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प्लॉट बेचने में धोखाधड़ी का आरोप, कोर्ट के आदेश पर केस दर्ज
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सिरसा। प्लॉट की खरीद बेच में धोखाधड़ी को लेकर कोर्ट के आदेशों पर शहर थाना डबवाली में केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। गांव डबवाली निवासी रामसिंह ने बताया कि तरुण मित्तल निवासी वार्ड नं. 2 मंडी डबवाली व जगसीर सिंह निवासी जवाहर नगर मंडी डबवाली ने मिलकर डबवाली में प्लॉट नंबर 72 के जाली कागजात तैयार करवाकर बेच दिया। जबकि दोनों में से कोई भी इस प्लॉट का मालिक नहीं है।
दोनों ने जाली रिकॉर्ड को सही ठहराते हुए प्लाट नंबर 72 को बेचने से संबंधित राजस्व रिकार्ड के अनुसार उसके हक में 2 नवंबर 2018 को इकरारनामा तैयार करवा कर करीब तीन लाख 65 हजार रुपये की अग्रिम राशि साई के तौर पर वसूल ली। उसके बाद घरेलू जरूरत के नाम से उससे और राशि प्राप्त लेकर कागजात कंप्लीट नहीं होने की बात कहते हुए बयाना पंजीकृत करवाने की तिथि आगे बढ़ाई। लेकिन तय तिथि पर बयाना खरीददार के हक में पंजीकृत नहीं करवाया। उसके बाद राजस्व रिकार्ड की नकल हासिल करने पर जब प्लॉट के बारे में सच्चाई का पता चला। इस बारे में जब आरोपियों से बात की तो उन्होंने गवाहों के सामने ही कहा कि उन्होंने तो ठगी करनी थी। यहीं नहीं उक्त भूमि के कागजात भी आरोपियों के पास हैं और करीब 3.65 लाख रुपये भी वे नहीं लौटा रहे हैं। उसने पहले पुलिस को शिकायत दी थी, लेकिन पुलिस ने मामले के प्रति कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई। जिसके बाद उसने कोर्ट की शरण ली। कोर्ट के आदेशों पर ही अब पुलिस ने केस दर्ज किया है। जांच अधिकारी चरणजीत सिंह ने बताया कि कोर्ट के आदेशों पर डबवाली शहर थाना में केस दर्ज किया गया है।
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दोनों ने जाली रिकॉर्ड को सही ठहराते हुए प्लाट नंबर 72 को बेचने से संबंधित राजस्व रिकार्ड के अनुसार उसके हक में 2 नवंबर 2018 को इकरारनामा तैयार करवा कर करीब तीन लाख 65 हजार रुपये की अग्रिम राशि साई के तौर पर वसूल ली। उसके बाद घरेलू जरूरत के नाम से उससे और राशि प्राप्त लेकर कागजात कंप्लीट नहीं होने की बात कहते हुए बयाना पंजीकृत करवाने की तिथि आगे बढ़ाई। लेकिन तय तिथि पर बयाना खरीददार के हक में पंजीकृत नहीं करवाया। उसके बाद राजस्व रिकार्ड की नकल हासिल करने पर जब प्लॉट के बारे में सच्चाई का पता चला। इस बारे में जब आरोपियों से बात की तो उन्होंने गवाहों के सामने ही कहा कि उन्होंने तो ठगी करनी थी। यहीं नहीं उक्त भूमि के कागजात भी आरोपियों के पास हैं और करीब 3.65 लाख रुपये भी वे नहीं लौटा रहे हैं। उसने पहले पुलिस को शिकायत दी थी, लेकिन पुलिस ने मामले के प्रति कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई। जिसके बाद उसने कोर्ट की शरण ली। कोर्ट के आदेशों पर ही अब पुलिस ने केस दर्ज किया है। जांच अधिकारी चरणजीत सिंह ने बताया कि कोर्ट के आदेशों पर डबवाली शहर थाना में केस दर्ज किया गया है।
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