फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Sirsa News ›   स्करी का गढ़ बनते जा रहे सिरसा को लेकर नेता विपक्ष ने जताई चिंता

स्करी का गढ़ बनते जा रहे सिरसा को लेकर नेता विपक्ष ने जताई चिंता

Sun, 25 Mar 2018 12:59 AM IST
Updated Sun, 25 Mar 2018 12:59 AM IST
विज्ञापन
स्करी का गढ़ बनते जा रहे सिरसा को लेकर नेता विपक्ष ने जताई चिंता
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन

सिरसा।
विधानसभा में नेता विपक्ष एवं ऐलनाबाद विधायक अभय चौटाला ने शनिवार को सिरसा की स्थिति पर हैरानी जाहिर करते हुए कहा कि पुलिस जिले में नशीले पदार्थों की तस्करी में लिप्त बड़े सौदागरों को नहीं पकड़ रही। इसी कारण सिरसा हेरोइन (चिट्टा), अफीम, चूरापोस्त, स्मैक और नशीली दवाइयों की तस्करी का हब बनता जा रहा है। ऐसा कोई गांव नहीं बचा जहां ये जानलेवा नशा न बिक रहा हो।
सबको पता है कि कौन लोग हैं जो नशे का कारोबार कर रहे हैं, फिर भी पुलिस के हाथ इन लोगों तक नहीं पहुंच रहे। अभय चौटाला ने कहा कि वे सिरसा पुलिस अधीक्षक को उन लोगों की लिस्ट दूंगा जो इस गोरखधंधे के बड़े सौदागर हैं। अगर पुलिस अधीक्षक का जवाब संतोषजनक नहीं रहा तो एक सप्ताह बाद युवा इनेलो विंग स्वयं गांवों और कस्बों में बिक रहे नशीले पदार्थों की रोकथाम के लिए अभियान चलाएगी। जो लोग तस्करी में लिप्त है उन्हें पकड़कर पुलिस थाने ले जाया जाएगा। अभय चौटाला का कहना है कि इसके पीछे की सोच यह है कि इनेलो केवल राजनीतिक संगठन ही नहीं बल्कि सामाजिक संगठन भी है। अभय चौटाला ने अपने खुद के गांव का उदाहरण देते हुए कहा कि गांव चौटाला में हररोज पांच क्विंटल चूरापोस्त की तस्करी होती है।
विज्ञापन


15 माह में 200 से अधिक केस दर्ज
नशे का कारोबार किस गति से यहां फैल रहा है इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि पिछले 15 महीनों में 18 किलोग्राम अफीम व 950 किलोग्राम चूरापोस्त, 160 ग्राम स्मैक, दो किलो ग्राम हेरोइन व 115 किलोग्राम गांजा जब्त किया जा चुका है। पुलिस ने मादक पदार्थ अधिनियम के तहत 200 से अधिक केस पुलिस ने दर्ज किए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


हेरोइन की तस्करी सबसे ज्यादा
इन दिनों हेरोइन का नशा करने वालों की संख्या काफी बढ़ी है। यह धंधा शहर में मजबूती से अपनी जड़ें जमा चुका है। पुलिस ने कई बड़े तस्करों को गिरफ्तार किया लेकिन तस्करी में कोई कमी नहीं आई। हेरोइन की लत के शिकार शख्स को एक दिन ये न मिले तो वो तड़पने लगता है और किसी भी तरह इसके नशे के लिए रुपयों के प्रबंध में जुट जाता है। इसी के कारण जिले में चोरी, चेन और पर्स स्नेचिंग की वारदात बढ़ रही हैं।

दो प्रदेशों से सटा हुआ है जिला
सिरसा में नशीले पदार्थों की तस्करी बढ़ने का मुख्य कारण यह भी है कि ये जिला पंजाब और राजस्थान सीमा से सटा हुआ है। अफीम और चूरा पोस्त सिरसा में लाई जाती है। यहां से इसे हरियाणा और पंजाब में सप्लाई कर दिया जाता है। जिले में हेरोइन (चिट्टा) का तस्करी दिल्ली व पंजाब से हो रही है। नशे की दवा भी हिमाचल, एमपी से ही सिरसा लाइन जाती है, इसके अलावा झारखंड और बिहार से गांजे की तस्करी भी खूब हो रही है। सबसे ज्यादा हालत सिरसा, डबवाली, कालांवाली व रानियां विधान सभा क्षेत्र की खराब है। डबवाली और कालांवाली क्षेत्र तो नशीली दवाइयों और इंजेक्शन के कारोबार के अड्डे बन गए हैं।

अभय सहयोग करना चाहते हैं तो स्वागत
पुलिस के पास जो भी सूचना आती है उस पर तुरंत प्रभाव से कार्रवाई की जाती है। अभय चौटाला अगर सहयोग करते हुए पुलिस को तस्करी में लिप्त लोगों की लिस्ट देते हैं तो उनका भी स्वागत है। पुलिस जांच करके ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त एक्शन लेगी। पिछले तीन महीने में एएसपी नरेंद्र बिजारनियां के नेतृत्व में पुलिस ने तस्करों के खिलाफ स्पेशल ऑपरेशन चलाया हुआ है और इसके काफी सार्थक परिणाम सामने आए हैं। नशे की तस्करी पर लगाम लगाने के लिए पुलिस प्रशासन की ओर से कोई कमी नहीं छोड़ी जा रही। आम जनता का भी पुलिस को पूरा सहयोग मिल रहा है।
-सिमरदीप सिंह, पुलिस अधीक्षक सिरसा।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed