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फौजी ने किया थाने में सरेंडर, सेना के अधिकारी पहुंचे पूछताछ करने
Updated Mon, 27 Nov 2017 12:38 AM IST
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राइफल सहित लापता फौजी को पुलिस ने किया सेना के हवाले
मेरा इरादा हथियार से किसी को नुकसान पहुंचाना नहीं था : शमशेर
अमर उजाला ब्यूरो
ओढां।
हिमाचल की धर्मशाला के चेकपोस्ट से इंसास राइफल और मैगजीन के साथ लापता हुए बीरूवाला निवासी सिख रेजीमेंट के जवान शमशेर सिंह को रविवार सुबह हिरासत में लेते हुए सेना के हवाले किया गया। सूचना के बाद सेना के अधिकारियों ने थाने में पहुंचकर शमशेर से पूछताछ की।
गौरतलब हो कि 21 नवंबर के बाद दोपहर शमशेर सिंह धर्मशाला के चेकपोस्ट से इंसास राइफल के साथ लापता हो गया था। इस बात की जानकारी सेना की ओर से मिलने के बाद अलर्ट जारी किया गया था। शमशेर के बीरूवाला और झोरड़रोही पहुंचने की आशंका के चलते दोनों गांवों में पुलिसकर्मी तैनात किए गए थे तो वहीं सेना के अधिकारियों ने भी क्षेत्र में कई दिन तक डेरा डाले रखा था। शमशेर ने लापता होने के दो दिन बाद बठिंडा में अपने परिजनों के मार्फत राइफल और मैगजीन सेना के अधिकारियों को सौंपकर पुन: फरार हो गया था।
मेरा मकसद किसी को नुकसान पहुंचाना नहीं था
सरेंडर करने उपरांत फौजी शमशेर सिंह ने बताया कि उसका हथियार सहित भागने का मकसद किसी को नुकसान पहुंचाना नहीं था। उसने भागने की वजह बताई कि सिख रेजीमेंट के कुछ अधिकारी उसे दाड़ी और केश रखने की बात कहते हुए उसके खिलाफ कार्रवाई करने की बात कहते थे। शमशेर के मुताबिक उसे स्किन समस्या होने के कारण ऐसा करने में परेशानी हो रही थी, जिससे वह दबाव महसूस कर रहा था। सेना से भागने के बाद शमशेर ने बठिंडा और अन्य जगहों पर पनाह ली। शमशेर ने बताया कि जब उसे पता चला कि इतना बड़ा बवाल मच गया। तो उसने राइफल सौंप दी।
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खुद किया समर्पण
वहीं, शमशेर का कहना है कि उसने अपनी गलती स्वीकारते हुए बडागुढ़ा थाने में रविवार सुबह समर्पण कर दिया था। शमशेर ने सेना के अधिकारियों के समक्ष भी अपनी गलती स्वीकार कर क्षमा याचना करते हुए कहा कि वह ड्यूटी पर पुन: लौटना चाहता है। काफी देर तक पूछताछ करने उपरांत अधिकारी शमशेर और उसके पिता बलविंद्र सिंह तथा उसके भाई को अपने साथ ले गए।
शनिवार को शमशेर के बीरूवाला में आने की सूचना मिली थी, जिसके बाद हमने देर रात तक उसकी तलाश की थी लेकिन वह नहीं मिला। रविवार सुबह पुलिस ने सूचना के आधार पर गांव ढाबा के निकट उसे हिरासत में लेते हुए सेना के अधिकारियों को सूचना दी। इस मामले में जो भी कार्रवाई है वो सेना की तरफ से ही हो रही है। हमने तो सिर्फ उसे उनके हवाले किया है। सेना के अधिकारियों ने शमशेर के पिता और भाई को नोटिस किया था। शमशेर की सेना की ओर से बोर्ड ऑफ इंक्वायरी चल रही है। शमशेर के अलावा उसके पिता व भाई के बोर्ड के समक्ष बयान दर्ज किए जाएंगे। फिलहाल सेना के अधिकारी तीनोें को अपने साथ ले गए हैं।
