षों के कमीशन के रूप में 20 हजार रुपये जारी किए थे। फिलहाल सुखदेव डिपो का संचालन नहीं करता। जब उसने विभाग से कमीशन के लिए आवेदन किया, तब उसका वास्ता अकाउंटेंट महेंद्रपाल मेहता से हुआ। भोला ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया कि अकाउंटेंट महेंद्रपाल मेहता ने उससे रिश्वत की मांग की। अकाउंटेंट महेंद्रपाल पहले कांफेड में था और अब सरकार द्वारा कांफेड को खाद्य एवं आपूर्ति विभाग में विलय कर दिया गया है। महेंद्रपाल मेहता के पास ही गेहूं रिलीज करने का रिकार्ड रहता है। फिलहाल उसकी ड्यूटी फतेहाबाद में है और उसे सिरसा का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है। सुखदेव ने अकाउंटेंट महेंद्रपाल मेहता द्वारा उससे रिश्वत मांगने की शिकायत स्टेट विजिलेंस ब्यूरो से की। मंगलवार को इंस्पेक्टर भूपेंद्र शर्मा के नेतृत्व में विजिलेंस की टीम सिरसा पहुंची। प्रशासन की तरफ से तहसीलदार को ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया है। इसके बाद विजिलेंस ने सुखदेव को दो हजार रुपये का नोट दिया गया। सुखदेव ने अकाउंटेंट महेंद्रपाल को फोन करके सांगवान चौक पर बुलाया। दोपहर करीब दो बजे महेंद्र पाल रिश्वत की राशि लेने सांगवान चौक पहुंचा। उसने सुखदेव से जैसे ही रिश्वत की राशि अपने हाथों में ली विजिलेंस टीम ने उसे रंगे हाथों दबोच लिया। विजिलेेंस इंस्पेक्टर भूपेंद्र शर्मा का कहना है कि आरोपी अकाउंटेंट महेंद्र पाल मेहता के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है। बुधवार सुबह आरोपी को अदालत में पेश किया जाएगा।
विज्ञापन
पहले भी चर्चा में रह चुका है आरोपी
रिश्वतखोरी के आरोप में हत्थे चढ़ा महेंद्रपाल मेहता पहले भी सुर्खियां में रह चुका है। कुछ वर्ष पहले महेंद्रपाल को बिना टिकट रेलवे में सफर करते हुए पकड़ा गया था। तब वह सुर्खियों में रहा। विभाग के सूत्रों का कहना है कि महेंद्रपाल को घूस मांगते हुए जरा भी हिचक नहीं होती थी। वह खुलेआम ही रिश्वत की मांग करता था। कांफेड विभाग से डिपो होल्डरों का वास्ता पड़ता था। कांफेड में राशन जारी करने की एवज में वह डिपो होल्डरों को रिश्वत के लिए विवश करता था।
विज्ञापन