-कंवर सिंह, एसएचओ बडागुढ़ा।
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मेरा इरादा हथियार से किसी को नुकसान पहुंचाना नहीं था : शमशेर
अमर उजाला ब्यूरो
ओढां।
हिमाचल की धर्मशाला के चेकपोस्ट से इंसास राइफल और मैगजीन के साथ लापता हुए बीरूवाला निवासी सिख रेजीमेंट के जवान शमशेर सिंह को रविवार सुबह हिरासत में लेते हुए सेना के हवाले किया गया। सूचना के बाद सेना के अधिकारियों ने थाने में पहुंचकर शमशेर से पूछताछ की।
गौरतलब हो कि 21 नवंबर के बाद दोपहर शमशेर सिंह धर्मशाला के चेकपोस्ट से इंसास राइफल के साथ लापता हो गया था। इस बात की जानकारी सेना की ओर से मिलने के बाद अलर्ट जारी किया गया था। शमशेर के बीरूवाला और झोरड़रोही पहुंचने की आशंका के चलते दोनों गांवों में पुलिसकर्मी तैनात किए गए थे तो वहीं सेना के अधिकारियों ने भी क्षेत्र में कई दिन तक डेरा डाले रखा था। शमशेर ने लापता होने के दो दिन बाद बठिंडा में अपने परिजनों के मार्फत राइफल और मैगजीन सेना के अधिकारियों को सौंपकर पुन: फरार हो गया था।
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मेरा मकसद किसी को नुकसान पहुंचाना नहीं था
सरेंडर करने उपरांत फौजी शमशेर सिंह ने बताया कि उसका हथियार सहित भागने का मकसद किसी को नुकसान पहुंचाना नहीं था। उसने भागने की वजह बताई कि सिख रेजीमेंट के कुछ अधिकारी उसे दाड़ी और केश रखने की बात कहते हुए उसके खिलाफ कार्रवाई करने की बात कहते थे। शमशेर के मुताबिक उसे स्किन समस्या होने के कारण ऐसा करने में परेशानी हो रही थी, जिससे वह दबाव महसूस कर रहा था। सेना से भागने के बाद शमशेर ने बठिंडा और अन्य जगहों पर पनाह ली। शमशेर ने बताया कि जब उसे पता चला कि इतना बड़ा बवाल मच गया। तो उसने राइफल सौंप दी।
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खुद किया समर्पण
वहीं, शमशेर का कहना है कि उसने अपनी गलती स्वीकारते हुए बडागुढ़ा थाने में रविवार सुबह समर्पण कर दिया था। शमशेर ने सेना के अधिकारियों के समक्ष भी अपनी गलती स्वीकार कर क्षमा याचना करते हुए कहा कि वह ड्यूटी पर पुन: लौटना चाहता है। काफी देर तक पूछताछ करने उपरांत अधिकारी शमशेर और उसके पिता बलविंद्र सिंह तथा उसके भाई को अपने साथ ले गए।
शनिवार को शमशेर के बीरूवाला में आने की सूचना मिली थी, जिसके बाद हमने देर रात तक उसकी तलाश की थी लेकिन वह नहीं मिला। रविवार सुबह पुलिस ने सूचना के आधार पर गांव ढाबा के निकट उसे हिरासत में लेते हुए सेना के अधिकारियों को सूचना दी। इस मामले में जो भी कार्रवाई है वो सेना की तरफ से ही हो रही है। हमने तो सिर्फ उसे उनके हवाले किया है। सेना के अधिकारियों ने शमशेर के पिता और भाई को नोटिस किया था। शमशेर की सेना की ओर से बोर्ड ऑफ इंक्वायरी चल रही है। शमशेर के अलावा उसके पिता व भाई के बोर्ड के समक्ष बयान दर्ज किए जाएंगे। फिलहाल सेना के अधिकारी तीनोें को अपने साथ ले गए हैं।
-कंवर सिंह, एसएचओ बडागुढ़ा।